क्या केशव प्रसाद मौर्य ने 14 ‘लखपति दीदियों’ को सम्मानित किया?

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क्या केशव प्रसाद मौर्य ने 14 ‘लखपति दीदियों’ को सम्मानित किया?

सारांश

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 14 लखपति दीदियों को गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने के लिए सम्मानित किया। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण का प्रतीक है। जानिए इस महत्वाकांक्षी मिशन की सफलता की कहानी।

मुख्य बातें

महिला सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण कदम।
14 ‘लखपति दीदियों’ की सफलता की कहानी।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का प्रभाव।
आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रयास।
गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बनना गर्व की बात।

लखनऊ, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जुड़ी 14 ‘लखपति दीदियों’ को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इसके साथ ही उन्हें दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में विशेष अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

उप मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को अपने सरकारी आवास संख्या–7, कालिदास मार्ग से ‘लखपति दीदियों’ के दल को दिल्ली के लिए विदा किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह उत्तर प्रदेश के लिए गर्व की बात है कि राज्य की ग्रामीण महिलाएं अपनी मेहनत और आत्मनिर्भरता से देश के बड़े राष्ट्रीय समारोह का हिस्सा बन रही हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में महिला सशक्तिकरण की दिशा में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है, जिसने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम और आत्मनिर्भर बनाया है। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मिशन के माध्यम से महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आजीविका के स्थायी साधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

इसके परिणामस्वरूप, लाखों महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि वे समाज में अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन रही हैं। उन्होंने कहा कि अब तक प्रदेश में 1.09 करोड़ से अधिक ग्रामीण गरीब परिवारों की महिलाओं को इस मिशन से जोड़ा गया है। राज्य में 9.11 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूह, 63,519 ग्राम संगठन और 3,272 क्लस्टर स्तरीय संघ गठित किए जा चुके हैं।

आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में स्वयं सहायता समूहों को 1225 करोड़ रुपये का रिवॉल्विंग फंड तथा 7610 करोड़ रुपये की सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) उपलब्ध कराई गई है। ‘लखपति महिला योजना’ के तहत अब तक 33 लाख से अधिक महिलाओं का चिन्हांकन किया गया है, जिनमें से 18 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति’ श्रेणी में शामिल हो चुकी हैं।

गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने वाली 14 ‘लखपति दीदियों’ में गोरखपुर, झांसी, बिजनौर, कौशाम्बी, अलीगढ़, चित्रकूट, इटावा, सम्भल, रायबरेली और देवरिया जनपदों की महिलाएं शामिल हैं, जो ई-रिक्शा संचालन, पशुपालन, दुग्ध व्यवसाय, कृषि, कैफे संचालन, मसाला निर्माण, सौंदर्य प्रसाधन, गो-आधारित उत्पाद, प्रेरणा कैंटीन और अन्य नवाचारी उद्यमों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुकी हैं।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सभी ‘लखपति दीदियों’ को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इन महिलाओं की सफलता प्रदेश की अन्य ग्रामीण महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देगी और उत्तर प्रदेश महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में देश में अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा। इसके बाद उन्होंने बस में सवार होकर स्वयं हरी झंडी दिखाकर दल को दिल्ली के लिए रवाना किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह देश भर में समानता और अवसरों के वितरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कौन हैं ‘लखपति दीदियां’?
‘लखपति दीदियां’ वे महिलाएं हैं जो राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं।
गणतंत्र दिवस परेड में इनका क्या महत्व है?
इनका गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेना महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास का प्रतीक है।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य क्या है?
इस मिशन का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें स्वयं सहायता समूहों से जोड़ना है।
राष्ट्र प्रेस
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