उज्जैन शाही मस्जिद विवाद: वीएचपी का आरोप — 'माहौल बिगाड़ने की सुनियोजित साज़िश'
सारांश
मुख्य बातें
उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों के तहत चल रहे सड़क-चौड़ीकरण अभियान का एक हिस्सा गंभीर विवाद में बदल गया है, जब शाही मस्जिद के एक अंश को हटाने की कार्रवाई के विरोध में पत्थरबाज़ी की घटना सामने आई। विश्व हिंदू परिषद (VHP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने 29 सितंबर 2026 को आरोप लगाया कि यह महज़ अतिक्रमण-हटाने का विरोध नहीं, बल्कि 'सुनियोजित तरीके से धार्मिक नगरी का माहौल बिगाड़ने' की कोशिश है। उनके अनुसार उक्त योजना के तहत अब तक 80 धार्मिक स्थल हटाए जा चुके हैं, जिनमें अधिकांश हिंदू धार्मिक स्थल हैं।
विवाद का पूरा संदर्भ
उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ से पूर्व स्थानीय प्रशासन एवं सरकार ने शहर को सुंदर और सुगम बनाने के लिए सड़क-चौड़ीकरण परियोजना शुरू की है। इस परियोजना के अंतर्गत अब तक 80 धार्मिक स्थलों को हटाया जा चुका है। विनोद बंसल के अनुसार, इनमें से अधिकांश हिंदू धार्मिक स्थल हैं।
विवाद तब भड़का जब उसी अभियान के तहत शाही मस्जिद के 10 प्रतिशत हिस्से को हटाने की बारी आई। बंसल ने दावा किया कि शहर काज़ी ने स्वयं इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी, लेकिन कथित तौर पर कट्टरपंथी तत्वों ने भीड़ को भड़काया, जिसके परिणामस्वरूप पत्थरबाज़ी की घटना हुई।
वीएचपी प्रवक्ता के मुख्य आरोप
विनोद बंसल ने कहा कि जिस मस्जिद को लेकर यह तनाव उत्पन्न हुआ, उसका केवल 10 फीसदी हिस्सा ही मस्जिद कमेटी को हटाना था। उन्होंने आरोप लगाया कि 'अलगाववादी और कट्टरपंथी सोच वाले तत्वों' ने लोगों को गुमराह कर माहौल बिगाड़ा और 'कश्मीर घाटी जैसी पत्थरबाज़ी' का दृश्य उत्पन्न किया।
उन्होंने कहा, 'उज्जैन एक धार्मिक शहर है। वहां सिंहस्थ कुंभ होने वाला है। इसके लिए सरकार और स्थानीय प्रशासन ने सड़क चौड़ी करने और सुंदर बनाने का प्लान बनाया है। उस प्लान के तहत अब तक इलाके की 80 धार्मिक जगहों को हटाया जा चुका है। उनमें से ज़्यादातर हिंदू हैं।'
कांग्रेस और तेलंगाना CM पर निशाना
बंसल ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि रेड्डी 'जिहादी तुष्टिकरण की नीति' में लगे हैं और कांग्रेस का यह रवैया नया नहीं है।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस हिंदू देवी-देवताओं को राजनीतिक विभाजन का औजार बना रही है और उत्तर-दक्षिण भारत के बीच फूट डालने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने पार्टी से अपील की कि 'कम से कम देवी-देवताओं को राजनीति से बाहर रखें।'
आम जनता पर असर
सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों के बीच उज्जैन में सांप्रदायिक तनाव का माहौल बनना स्थानीय व्यापारियों और श्रद्धालुओं दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है। महाकालेश्वर मंदिर क्षेत्र में लाखों तीर्थयात्री आने की उम्मीद है, ऐसे में किसी भी तनाव का सीधा असर कुंभ की तैयारियों और पर्यटन पर पड़ सकता है।
गौरतलब है कि सड़क-चौड़ीकरण परियोजना धार्मिक भेद किए बिना सभी अतिक्रमणों को हटाने के उद्देश्य से बनाई गई थी, लेकिन एक विशेष मामले में हुई हिंसा ने पूरी परियोजना को विवादास्पद बना दिया है।
क्या होगा आगे
स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है, हालांकि संवेदनशील इलाकों में सुरक्षाबल तैनात हैं। सिंहस्थ कुंभ से पहले सड़क-चौड़ीकरण कार्य पूरा किए जाने का लक्ष्य है, और अधिकारियों के अनुसार परियोजना जारी रहेगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन शेष अतिक्रमण-हटाने की प्रक्रिया को किस प्रकार संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ाता है।