3 अगस्त 2026
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जैश-ए-मोहम्मद नेटवर्क का बंगाल में हनी-ट्रैप जाल: 6 मंत्रियों के परिवार निशाने पर, STF ने किया खुलासा

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जैश-ए-मोहम्मद नेटवर्क का बंगाल में हनी-ट्रैप जाल: 6 मंत्रियों के परिवार निशाने पर, STF ने किया खुलासा

सारांश

पाकिस्तान स्थित 'शहजाद भट्टी नेटवर्क' ने सोशल इन्फ्लुएंसर अर्पिता सरकार को हथियार बनाकर बंगाल के 6 मंत्रियों के परिजनों को हनी-ट्रैप से निशाना बनाया। STF ने हमिम मंडल और अर्पिता को गिरफ्तार किया है। पाकिस्तानी हैंडलर ब्रिटेन-मैक्सिको के सिम से एन्क्रिप्टेड संदेशों के ज़रिए ऑपरेशन चला रहे थे।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल STF ने खुलासा किया कि शहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) ने बंगाल कैबिनेट के 6 मौजूदा सदस्यों के परिजनों को निशाना बनाया।
जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध हमिम मंडल को बर्धमान और उसकी सहयोगी अर्पिता सरकार को झारखंड के साहिबगंज से गिरफ्तार किया गया।
पाकिस्तानी हैंडलरों ने ब्रिटेन और मैक्सिको के सिम कार्डों से एन्क्रिप्टेड संदेशों के ज़रिए अर्पिता को निर्देश दिए।
STF ने अर्पिता के दो मोबाइल फोन जब्त किए; साइबर विशेषज्ञ एन्क्रिप्टेड संदेश डिकोड कर रहे हैं।
जांच में 'राना' , 'उजैर' , 'आबिद जाट333' और 'हमाद' नामक पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल का पता चला।
राज्य के प्रशासनिक तंत्र के अन्य प्रभावशाली लोगों को भी हनी-ट्रैप के लिए निशाना बनाया गया था।

पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की जांच में एक गंभीर खुलासा हुआ है — पाकिस्तान स्थित आतंकवादी-आपराधिक गुट 'शहजाद भट्टी नेटवर्क' (SBN) ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध हमिम मंडल की महिला सहयोगी अर्पिता सरकार के ज़रिए पश्चिम बंगाल कैबिनेट के 6 मौजूदा सदस्यों के परिजनों को हनी-ट्रैप का निशाना बनाने की कोशिश की। 3 अगस्त 2026 को सामने आई इस जांच ने राज्य की सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मचा दिया है।

मुख्य घटनाक्रम

जांच के अनुसार, SBN के हैंडलर विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एन्क्रिप्टेड संदेशों के ज़रिए अर्पिता सरकार के साथ लगातार संपर्क में थे। राज्य पुलिस के सूत्रों के अनुसार, शुरुआत में अर्पिता हमिम मंडल की सहायक के तौर पर काम करती थी, लेकिन बाद में पाकिस्तानी हैंडलरों ने मंडल को दरकिनार कर सीधे उससे संपर्क करना शुरू कर दिया और अलग से निर्देश देने लगे।

STF ने हमिम मंडल को पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्धमान जिले के बर्धमान शहर से गिरफ्तार किया, जबकि उसी रात अर्पिता सरकार को पड़ोसी राज्य झारखंड के साहिबगंज से हिरासत में लिया गया। दोनों गिरफ्तारियाँ पिछले सप्ताह हुईं।

हनी-ट्रैप का तरीका

जांच में सामने आया है कि सोशल इन्फ्लुएंसर अर्पिता सरकार ने एक सुनियोजित रणनीति के तहत पश्चिम बंगाल के कई प्रभावशाली लोगों — जिनमें कुछ राजनेता भी शामिल थे — से संपर्क बनाया। इसका एकमात्र उद्देश्य उनसे गोपनीय जानकारी हासिल करना था। विभिन्न प्लेटफॉर्म पर उसके द्वारा साझा की गई सोशल मीडिया रील्स लोगों को आकर्षित करने का माध्यम थीं। पूछताछ में मंडल ने स्वीकार किया कि उसने ही SBN हैंडलर से अर्पिता का परिचय कराया था।

