17 अगस्त 2026
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बंगाल एसटीएफ ने अल-कायदा की तर्ज पर जिहादी मॉड्यूल बनाने के आरोप में दो गिरफ्तार, सोशल मीडिया से भर्ती का आरोप

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बंगाल एसटीएफ ने अल-कायदा की तर्ज पर जिहादी मॉड्यूल बनाने के आरोप में दो गिरफ्तार, सोशल मीडिया से भर्ती का आरोप

सारांश

पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने दक्षिण 24 परगना में छापेमारी कर दो संदिग्धों को दबोचा — आरोप है कि ये अल-कायदा की विचारधारा से प्रेरित जिहादी मॉड्यूल बना रहे थे और सोशल मीडिया पेजों के ज़रिए युवाओं को भर्ती कर रहे थे। यह एसटीएफ की हफ्तों में तीसरी बड़ी आतंक-संबंधी गिरफ्तारी है।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने 17 अगस्त 2026 को दक्षिण 24 परगना से जनादुल बेग (भांगड़) और शफीक शेख (बिरलापुर) को गिरफ्तार किया।
आरोप है कि दोनों अल-कायदा की विचारधारा से प्रेरित होकर राज्य में जिहादी मॉड्यूल खड़ा करने की कोशिश कर रहे थे।
आरोपियों ने 'मुगलेजम' और 'जेहाद की सबिबिल्ला' नाम से दो सोशल मीडिया पेज बनाए थे, जिनसे कथित तौर पर देशविरोधी प्रचार और युवाओं की भर्ती की जा रही थी।
खुफिया सूत्रों के अनुसार, आरोपी हथियार हासिल करने की भी कोशिश में थे।
यह एसटीएफ की हालिया कड़ी कार्रवाइयों में नवीनतम है — इससे पहले हमिम मंडल , वहाब आलम उर्फ राणा रऊफ और मोहम्मद इजाज को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।

पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने 17 अगस्त 2026 को दक्षिण 24 परगना जिले में एक साथ दो स्थानों पर छापेमारी कर दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया। आरोप है कि ये दोनों आतंकवादी संगठन अल-कायदा की विचारधारा से प्रेरित होकर राज्य में एक जिहादी मॉड्यूल खड़ा करने की कोशिश कर रहे थे और सोशल मीडिया के ज़रिए युवाओं की भर्ती में लगे थे।

गिरफ्तारी का ब्यौरा

एसटीएफ अधिकारियों ने खुफिया सूचना के आधार पर रविवार को भांगड़ और बिरलापुर इलाकों में छापे मारे। भांगड़ से जनादुल बेग और बिरलापुर से शफीक शेख को हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार, इस मामले में पहले नोडाखाली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज हुई थी, जिसके बाद एसटीएफ ने जाँच अपने हाथ में ली।

सोशल मीडिया के ज़रिए देशविरोधी प्रचार का आरोप

जाँच टीम के सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने 'मुगलेजम' और 'जेहाद की सबिबिल्ला' नाम से दो सोशल मीडिया पेज संचालित किए थे। इन पेजों के माध्यम से कथित तौर पर देश और सरकार विरोधी सामग्री फैलाई जा रही थी। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी इन्हीं मंचों का उपयोग करके अपने संगठन का विस्तार करने और युवाओं को जोड़ने की कोशिश कर रहे थे। खुफिया सूत्रों का यह भी कहना है कि वे हथियार हासिल करने की दिशा में भी सक्रिय थे।

बंगाल एसटीएफ की हालिया कार्रवाइयाँ

यह गिरफ्तारी राज्य एसटीएफ की लगातार जारी कार्रवाइयों की कड़ी में नवीनतम है। इससे पहले एसटीएफ ने पूर्वी बर्दवान जिले में छापेमारी कर हमिम मंडल नामक युवक को गिरफ्तार किया था, जिस पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के गुट से संबंध होने का आरोप है।

पिछले सप्ताह एसटीएफ ने उत्तर 24 परगना जिले के हाबरा से पाकिस्तानी नागरिक वहाब आलम उर्फ राणा रऊफ को पकड़ा था। उससे पूछताछ के बाद कोलकाता के टोपसिया इलाके से मोहम्मद इजाज को भी गिरफ्तार किया गया, जिसके बारे में प्रारंभिक जाँच में माना जा रहा है कि वह राणा का सहयोगी था।

व्यापक संदर्भ और चिंताएँ

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में कट्टरपंथ और सीमा-पार संपर्कों को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से सतर्क हैं। गौरतलब है कि कम समय में एसटीएफ की यह कई बड़ी कार्रवाइयाँ राज्य में आतंकी नेटवर्क की जड़ें फैलाने की कोशिशों की ओर संकेत करती हैं। सभी आरोपियों के विरुद्ध कानूनी प्रक्रिया जारी है और जाँच आगे बढ़ रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक उभरते नेटवर्क का संकेत है। चिंताजनक पहलू यह है कि आरोपी सोशल मीडिया को भर्ती और प्रचार के हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे, जो पारंपरिक खुफिया तंत्र के लिए बड़ी चुनौती है। पाकिस्तानी नागरिक की गिरफ्तारी और आईएसआई संबंध के आरोप यह सवाल उठाते हैं कि क्या ये अलग-थलग घटनाएँ हैं या एक समन्वित नेटवर्क का हिस्सा। जब तक जाँच एजेंसियाँ इन कड़ियों को सार्वजनिक रूप से नहीं जोड़तीं, तब तक पूरी तस्वीर अधूरी रहेगी।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बंगाल एसटीएफ ने किन्हें और कहाँ से गिरफ्तार किया?
एसटीएफ ने दक्षिण 24 परगना जिले के भांगड़ से जनादुल बेग और बिरलापुर से शफीक शेख को 17 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया। दोनों पर अल-कायदा की तर्ज पर जिहादी मॉड्यूल बनाने और सोशल मीडिया से युवाओं की भर्ती का आरोप है।
आरोपियों पर क्या-क्या आरोप हैं?
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने 'मुगलेजम' और 'जेहाद की सबिबिल्ला' नाम के सोशल मीडिया पेज बनाकर देशविरोधी प्रचार किया और युवाओं को संगठन में जोड़ने की कोशिश की। खुफिया सूत्रों के अनुसार, वे हथियार हासिल करने की भी कोशिश में थे।
क्या पश्चिम बंगाल में इससे पहले भी ऐसी गिरफ्तारियाँ हुई हैं?
हाँ, हाल के हफ्तों में एसटीएफ ने पूर्वी बर्दवान से हमिम मंडल (आईएसआई संबंध का आरोप), उत्तर 24 परगना के हाबरा से पाकिस्तानी नागरिक वहाब आलम उर्फ राणा रऊफ, और कोलकाता के टोपसिया से मोहम्मद इजाज को भी गिरफ्तार किया है।
इस मामले की जाँच कैसे शुरू हुई?
नोडाखाली पुलिस स्टेशन में पहले शिकायत दर्ज हुई थी, जिसके बाद एसटीएफ ने खुफिया सूचना के आधार पर जाँच अपने हाथ में ली और छापेमारी कर दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया।
इन गिरफ्तारियों का राज्य की सुरक्षा स्थिति पर क्या असर है?
लगातार हो रही इन गिरफ्तारियों से संकेत मिलता है कि पश्चिम बंगाल में कट्टरपंथी नेटवर्क सक्रिय हैं और सीमा-पार संपर्कों की आशंका बनी हुई है। एसटीएफ की जाँच जारी है और आगे और खुलासे हो सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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