4 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

स्वामी विवेकानंद पुण्यतिथि: PM मोदी, राजनाथ सिंह समेत कई केंद्रीय मंत्रियों ने किया नमन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
स्वामी विवेकानंद पुण्यतिथि: PM मोदी, राजनाथ सिंह समेत कई केंद्रीय मंत्रियों ने किया नमन

सारांश

स्वामी विवेकानंद के निर्वाण दिवस पर 4 जुलाई को PM मोदी से लेकर राजनाथ सिंह, शिवराज सिंह चौहान, जेपी नड्डा और धर्मेंद्र प्रधान तक — पूरी केंद्र सरकार ने एक्स पर नमन किया। 1902 में इसी दिन दिवंगत हुए स्वामी जी का 'उठो, जागो' का संदेश आज भी राष्ट्रीय विमर्श में जीवित है।

मुख्य बातें

4 जुलाई को स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत पाँच केंद्रीय मंत्रियों ने एक्स पर श्रद्धांजलि दी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्वामी जी को सनातन विचारधारा के वैश्विक दूत बताया।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वामी जी का प्रसिद्ध उद्धरण साझा करते हुए उन्हें अपनी बचपन की प्रेरणा बताया।
स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने युवाओं में राष्ट्रभक्ति जगाने के उनके योगदान को रेखांकित किया।
स्वामी विवेकानंद का निधन 4 जुलाई 1902 को हुआ था; उनका जन्मदिन 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है।

4 जुलाई को स्वामी विवेकानंद के निर्वाण दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने स्वामी जी के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रनिर्माण में योगदान को स्मरण किया और युवाओं के लिए उनकी प्रासंगिकता को रेखांकित किया।

प्रधानमंत्री मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, 'स्वामी विवेकानंद जी के निर्वाण दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और राष्ट्र-चेतना को वैश्विक पहचान दिलाने में उनका योगदान अतुलनीय है।' उन्होंने आगे कहा कि स्वामी जी के आध्यात्मिक संदेश 'विकसित भारत' के निर्माण के संकल्प को नई ऊर्जा एवं दिशा प्रदान करते रहेंगे और करोड़ों युवाओं का मार्गदर्शन जारी रखेंगे।

रक्षा मंत्री और अन्य मंत्रियों की श्रद्धांजलि

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा कि स्वामी विवेकानंद जी ने भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और सनातन विचारधारा की गौरवशाली परंपरा को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि स्वामी जी का विश्वास था कि 'सशक्त, संस्कारित और आत्मविश्वासी नागरिक राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं।'

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वामी जी को 'भारतीय स्वाभिमान की वैश्विक प्राण प्रतिष्ठा करने वाले महान आध्यात्मिक गुरु' बताते हुए श्रद्धांजलि दी। उन्होंने स्वामी जी का प्रसिद्ध उद्धरण साझा किया — 'तुम केवल साढ़े तीन हाथ के हाड़-माँस के पुतले नहीं हो। तुम ईश्वर के अंश हो, तुम अमृत के पुत्र हो, तुम अनंत शक्तियों के भंडार हो।' चौहान ने कहा कि स्वामी जी बचपन से उनकी प्रेरणा रहे हैं।

स्वास्थ्य एवं शिक्षा मंत्री के विचार

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने एक्स पर स्वामी जी को 'युगद्रष्टा' बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने अद्वितीय ज्ञान और ओजस्वी व्यक्तित्व से भारतीय संस्कृति की महानता का संदेश संपूर्ण विश्व तक पहुँचाया। नड्डा के अनुसार स्वामी जी ने करोड़ों युवाओं के मन में आत्मविश्वास, राष्ट्रभक्ति और मानव सेवा का भाव जागृत किया।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि स्वामी जी के ओजस्वी विचारों ने भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाई और उनका जीवन आत्मविश्वास, राष्ट्रप्रेम एवं मानव सेवा के मार्ग पर प्रेरणा देता है।

स्वामी विवेकानंद का ऐतिहासिक महत्त्व

गौरतलब है कि स्वामी विवेकानंद का निधन 4 जुलाई 1902 को हुआ था। 1893 में शिकागो की विश्व धर्म संसद में उनके ऐतिहासिक भाषण ने भारतीय दर्शन और वेदांत को वैश्विक मंच पर स्थापित किया था। उनका जन्मदिन 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। हर वर्ष उनकी पुण्यतिथि पर राजनीतिक और सामाजिक जगत से श्रद्धांजलि का यह क्रम भारतीय सार्वजनिक जीवन में उनकी स्थायी प्रासंगिकता को दर्शाता है।

स्वामी जी का 'उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए' का संदेश आज भी नीति-निर्माताओं से लेकर युवाओं तक के लिए मार्गदर्शक बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सामाजिक समरसता और युवा सशक्तिकरण की बात की, उनके मापने योग्य संकेतकों पर बहस होनी चाहिए। श्रद्धांजलि की गहराई तब सिद्ध होगी जब 'उठो, जागो' का संदेश केवल भाषणों में नहीं, बल्कि युवा रोज़गार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सामाजिक न्याय की नीतियों में भी प्रतिबिंबित हो।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि कब है और इसे क्यों मनाया जाता है?
स्वामी विवेकानंद का निधन 4 जुलाई 1902 को हुआ था, इसलिए इस दिन को उनके निर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है। उनके आध्यात्मिक, दार्शनिक और राष्ट्रीय योगदान को याद करने के लिए प्रतिवर्ष देशभर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
PM मोदी ने स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि में क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा कि स्वामी जी का भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और राष्ट्र-चेतना को वैश्विक पहचान दिलाने में योगदान अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि स्वामी जी के आध्यात्मिक संदेश 'विकसित भारत' के निर्माण को नई ऊर्जा देते रहेंगे।
किन-किन केंद्रीय मंत्रियों ने विवेकानंद पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक्स पर श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने स्वामी जी के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत होने और भारतीय संस्कृति को वैश्विक मंच पर स्थापित करने के योगदान को रेखांकित किया।
स्वामी विवेकानंद का भारतीय युवाओं के लिए क्या संदेश है?
'उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए' — यह स्वामी विवेकानंद का सर्वाधिक प्रसिद्ध संदेश है। उनका 12 जनवरी को जन्मदिन राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो युवाओं के प्रति उनकी विरासत को दर्शाता है।
स्वामी विवेकानंद का वैश्विक योगदान क्या था?
1893 में शिकागो की विश्व धर्म संसद में दिए उनके ऐतिहासिक भाषण ने भारतीय वेदांत और दर्शन को पहली बार पश्चिमी जगत में व्यापक पहचान दिलाई। उन्होंने देशभक्ति, समाज सेवा, नैतिक विकास और चरित्र निर्माण का संदेश दिया, जो आज भी प्रासंगिक है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 घंटे पहले
  2. 3 घंटे पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले