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JMB के 4 संदिग्ध गिरफ्तार: NIA की पश्चिम बंगाल के ब्रेनवाश युवाओं पर नज़र

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JMB के 4 संदिग्ध गिरफ्तार: NIA की पश्चिम बंगाल के ब्रेनवाश युवाओं पर नज़र

सारांश

NIA ने पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्दवान और दक्षिण 24 परगना से JMB के चार संदिग्धों को दबोचा। 'पूर्ब आकाश' टेलीग्राम चैनल और एन्क्रिप्टेड चैट से चलने वाले इस भर्ती नेटवर्क ने राज्य के युवाओं को निशाना बनाया था — अब उनकी पूरी सूची जाँचकर्ताओं के हाथ है।

मुख्य बातें

NIA ने 1 अक्टूबर 2026 को पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्दवान और दक्षिण 24 परगना से JMB के 4 संदिग्धों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद शेख (इमाम, मंगलकोट), जुम्मन शेख , शहरुल पुरकैत और अब्दुल रफीक के रूप में हुई।
कथित तौर पर 'पूर्ब आकाश' नामक टेलीग्राम चैनल के ज़रिए युवाओं को कट्टरपंथी बनाया जाता था, फिर एन्क्रिप्टेड चैट से निर्देश दिए जाते थे।
बरामद दस्तावेज़ों में राज्य के विभिन्न जिलों के ब्रेनवाश किए गए युवाओं के नाम शामिल हैं।
संदिग्धों ने क्राउडफंडिंग के ज़रिए संगठन के लिए धन जुटाना भी शुरू कर दिया था।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने 1 अक्टूबर 2026 को पश्चिम बंगाल से उग्रवादी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) के चार संदिग्ध सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद राज्य के उन युवाओं की ट्रैकिंग शुरू कर दी है, जिन्हें कथित तौर पर इस प्रतिबंधित संगठन में भर्ती के लिए ब्रेनवाश किया गया था। सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार संदिग्धों के पास से बरामद दस्तावेज़ों में राज्य के विभिन्न जिलों के ऐसे युवाओं के नाम दर्ज हैं, जो इन चारों के नियमित संपर्क में थे।

गिरफ्तारी का विवरण

NIA ने पूर्वी बर्दवान और दक्षिण 24 परगना जिलों से चार आरोपियों को हिरासत में लिया। पूर्वी बर्दवान के मंगलकोट इलाके से मोहम्मद शेख — जो पेशे से इमाम हैं — को आतंकवादी संबंधों के संदेह में गिरफ्तार किया गया। दक्षिण 24 परगना से गिरफ्तार तीन अन्य आरोपियों की पहचान जुम्मन शेख, शहरुल पुरकैत और अब्दुल रफीक के रूप में हुई है।

जाँच अधिकारियों ने इन चारों के पास से कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं, जिनकी फोरेंसिक जाँच की जा रही है।

भर्ती की कार्यप्रणाली

सूत्रों के अनुसार, JMB के इन सहयोगियों ने पश्चिम बंगाल के एक विशेष समुदाय के कमज़ोर और प्रभावशाली युवाओं को निशाना बनाने के लिए एक सुव्यवस्थित तरीका अपनाया था। पहले चरण में 'पूर्ब आकाश' नामक टेलीग्राम चैनल के माध्यम से JMB का कट्टरपंथी संदेश फैलाया जाता था।

जो युवा इन संदेशों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते थे, उनसे गिरफ्तार संदिग्ध व्यक्तिगत रूप से या छोटे समूहों में मिलते थे। इसके बाद एन्क्रिप्टेड चैट के ज़रिए यह बताया जाता था कि देश के विभिन्न हिस्सों में नेटवर्क विस्तार और तोड़फोड़ जैसी गतिविधियाँ कैसे अंजाम दी जाएँ।

वित्तपोषण और संसाधन जुटाना

जाँच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों ने क्राउडफंडिंग के माध्यम से संगठन के लिए धन जुटाना शुरू कर दिया था। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियाँ बांग्लादेश से सटे सीमावर्ती राज्यों में कट्टरपंथी संगठनों की गतिविधियों पर पैनी नज़र रख रही हैं।

गौरतलब है कि JMB पर भारत में पहले भी कई आतंकवादी हमलों की साजिश रचने के आरोप लगते रहे हैं और यह संगठन लंबे समय से NIA की निगरानी सूची में है।

NIA की आगे की कार्रवाई

एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, बरामद दस्तावेज़ों में दर्ज युवाओं की सूची के आधार पर राज्य के अलग-अलग जिलों में तलाशी और पूछताछ का दौर जारी है। जाँचकर्ताओं का मानना है कि ब्रेनवाश की प्रक्रिया से गुज़रे कुछ युवाओं का अभी तक संगठन से सक्रिय संपर्क बना हुआ हो सकता है।

इस मामले की जाँच का दायरा पश्चिम बंगाल से आगे बढ़कर बांग्लादेश में बैठे कथित संचालकों तक जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह दर्शाती है। बरामद सूचियाँ बताती हैं कि असली समस्या चार गिरफ्तार लोगों से कहीं बड़ी है — और NIA की असली परीक्षा अब उन युवाओं तक पहुँचने में है जो अभी तक कानूनी दायरे में नहीं आए। काउंटर-रेडिकलाइज़ेशन के बिना गिरफ्तारियाँ अधूरा जवाब हैं।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NIA ने पश्चिम बंगाल में JMB के किन संदिग्धों को गिरफ्तार किया?
NIA ने 1 अक्टूबर 2026 को चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया — पूर्वी बर्दवान के मंगलकोट से इमाम मोहम्मद शेख, और दक्षिण 24 परगना से जुम्मन शेख, शहरुल पुरकैत तथा अब्दुल रफीक। इन सभी पर जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) से जुड़े होने का संदेह है।
JMB के संदिग्ध पश्चिम बंगाल के युवाओं को कैसे ब्रेनवाश करते थे?
'पूर्ब आकाश' नाम के टेलीग्राम चैनल के ज़रिए कट्टरपंथी संदेश फैलाए जाते थे। जो युवा इन संदेशों पर प्रतिक्रिया देते थे, उनसे व्यक्तिगत या छोटे समूहों में संपर्क कर ब्रेनवाश किया जाता था और बाद में एन्क्रिप्टेड चैट के ज़रिए आतंकवादी गतिविधियों के निर्देश दिए जाते थे।
NIA को गिरफ्तार संदिग्धों के पास से क्या बरामद हुआ?
जाँचकर्ताओं ने कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री बरामद की है। इसके अलावा ऐसे दस्तावेज़ भी मिले हैं जिनमें राज्य के विभिन्न जिलों के उन युवाओं के नाम हैं जो इन संदिग्धों के संपर्क में थे।
JMB क्या है और यह भारत के लिए क्यों ख़तरनाक है?
जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) एक प्रतिबंधित कट्टरपंथी संगठन है जो बांग्लादेश में स्थित है। यह संगठन भारत में, विशेषकर पश्चिम बंगाल जैसे सीमावर्ती राज्यों में, अपना नेटवर्क फैलाने और स्थानीय युवाओं को भर्ती करने की कोशिशों के कारण NIA की निगरानी सूची में है।
इस मामले में NIA आगे क्या कदम उठाएगी?
सूत्रों के अनुसार, बरामद दस्तावेज़ों में दर्ज युवाओं की सूची के आधार पर राज्य के विभिन्न जिलों में पूछताछ और तलाशी जारी है। जाँच का दायरा बांग्लादेश में बैठे कथित संचालकों तक बढ़ सकता है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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