जैश-ए-मोहम्मद नेटवर्क का बंगाल में हनी-ट्रैप जाल: 6 मंत्रियों के परिवार निशाने पर, STF ने किया खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की जांच में एक गंभीर खुलासा हुआ है — पाकिस्तान स्थित आतंकवादी-आपराधिक गुट 'शहजाद भट्टी नेटवर्क' (SBN) ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध हमिम मंडल की महिला सहयोगी अर्पिता सरकार के ज़रिए पश्चिम बंगाल कैबिनेट के 6 मौजूदा सदस्यों के परिजनों को हनी-ट्रैप का निशाना बनाने की कोशिश की। 3 अगस्त 2026 को सामने आई इस जांच ने राज्य की सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मचा दिया है।
मुख्य घटनाक्रम
जांच के अनुसार, SBN के हैंडलर विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एन्क्रिप्टेड संदेशों के ज़रिए अर्पिता सरकार के साथ लगातार संपर्क में थे। राज्य पुलिस के सूत्रों के अनुसार, शुरुआत में अर्पिता हमिम मंडल की सहायक के तौर पर काम करती थी, लेकिन बाद में पाकिस्तानी हैंडलरों ने मंडल को दरकिनार कर सीधे उससे संपर्क करना शुरू कर दिया और अलग से निर्देश देने लगे।
STF ने हमिम मंडल को पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्धमान जिले के बर्धमान शहर से गिरफ्तार किया, जबकि उसी रात अर्पिता सरकार को पड़ोसी राज्य झारखंड के साहिबगंज से हिरासत में लिया गया। दोनों गिरफ्तारियाँ पिछले सप्ताह हुईं।
हनी-ट्रैप का तरीका
जांच में सामने आया है कि सोशल इन्फ्लुएंसर अर्पिता सरकार ने एक सुनियोजित रणनीति के तहत पश्चिम बंगाल के कई प्रभावशाली लोगों — जिनमें कुछ राजनेता भी शामिल थे — से संपर्क बनाया। इसका एकमात्र उद्देश्य उनसे गोपनीय जानकारी हासिल करना था। विभिन्न प्लेटफॉर्म पर उसके द्वारा साझा की गई सोशल मीडिया रील्स लोगों को आकर्षित करने का माध्यम थीं। पूछताछ में मंडल ने स्वीकार किया कि उसने ही SBN हैंडलर से अर्पिता का परिचय कराया था।
STF ने अर्पिता के दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इन उपकरणों में मौजूद एन्क्रिप्टेड और कोड वाले संदेशों को डिकोड करने के लिए साइबर विशेषज्ञों की सहायता ली जा रही है।
पाकिस्तानी हैंडलरों का नेटवर्क
मंडल और अर्पिता से पूछताछ के बाद जांचकर्ताओं ने 'राना', 'उजैर', 'आबिद जाट333' और 'हमाद' जैसे सोशल मीडिया हैंडल का पता लगाया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि ये सभी हैंडल पाकिस्तानी ऑपरेटिव्स के थे। गौरतलब है कि इन हैंडलरों ने ब्रिटेन और मैक्सिको के सिम कार्डों का उपयोग करके अपनी पहचान छुपाने की कोशिश की थी।
सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के बीच सीमा-पार आतंकी नेटवर्क की सक्रियता पर केंद्रीय एजेंसियाँ पहले से ही नज़र रखे हुए हैं। राज्य के प्रशासनिक तंत्र में प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाने की यह कोशिश एक नए और परिष्कृत जासूसी मॉडल की ओर संकेत करती है, जो पारंपरिक आतंकी गतिविधियों से अलग है।
आगे की जांच
STF अब उन 6 मंत्रियों के परिवारों की पहचान सुनिश्चित करने और यह जानने में जुटी है कि किस हद तक गोपनीय जानकारी लीक हुई। केंद्रीय एजेंसियाँ भी इस मामले में राज्य STF के साथ समन्वय कर रही हैं। मंडल और अर्पिता सरकार को फिलहाल न्यायिक हिरासत में रखा गया है।