केशव प्रसाद मौर्य का विपक्ष पर तीखा प्रहार: 77% ग्राम पंचायतों ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को दी मंजूरी
सारांश
Key Takeaways
उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 30 अप्रैल 2026 को लखनऊ स्थित विधान परिषद में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पर सरकार की उपलब्धियाँ गिनाते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की 57,694 ग्राम पंचायतों में से 44,968 (77.94 प्रतिशत) और 826 विकास खंडों में से 671 (81 प्रतिशत) ने इस अधिनियम के समर्थन में प्रस्ताव पारित किए हैं।
अधिनियम को मिला व्यापक ग्रामीण समर्थन
मौर्य ने सदन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाया गया 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने बताया कि 75 में से 63 जिला पंचायतों ने भी इस अधिनियम का स्वागत किया है। उनके अनुसार, ग्राम पंचायतों, विकास खंडों और जिला पंचायतों के इन प्रस्तावों से स्पष्ट होता है कि ग्रामीण उत्तर प्रदेश ने इस कानून को व्यापक स्वीकृति दी है।
ओबीसी और पिछड़े वर्गों पर भाजपा का दावा
उप-मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जातीय जनगणना का निर्णय भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार का है, जबकि विपक्ष केवल पिछड़ों के हितैषी होने का दिखावा करता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया, नीट परीक्षा में ओबीसी आरक्षण लागू किया और क्रीमी लेयर की सीमा बढ़ाकर ₹8 लाख की। मौर्य ने स्पष्ट किया कि भाजपा धर्म के आधार पर आरक्षण के पक्ष में नहीं है और विपक्ष पर 'तुष्टीकरण की राजनीति' करने का आरोप लगाया।
पूर्ववर्ती सरकार पर कानून-व्यवस्था का आरोप
पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार पर हमला बोलते हुए मौर्य ने कहा कि उस दौर में प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब थी और लोग भय के माहौल में जीते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि तब अपराधियों को संरक्षण मिलता था। गौरतलब है कि मौर्य ने अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी जैसे माफियाओं के खिलाफ की गई कड़ी कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि अब प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है।
डबल इंजन सरकार और समावेशी राजनीति
मौर्य ने कहा कि 'डबल इंजन' सरकार के कार्यकाल में अपराधी या तो जेल में हैं या प्रदेश छोड़ चुके हैं। उन्होंने बताया कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भाजपा ने बड़ी संख्या में ओबीसी और महिला उम्मीदवारों को मौका दिया, जिनमें से कई विजयी हुए। विपक्ष पर परिवारवाद और वोट-बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि देश अब 'नारी शक्ति' और 'विकास' के एजेंडे पर आगे बढ़ रहा है।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ धीरे-धीरे शुरू होने लगी हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर ग्रामीण स्तर पर समर्थन जुटाने की यह कवायद भाजपा की चुनावी रणनीति का हिस्सा भी मानी जा रही है।