STF ने अर्पिता के दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इन उपकरणों में मौजूद एन्क्रिप्टेड और कोड वाले संदेशों को डिकोड करने के लिए साइबर विशेषज्ञों की सहायता ली जा रही है।

पाकिस्तानी हैंडलरों का नेटवर्क

मंडल और अर्पिता से पूछताछ के बाद जांचकर्ताओं ने 'राना', 'उजैर', 'आबिद जाट333' और 'हमाद' जैसे सोशल मीडिया हैंडल का पता लगाया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि ये सभी हैंडल पाकिस्तानी ऑपरेटिव्स के थे। गौरतलब है कि इन हैंडलरों ने ब्रिटेन और मैक्सिको के सिम कार्डों का उपयोग करके अपनी पहचान छुपाने की कोशिश की थी।

सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के बीच सीमा-पार आतंकी नेटवर्क की सक्रियता पर केंद्रीय एजेंसियाँ पहले से ही नज़र रखे हुए हैं। राज्य के प्रशासनिक तंत्र में प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाने की यह कोशिश एक नए और परिष्कृत जासूसी मॉडल की ओर संकेत करती है, जो पारंपरिक आतंकी गतिविधियों से अलग है।

आगे की जांच

STF अब उन 6 मंत्रियों के परिवारों की पहचान सुनिश्चित करने और यह जानने में जुटी है कि किस हद तक गोपनीय जानकारी लीक हुई। केंद्रीय एजेंसियाँ भी इस मामले में राज्य STF के साथ समन्वय कर रही हैं। मंडल और अर्पिता सरकार को फिलहाल न्यायिक हिरासत में रखा गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एन्क्रिप्टेड ऐप्स और विदेशी सिम कार्डों का इस्तेमाल कर राजनीतिक खुफिया जानकारी जुटाई जा रही है — जो खुफिया एजेंसियों के लिए पहचान और निगरानी की नई चुनौती है। बंगाल के 6 मंत्रियों के परिजनों को निशाना बनाना बताता है कि नेटवर्क राज्य के शीर्ष प्रशासनिक ढाँचे में सेंध लगाने की कोशिश कर रहा था। सवाल यह है कि क्या यह मामला हिमशैल की चोटी मात्र है और देश के अन्य राज्यों में भी ऐसे नेटवर्क सक्रिय हैं।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) क्या है?
शहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) एक पाकिस्तान स्थित आतंकवादी-आपराधिक गुट है, जिसे STF जांच के अनुसार जैश-ए-मोहम्मद से जोड़ा गया है। यह नेटवर्क एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया संदेशों और विदेशी सिम कार्डों के ज़रिए भारत में अपने एजेंटों को निर्देश देता है।
हमिम मंडल और अर्पिता सरकार को कहाँ से गिरफ्तार किया गया?
STF ने हमिम मंडल को पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्धमान जिले के बर्धमान शहर से गिरफ्तार किया। उसी रात अर्पिता सरकार को झारखंड के साहिबगंज से हिरासत में लिया गया।
अर्पिता सरकार ने बंगाल के मंत्रियों के परिजनों को कैसे निशाना बनाया?
जांच के अनुसार, अर्पिता ने सोशल मीडिया रील्स के ज़रिए प्रभावशाली लोगों को आकर्षित किया और फिर उनसे गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश की। पाकिस्तानी हैंडलर उसे एन्क्रिप्टेड और कोड वाले संदेशों के ज़रिए निर्देश दे रहे थे।
पाकिस्तानी हैंडलरों ने किन सोशल मीडिया हैंडल का इस्तेमाल किया?
जांच में 'राना', 'उजैर', 'आबिद जाट333' और 'हमाद' जैसे हैंडल सामने आए हैं, जो पाकिस्तानी ऑपरेटिव्स के बताए जा रहे हैं। इन हैंडलरों ने ब्रिटेन और मैक्सिको के सिम कार्डों का उपयोग करके अपनी असली पहचान छुपाने की कोशिश की।
इस मामले में आगे की जांच किस दिशा में जा रही है?
STF अर्पिता के दो जब्त मोबाइल फोन में मौजूद एन्क्रिप्टेड संदेशों को डिकोड करने में जुटी है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि 6 मंत्रियों के परिजनों से किस हद तक गोपनीय जानकारी हासिल की गई और क्या राज्य के प्रशासनिक तंत्र में और भी लोग इस नेटवर्क के संपर्क में थे।
राष्ट्र प्रेस
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