पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने बर्दवान से जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध सदस्य हामिद मंडल को गिरफ्तार किया
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने 31 जुलाई 2026 को पूर्वी बर्दवान जिले के बर्दवान शहर से कथित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के एक संदिग्ध सदस्य को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार युवक की पहचान हामिद मंडल के रूप में की गई है, जो कथित तौर पर कश्मीर का मूल निवासी है। हालांकि, जांच अधिकारी यह भी पड़ताल कर रहे हैं कि वह किसी फर्जी नाम का इस्तेमाल तो नहीं कर रहा था।
गिरफ्तारी का स्थान और परिस्थितियाँ
एसटीएफ सूत्रों के अनुसार, हामिद मंडल को दुर्गापुर एक्सप्रेसवे के निकट स्थित बर्दवान की एक आवासीय सोसाइटी 'रेनेसां कॉम्प्लेक्स' से पकड़ा गया। वह उस परिसर में एक किराए के फ्लैट में रह रहा था। शुरुआती जांच से पता चला है कि बर्दवान में बसने से पहले वह कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके न्यूटाउन में भी किराए के मकान में रह चुका था।
मुख्यमंत्री के शेड्यूल से जुड़े दस्तावेज बरामद
मामले से परिचित सूत्रों के मुताबिक, एसटीएफ अधिकारियों ने हामिद मंडल के पास से मुख्यमंत्री के दैनिक कार्यक्रम से संबंधित कुछ दस्तावेज बरामद किए हैं। इसके अलावा कुछ अन्य वीवीआईपी की यात्रा से जुड़ी जानकारी भी उसके पास से मिली बताई जा रही है। उल्लेखनीय है कि न्यूटाउन में हामिद जिस मकान में रहता था, वह मुख्यमंत्री के आवास से अधिक दूर नहीं था — यह तथ्य जांच एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
पाकिस्तान कनेक्शन और हैंडलर की भूमिका
जांच अधिकारियों को प्राप्त जानकारी के अनुसार, हामिद मंडल कथित तौर पर आईएसआई से प्रशिक्षण ले चुका है और काफी समय पाकिस्तान में बिता चुका है। सूत्रों का कहना है कि उसने पश्चिम बंगाल में लंबे समय तक जैश-ए-मोहम्मद के हैंडलर की भूमिका निभाई। कथित तौर पर उसका मुख्य काम मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित कर आतंकवादी संगठनों में शामिल होने के लिए प्रेरित करना और उन्हें प्रशिक्षण के लिए पाकिस्तान भेजना था।
आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद हामिद मंडल को बर्दवान जिला अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ सरकारी वकील उसकी पुलिस हिरासत की माँग करेंगे। इसके साथ ही जांच अधिकारियों ने न्यूटाउन और बर्दवान में उन मकान मालिकों से पूछताछ शुरू कर दी है जिन्होंने हामिद को अपने फ्लैट किराए पर दिए थे। फ्लैट किराए पर लेते समय उसने जो पहचान पत्र प्रस्तुत किए थे, उनकी भी जांच की जा रही है। यह मामला पश्चिम बंगाल में आतंकी नेटवर्क की उपस्थिति को लेकर नए सवाल खड़े करता है।