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क्या असम और त्रिपुरा में बांग्लादेशी जिहादी आतंकी संगठन से जुड़े 11 आरोपी गिरफ्तार हुए?

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क्या असम और त्रिपुरा में बांग्लादेशी जिहादी आतंकी संगठन से जुड़े 11 आरोपी गिरफ्तार हुए?

सारांश

गुवाहाटी, 30 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। असम पुलिस ने बांग्लादेशी जिहादी आतंकी संगठन से जुड़े 11 लोगों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई असम और त्रिपुरा में की गई। जानिए इस मामले में क्या है खास और किस तरह से ये लोग जुड़े थे।

मुख्य बातें

असम पुलिस ने 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी असम और त्रिपुरा में की गई।
ये आरोपी कट्टरपंथी ग्रुप से जुड़े थे।
गिरफ्तार आरोपियों का सामाजिक संपर्क व्हाट्सऐप के जरिए था।
आईएमके की गतिविधियाँ भारत में बढ़ रही हैं।

गुवाहाटी, 30 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए बांग्लादेश-आधारित जिहादी आतंकी संगठन इमाम महमूदेर काफिला (आईएमके) से जुड़े 11 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां असम के बारपेटा, चिरांग, बक्सा और दर्रांग जिलों के साथ ही पड़ोसी राज्य त्रिपुरा में की गईं।

इमाम महमूदेर काफिला (आईएमके), प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) की एक शाखा है, जिस पर भारत में पहले से प्रतिबंध लगा हुआ है।

असम पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि खुफिया इनपुट के आधार पर 29 दिसंबर की रात एसटीएफ और असम पुलिस की संयुक्त टीमों ने कई स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान असम के चार जिलों से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक आरोपी त्रिपुरा के पश्चिमी त्रिपुरा जिले के सीमावर्ती गांव जयपुर से पकड़ा गया।

जांच में यह पाया गया है कि गिरफ्तार आरोपी ‘पूर्वा आकाश’ नामक एक व्हाट्सऐप ग्रुप के माध्यम से जुड़े हुए थे। इस ग्रुप का उपयोग आपसी संपर्क, कट्टरपंथी विचारधारा के प्रचार और असम व त्रिपुरा में सक्रिय सदस्यों के बीच समन्वय के लिए किया जा रहा था।

अधिकारी ने बताया कि आईएमके के नेतृत्व द्वारा तैयार किए गए कट्टरपंथी साहित्य, जिनमें ‘सर्वभौमो’, ‘खामातार मालिक अल्लाह’ और ‘ग़ज़वतुल हिंद एर संक्षिप्त आलोचना’ जैसी रचनाएं शामिल हैं, को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यवस्थित ढंग से फैलाया जा रहा था। असम में यह सामग्री ‘पूर्वा आकाश’ नामक एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए वितरित की जा रही थी।

आईएमके की स्थापना वर्ष 2018 में ज्वेल महमूद उर्फ इमाम महमूद हबीबुल्लाह उर्फ सोहेल ने की थी, जो जेएमबी का पूर्व सदस्य है और खुद को संगठन का अमीर मानता है। वह “ग़ज़वतुल हिंद” की विचारधारा का प्रचार करता है।

पुलिस के अनुसार, अगस्त 2024 में बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद, जेएमबी, अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (एबीटी) और अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (एक्यूआईएस) के वरिष्ठ नेताओं ने आईएमके नेतृत्व को भारत में अपने नेटवर्क और मॉड्यूल को सक्रिय व विस्तारित करने के निर्देश दिए।

इसके तहत बांग्लादेशी नागरिक उमर और खालिद को असम में गतिविधियों के समन्वय की जिम्मेदारी दी गई। असम मॉड्यूल का प्रमुख नसीम उद्दीन उर्फ तमीम है, जो असम के बारपेटा रोड का निवासी है। इन गतिविधियों का संचालन सुरक्षित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए किया जा रहा था, जिनमें ‘पूर्वा आकाश’ प्रमुख संचार और भर्ती मंच के रूप में कार्य कर रहा था।

जांच में यह भी सामने आया है कि असम, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा के लोगों को कट्टरपंथी बनाया जा रहा था, उनकी भर्ती की जा रही थी और आर्थिक संसाधन जुटाए जा रहे थे। इनमें ऐसे लोग भी शामिल थे जिनके पास भारतीय पासपोर्ट हैं और जो पहले बांग्लादेश की यात्रा कर चुके हैं, साथ ही प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के पूर्व सदस्य भी इस नेटवर्क से जुड़े पाए गए।

अधिकारी ने बताया कि बांग्लादेश में अगस्त 2024 में सरकार बदलने के बाद इन तीनों संगठनों से जुड़े कई कैडर जेल से रिहा हुए या और अधिक सक्रिय हो गए, जिससे उनकी विचारधारा और भारत में नेटवर्क फिर से मजबूत हुआ। आईएमके डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए हिंसक जिहाद और भारत पर सशस्त्र कब्जे की विचारधारा का प्रचार कर रहा था।

टाइम्स ऑफ बांग्लादेश की एक रिपोर्ट के अनुसार, 5 अगस्त 2024 के बाद कम समय में 346 कैदियों को जमानत पर रिहा किया गया, जिनमें 12 शीर्ष अपराधी, चर्चित दस ट्रक हथियार तस्करी मामले के आठ दोषी और कम से कम 10 संगठनों से जुड़े सदस्य शामिल हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सत्ता परिवर्तन के बाद के पहले आठ महीनों में प्रतिबंधित जेएमबी के 148 सदस्य जमानत पर रिहा हुए।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी असम पुलिस की एसटीएफ ने पश्चिम बंगाल, केरल और असम में अलग-अलग अभियानों के दौरान जेएमबी से जुड़े कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि हर नागरिक की भी जिम्मेदारी है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इमाम महमूदेर काफिला (आईएमके) क्या है?
यह बांग्लादेश-आधारित जिहादी आतंकी संगठन है, जो जेएमबी का एक हिस्सा है।
असम पुलिस ने कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया?
असम पुलिस ने कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
ये आरोपी किस प्रकार के ग्रुप से जुड़े थे?
ये आरोपी 'पूर्वा आकाश' नामक व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए जुड़े हुए थे।
गिरफ्तार आरोपियों की गतिविधियाँ क्या थीं?
गिरफ्तार आरोपी कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार और भर्ती के लिए सक्रिय थे।
आईएमके के नेतृत्व का क्या हाल है?
आईएमके का नेतृत्व अब भी सक्रिय है और भारत में अपने नेटवर्क को विस्तारित करने के प्रयास में है।
राष्ट्र प्रेस
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