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उज्जैन शाही मस्जिद विवाद: एक नेता ने दी खून बहाने की चेतावनी, कांग्रेस विधायक बोले — मस्जिद महफूज़ रहेगी

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उज्जैन शाही मस्जिद विवाद: एक नेता ने दी खून बहाने की चेतावनी, कांग्रेस विधायक बोले — मस्जिद महफूज़ रहेगी

सारांश

सिंहस्थ कुंभ 2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन की 630 साल पुरानी शाही मस्जिद पर सड़क चौड़ीकरण का विवाद दो धाराओं में बँट गया है — एक तरफ कथित हिंसा की चेतावनी, दूसरी तरफ कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद की संयम की अपील। मामला न्यायालय में है और यथास्थिति बरकरार है।

मुख्य बातें

उज्जैन की 630 साल पुरानी शाही मस्जिद के पास सिंहस्थ कुंभ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण का विवाद उठा।
तहरीक मुस्लिम शब्बान के अध्यक्ष मौलाना मुश्ताक मलिक ने कथित तौर पर विवादित और हिंसा की ओर इशारा करने वाला बयान दिया।
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा — मस्जिद सुरक्षित है, कोर्ट में याचिका दायर है और यथास्थिति बनाए रखी जाएगी।
प्रशासन के अनुसार फिलहाल केवल तीन फीट चौड़ीकरण पर सहमति बनी है; मामला न्यायालय के अधीन है।
मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है; स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है।

उज्जैन की 630 साल पुरानी शाही मस्जिद को लेकर सिंहस्थ कुंभ 2028 की तैयारियों के बीच छिड़ा सड़क चौड़ीकरण विवाद अब दो परस्पर विरोधी आवाज़ों में बँट गया है — एक तरफ कथित तौर पर हिंसा की चेतावनी, दूसरी तरफ संयम और कानूनी रास्ते की अपील। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच 28 सितंबर 2026 को स्थिति तनावपूर्ण बनी रही, जबकि न्यायालय में सुनवाई जारी है।

विवाद की जड़: सड़क चौड़ीकरण और ऐतिहासिक मस्जिद

कुंभ मेले की बुनियादी ढाँचागत तैयारियों के तहत उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण की योजना बनाई गई, जो शहर की 630 साल पुरानी शाही मस्जिद के आसपास की ज़मीन को प्रभावित करती है। मुस्लिम पक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया में चुनिंदा रूप से धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है। प्रशासन के अनुसार, फिलहाल केवल तीन फीट तक चौड़ीकरण पर सहमति बनी है।

यह ऐसे समय में आया है जब सिंहस्थ कुंभ 2028 के लिए उज्जैन में व्यापक निर्माण और पुनर्विकास कार्य जारी हैं। गौरतलब है कि ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों और विकास योजनाओं के बीच का यह टकराव देश के कई शहरों में देखा जा चुका है।

तहरीक मुस्लिम शब्बान का विवादित बयान

तहरीक मुस्लिम शब्बान के अध्यक्ष मौलाना मुश्ताक मलिक ने आरोप लगाया कि कुंभ मेले के नाम पर मस्जिद को गिराने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने कहा, 'हिंदू कुंभ मेले के लिए उज्जैन की 630 साल पुरानी ऐतिहासिक शाही मस्जिद को गिराने की कोशिश की जा रही थी। आखिर में सिर्फ तीन फीट बढ़ाने पर फैसला हुआ। अब अगर तीन फीट और बढ़ाया गया, तो समझ लीजिए कि सड़क चौड़ी होगी, जबकि उसके आगे एक मंदिर भी है — लेकिन मंदिर को कोई खतरा नहीं दिख रहा है, जो अभी-अभी बना है।'

मौलाना मुश्ताक ने कथित तौर पर एक विवादित और हिंसा की ओर इशारा करने वाला बयान भी दिया, जिसकी व्यापक आलोचना हुई। उन्होंने यह भी कहा कि भारी पुलिस तैनाती ने इलाके का माहौल 'सीमा पर युद्ध जैसा' बना दिया था।

