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जैश संदिग्ध हमीम मंडल की हावड़ा में सिलाई दुकान का भंडाफोड़, पिता मोइनुद्दीन फरार

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जैश संदिग्ध हमीम मंडल की हावड़ा में सिलाई दुकान का भंडाफोड़, पिता मोइनुद्दीन फरार

सारांश

पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने कथित जेईएम सदस्य हमीम मंडल की हावड़ा के पिलखाना में एक सिलाई दुकान का भंडाफोड़ किया है — जिसे जांचकर्ता आतंकी संपर्क का अड्डा मानते हैं। उसका पिता मोइनुद्दीन फरार है और पूछताछ में दिल्ली के जंतर-मंतर पर रैली में गड़बड़ी की साजिश का भी खुलासा हुआ है।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने कथित जैश-ए-मोहम्मद सदस्य हमीम मंडल की हावड़ा के पिलखाना में सिलाई दुकान का पता लगाया।
जांचकर्ताओं को संदेह है कि दुकान आतंकी सहयोगियों से संपर्क का अड्डा थी, सिलाई का काम केवल दिखावे के लिए था।
आरोपी का पिता मोइनुद्दीन मंडल बेटे की गिरफ्तारी के बाद से फरार है।
स्थानीय निवासियों को संदेह था कि कथित पिता वास्तव में हमीम का पिता है या नहीं।
हमीम मंडल और साथी अर्पिता सरकार ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक रैली में गड़बड़ी फैलाने की योजना बनाई थी।

पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने पूर्वी बर्धमान जिले के बर्धमान शहर से गिरफ्तार किए गए कथित जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) सदस्य हमीम मंडल की एक सिलाई दुकान का पता लगाया है। यह दुकान हावड़ा जिले के पिलखाना इलाके की आलम मिस्त्री लेन की एक संकरी गली में स्थित है, जो मुख्य रूप से अल्पसंख्यक समुदाय बहुल क्षेत्र है। जांच अधिकारियों को संदेह है कि यह दुकान दर्जी के काम की आड़ में आतंकी नेटवर्क के संपर्क का अड्डा थी।

दुकान का इस्तेमाल और मंडल का ठिकाना

सूत्रों के अनुसार, यह दुकान कपड़ों के टैग बनाने और सिलाई जैसे सामान्य दर्जी कार्य करती थी। जांच अधिकारियों को संदेह है कि सिलाई का काम केवल दिखावे के लिए था और दुकान का असल उद्देश्य हमीम मंडल के सहयोगियों से संपर्क बनाए रखना था।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि पश्चिम बंगाल में अपने शुरुआती दिनों में मंडल पिलखाना के एक हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में किराए के एक कमरे वाले फ्लैट में रहता था। उसी दौरान उसने यह दर्जी की दुकान खोली थी। बाद में वह कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके न्यू टाउन में शिफ्ट हो गया और अंततः बर्धमान शहर चला गया, जहाँ से एसटीएफ ने उसे एक पॉश हाउसिंग कॉलोनी से गिरफ्तार किया।

पिता मोइनुद्दीन मंडल फरार

आरोपी के पिता मोइनुद्दीन मंडल, जो पिलखाना में अपने बेटे के साथ रहता था, बेटे की गिरफ्तारी के बाद से फरार है। उल्लेखनीय है कि स्थानीय निवासियों ने मीडिया को बताया कि उन्हें इस बात पर भी संदेह था कि जो व्यक्ति खुद को हमीम का पिता बताता था, वह वास्तव में उसका पिता था या नहीं। स्थानीय लोगों के अनुसार, हमीम मंडल बहुत कम बोलने वाला और अंतर्मुखी स्वभाव का था, जबकि उसका कथित पिता कभी-कभी पड़ोसियों से बातचीत करता था।

जंतर-मंतर रैली में गड़बड़ी की साजिश

एसटीएफ अधिकारियों ने खुलासा किया है कि हमीम मंडल और उसकी गिरफ्तार साथी अर्पिता सरकार से पूछताछ के दौरान पता चला कि दोनों ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' द्वारा आयोजित एक हालिया विरोध रैली में गड़बड़ी फैलाने की योजना बनाई थी। यह खुलासा इस मामले को स्थानीय आतंकी गतिविधि से जोड़कर राष्ट्रीय राजधानी तक विस्तारित करता है।

जांच की दिशा

एसटीएफ अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचने की कोशिश कर रही है। फरार मोइनुद्दीन मंडल की तलाश जारी है और दुकान से बरामद सामग्री की फोरेंसिक जांच की जा रही है। जांचकर्ताओं के अनुसार, यह मामला राज्य में जेईएम के कथित नेटवर्क की गहराई को उजागर कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का प्रश्न है। एसटीएफ को अब यह साबित करना होगा कि नेटवर्क की जड़ें कहाँ तक फैली हैं।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हमीम मंडल कौन है और उसे कहाँ से गिरफ्तार किया गया?
हमीम मंडल कथित जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) का संदिग्ध सदस्य है, जिसे पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने पूर्वी बर्धमान जिले के बर्धमान शहर की एक पॉश हाउसिंग कॉलोनी से गिरफ्तार किया। उसकी साथी अर्पिता सरकार को भी हिरासत में लिया गया है।
पिलखाना की सिलाई दुकान का आतंकी गतिविधियों से क्या संबंध है?
जांच अधिकारियों को संदेह है कि हावड़ा के पिलखाना स्थित यह दुकान हमीम मंडल के सहयोगियों से संपर्क का मुख्य अड्डा थी। सिलाई और कपड़ों के टैग बनाने का काम केवल दिखावे के लिए किया जाता था।
हमीम मंडल का पिता मोइनुद्दीन मंडल फरार क्यों है?
हमीम की गिरफ्तारी के बाद से उसके पिता मोइनुद्दीन मंडल, जो पिलखाना में उसके साथ रहता था, लापता है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। स्थानीय निवासियों ने यह भी संदेह जताया कि वह व्यक्ति वास्तव में हमीम का पिता था या नहीं।
जंतर-मंतर रैली में गड़बड़ी की साजिश क्या थी?
एसटीएफ पूछताछ में सामने आया कि हमीम मंडल और अर्पिता सरकार ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' द्वारा आयोजित एक विरोध रैली में गड़बड़ी फैलाने की योजना बनाई थी। यह इस मामले को राज्य से राष्ट्रीय राजधानी तक जोड़ता है।
पश्चिम बंगाल एसटीएफ आगे क्या कदम उठा रही है?
एसटीएफ फरार मोइनुद्दीन मंडल की तलाश कर रही है और दुकान से बरामद सामग्री की फोरेंसिक जांच जारी है। जांचकर्ता पूरे कथित जेईएम नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचने की कोशिश कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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