NIA का पश्चिम बंगाल में बड़ा एक्शन: JMB स्लीपर सेल मामले में 4 गिरफ्तार, इमाम भी हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को पश्चिम बंगाल में समन्वित छापेमारी अभियान चलाते हुए संदिग्ध आतंकी कनेक्शन के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) के कथित स्लीपर सेल का पर्दाफाश करने के लिए जारी जाँच का हिस्सा है। गिरफ्तार लोगों में एक मस्जिद का इमाम और तीन अन्य व्यक्ति शामिल हैं।
मुख्य गिरफ्तारियाँ और पहचान
सबसे पहले एजेंसी ने पूर्वी बर्दवान जिले के मंगलकोट पुलिस स्टेशन क्षेत्र के पालिशग्राम गाँव की एक मस्जिद से जुड़े इमाम पियार मोहम्मद शेख को संदिग्ध आतंकी कनेक्शन के आधार पर हिरासत में लिया।
इसके बाद NIA की अलग-अलग टीमों ने तीन और संदिग्धों को दबोचा। जुम्मन शेख को मीठापुकुर से, शहरुल पुरकैत को बलरामपुर से और अब्दुल रफीक को दक्षिण 24 परगना जिले के नरेंद्रपुर से गिरफ्तार किया गया।
जाँचकर्ताओं के अनुसार, अब्दुल रफीक मूल रूप से असम के बारपेटा का निवासी है और बांग्लादेश स्थित आतंकी संगठन 'पूर्ब आकाश' (ईस्टर्न स्काई) का कथित तौर पर सक्रिय सदस्य है। जुम्मन शेख दर्जी का काम करता था।
छापेमारी की पृष्ठभूमि और जाँच का दायरा
यह छापेमारी पड़ोसी राज्य असम में दर्ज एक मामले से जुड़ी है। पिछले हफ्ते NIA ने असम में एक युवक को संदिग्ध आतंकी गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह JMB का सक्रिय सदस्य था।
अधिकारियों के अनुसार, असम में गिरफ्तार युवक से जब्त दस्तावेजों से पश्चिम बंगाल में सक्रिय JMB मॉड्यूल के बारे में महत्त्वपूर्ण सुराग मिले। उसी जानकारी के आधार पर मंगलवार सुबह पश्चिम बंगाल के पाँच ठिकानों पर एक साथ तलाशी और छापेमारी अभियान चलाया गया।
JMB का कथित नेटवर्क और खतरा
जाँच में कथित तौर पर यह भी सामने आया कि JMB पश्चिम बंगाल में स्लीपर सेल तैयार करने की कोशिश कर रहा था। संगठन पर आरोप है कि वह एक विशेष समुदाय के युवाओं का ब्रेनवॉश करके उन्हें बांग्लादेश स्थित इस प्रतिबंधित संगठन में भर्ती करने के लिए उकसा रहा था।
गौरतलब है कि जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) एक प्रतिबंधित चरमपंथी संगठन है, जिसे भारत सहित कई देशों में आतंकी संगठन घोषित किया गया है। पश्चिम बंगाल की बांग्लादेश से लगती सीमा के कारण यह राज्य इस संगठन की घुसपैठ के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है।
आगे क्या होगा
NIA अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जाँच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं। एजेंसी दोनों राज्यों — पश्चिम बंगाल और असम — में सक्रिय कथित स्लीपर सेल नेटवर्क की पूरी कड़ी जोड़ने में लगी है। यह मामला भारत की आंतरिक सुरक्षा एजेंसियों के लिए सीमा-पार कट्टरपंथ की बढ़ती चुनौती को उजागर करता है।