जैश संदिग्ध हमीम मंडल की हावड़ा में सिलाई दुकान का भंडाफोड़, पिता मोइनुद्दीन फरार
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने पूर्वी बर्धमान जिले के बर्धमान शहर से गिरफ्तार किए गए कथित जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) सदस्य हमीम मंडल की एक सिलाई दुकान का पता लगाया है। यह दुकान हावड़ा जिले के पिलखाना इलाके की आलम मिस्त्री लेन की एक संकरी गली में स्थित है, जो मुख्य रूप से अल्पसंख्यक समुदाय बहुल क्षेत्र है। जांच अधिकारियों को संदेह है कि यह दुकान दर्जी के काम की आड़ में आतंकी नेटवर्क के संपर्क का अड्डा थी।
दुकान का इस्तेमाल और मंडल का ठिकाना
सूत्रों के अनुसार, यह दुकान कपड़ों के टैग बनाने और सिलाई जैसे सामान्य दर्जी कार्य करती थी। जांच अधिकारियों को संदेह है कि सिलाई का काम केवल दिखावे के लिए था और दुकान का असल उद्देश्य हमीम मंडल के सहयोगियों से संपर्क बनाए रखना था।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि पश्चिम बंगाल में अपने शुरुआती दिनों में मंडल पिलखाना के एक हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में किराए के एक कमरे वाले फ्लैट में रहता था। उसी दौरान उसने यह दर्जी की दुकान खोली थी। बाद में वह कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके न्यू टाउन में शिफ्ट हो गया और अंततः बर्धमान शहर चला गया, जहाँ से एसटीएफ ने उसे एक पॉश हाउसिंग कॉलोनी से गिरफ्तार किया।
पिता मोइनुद्दीन मंडल फरार
आरोपी के पिता मोइनुद्दीन मंडल, जो पिलखाना में अपने बेटे के साथ रहता था, बेटे की गिरफ्तारी के बाद से फरार है। उल्लेखनीय है कि स्थानीय निवासियों ने मीडिया को बताया कि उन्हें इस बात पर भी संदेह था कि जो व्यक्ति खुद को हमीम का पिता बताता था, वह वास्तव में उसका पिता था या नहीं। स्थानीय लोगों के अनुसार, हमीम मंडल बहुत कम बोलने वाला और अंतर्मुखी स्वभाव का था, जबकि उसका कथित पिता कभी-कभी पड़ोसियों से बातचीत करता था।
जंतर-मंतर रैली में गड़बड़ी की साजिश
एसटीएफ अधिकारियों ने खुलासा किया है कि हमीम मंडल और उसकी गिरफ्तार साथी अर्पिता सरकार से पूछताछ के दौरान पता चला कि दोनों ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' द्वारा आयोजित एक हालिया विरोध रैली में गड़बड़ी फैलाने की योजना बनाई थी। यह खुलासा इस मामले को स्थानीय आतंकी गतिविधि से जोड़कर राष्ट्रीय राजधानी तक विस्तारित करता है।
जांच की दिशा
एसटीएफ अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचने की कोशिश कर रही है। फरार मोइनुद्दीन मंडल की तलाश जारी है और दुकान से बरामद सामग्री की फोरेंसिक जांच की जा रही है। जांचकर्ताओं के अनुसार, यह मामला राज्य में जेईएम के कथित नेटवर्क की गहराई को उजागर कर सकता है।