केशव प्रसाद मौर्य ने डॉ. हेडगेवार को दी श्रद्धांजलि, बताया राष्ट्रसेवा और सांस्कृतिक जागरण का प्रतीक
सारांश
Key Takeaways
- डॉ. हेडगेवार का जीवन राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित था।
- उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं।
- संगठन की शक्ति और सांस्कृतिक मूल्यों का महत्व।
- समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना आवश्यक।
- समावेशी विकास के लिए समर्पण।
लखनऊ, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक केशवराव बलिराम हेडगेवार की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके विचार आज भी एक सशक्त, संगठित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की प्रेरणा प्रदान करते हैं।
केशव प्रसाद मौर्य ने गुरुवार को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास, 7-कालिदास मार्ग पर डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें गहरी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार का संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, संगठन शक्ति और सांस्कृतिक जागरण के लिए समर्पित रहा।
उन्होंने उल्लेख किया कि डॉ. हेडगेवार के विचार और उनके द्वारा स्थापित मूल्यों ने देश में राष्ट्रीय चेतना को प्रबल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके आदर्श आज भी समाज को एकता, समरसता और राष्ट्रहित की भावना से जोड़ते हैं। हमें उनके बताए मार्ग पर चलते हुए समाज के सभी वर्गों को एक साथ लेकर आगे बढ़ना चाहिए।
डिप्टी सीएम ने बताया कि डॉ. हेडगेवार के सिद्धांतों को आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए संगठन की शक्ति और सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त बनाना आवश्यक है।
उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश सरकार पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अंत्योदय के सिद्धांत पर कार्य कर रही है, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा सके।
मौर्य ने कहा कि सरकार समावेशी विकास के उद्देश्य के साथ आगे बढ़ रही है, जिससे हर वर्ग को समान अवसर मिल सके और प्रदेश के साथ-साथ देश भी प्रगति के नए आयाम स्थापित कर सके।