कांग्रेस विधायक की शांति की अपील

इसके विपरीत, कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने संयमित रुख अपनाते हुए कहा कि मस्जिद को न तोड़ा जाएगा, न किसी को छूने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि न्यायालय में तत्काल सुनवाई के दौरान प्रतिनिधि समिति के दो सदस्यों ने अलग-अलग याचिकाएँ दायर कीं — एक पहले से दाखिल थी, दूसरी तत्काल सुनवाई के लिए प्रस्तुत की गई।

मसूद ने जनता से अपील की कि वे प्रतिनिधि समिति और काज़ी की अपील का पालन करें और जब तक कोई आधिकारिक घोषणा न हो, तब तक कोई विरोध प्रदर्शन न करें। उन्होंने स्पष्ट किया, 'मस्जिद में कोई दखल नहीं दिया जाएगा, और हम पूरा सहयोग करेंगे।'

कानूनी स्थिति और प्रशासनिक तैयारी

न्यायालय में सुनवाई के बाद फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने का आदेश प्रभावी है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, जिससे इलाके में तनाव भले ही बना हो, किंतु कोई बड़ी अप्रिय घटना अभी तक नहीं हुई। प्रशासन की ओर से जाँच की बात कही गई है कि घटनाक्रम किस प्रकार आगे बढ़ा।

आगे की राह

मामला अभी न्यायालय के अधीन है और अगली सुनवाई निर्णायक हो सकती है। दोनों पक्षों के बीच जहाँ एक ओर उग्र बयानबाज़ी जारी है, वहीं दूसरी ओर कानूनी और संवैधानिक रास्ते से समाधान की कोशिश भी हो रही है। सिंहस्थ कुंभ 2028 के मद्देनज़र उज्जैन प्रशासन के सामने ऐतिहासिक विरासत और विकास कार्यों में संतुलन बैठाने की चुनौती बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहीं कोर्ट की यथास्थिति और विधायक की संयमित भूमिका यह संकेत देती है कि संस्थागत रास्ते अभी भी काम कर रहे हैं। असली चुनौती यह है कि कुंभ की तैयारियाँ और संवैधानिक संरक्षण एक-दूसरे को काटे बिना आगे बढ़ें।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उज्जैन शाही मस्जिद विवाद क्या है?
सिंहस्थ कुंभ 2028 की तैयारियों के लिए उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण की योजना है, जो शहर की 630 साल पुरानी शाही मस्जिद के आसपास के क्षेत्र को प्रभावित करती है। मुस्लिम संगठनों का आरोप है कि धार्मिक स्थलों को चुनिंदा तरीके से निशाना बनाया जा रहा है, जिसके बाद विवाद कानून-व्यवस्था की बहस में बदल गया।
मौलाना मुश्ताक मलिक ने क्या विवादित बयान दिया?
तहरीक मुस्लिम शब्बान के अध्यक्ष मौलाना मुश्ताक मलिक ने कथित तौर पर मस्जिद पर किसी भी आगे की कार्रवाई के खिलाफ हिंसा की ओर इशारा करने वाला बयान दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मस्जिद को गिराने की कोशिश की गई, जबकि उसी क्षेत्र में एक नए बने मंदिर को कोई नुकसान नहीं पहुँचाया जा रहा।
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद का क्या कहना है?
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि मस्जिद को तोड़ा नहीं जाएगा और कोर्ट में याचिका दाखिल है। उन्होंने जनता से अपील की कि जब तक प्रतिनिधि समिति और काज़ी कोई घोषणा न करें, तब तक कोई विरोध प्रदर्शन न हो।
इस मामले में कोर्ट की क्या भूमिका है?
न्यायालय में तत्काल सुनवाई हुई, जिसमें प्रतिनिधि समिति की ओर से दो अलग-अलग याचिकाएँ दाखिल की गईं। फिलहाल कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने का आश्वासन दिया है और मामले की सुनवाई जारी है।
सिंहस्थ कुंभ 2028 और इस विवाद का क्या संबंध है?
सिंहस्थ कुंभ 2028 के लिए उज्जैन में बड़े पैमाने पर सड़क और बुनियादी ढाँचे का विस्तार किया जा रहा है। इसी प्रक्रिया में शाही मस्जिद के पास सड़क चौड़ीकरण की योजना बनी, जो इस विवाद की मूल वजह है।
राष्ट्र प्रेस
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