बंगाल STF का खुलासा: अर्पिता सरकार ने एन्क्रिप्टेड मैसेज से जोड़ा शाहजाद भट्टी नेटवर्क से तार
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने 2 अगस्त 2026 को खुलासा किया कि संदिग्ध जैश-ए-मोहम्मद (JeM) सहयोगी हमीम मंडल की महिला सहयोगी अर्पिता सरकार पाकिस्तान स्थित आतंकवादी-आपराधिक गिरोह शाहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) के संचालकों के साथ विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर गुप्त संदेशों के ज़रिए नियमित संपर्क बनाए रखती थी। दोनों आरोपियों को पिछले सप्ताह STF ने गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
हमीम मंडल को सबसे पहले पूर्वी बर्दवान जिले के बर्दवान कस्बे से शुक्रवार की सुबह गिरफ्तार किया गया। उसी रात जांचकर्ताओं ने पड़ोसी राज्य झारखंड के साहिबगंज से अर्पिता सरकार को हिरासत में लिया। STF ने अर्पिता के दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनमें मौजूद गुप्त संदेशों को समझने के लिए साइबर विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।
नेटवर्क से संपर्क का तरीका
राज्य पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआत में अर्पिता को हमीम मंडल ने ही SBN संचालकों से मिलवाया था — यह बात हमीम ने पूछताछ के दौरान स्वीकार की। हालाँकि, सूत्रों के अनुसार, बाद में SBN संचालकों ने हमीम को दरकिनार करते हुए अर्पिता से सीधे संपर्क करना शुरू कर दिया और उसे अलग से निर्देश भेजने लगे।
जांच अधिकारियों को कथित तौर पर संदेह है कि SBN संचालक अर्पिता को हनी-ट्रैपिंग के एक माध्यम के रूप में इस्तेमाल करना चाहते थे — विशेष रूप से पश्चिम बंगाल के प्रशासनिक नेटवर्क से जुड़े प्रभावशाली व्यक्तियों को निशाना बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए।
सोशल मीडिया रीलें और प्रभावशाली व्यक्तियों से संपर्क
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अर्पिता ने पश्चिम बंगाल के कई प्रभावशाली व्यक्तियों से संपर्क स्थापित करना शुरू कर दिया था, ताकि उनसे गोपनीय जानकारी हासिल की जा सके। विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर प्रसारित उसकी सोशल मीडिया रीलें संभावित रूप से लोगों को आकर्षित करने का एक माध्यम थीं।
पाकिस्तानी हैंडल और विदेशी सिम कार्ड
हमीम और अर्पिता से पूछताछ के बाद जांचकर्ताओं ने कई संदिग्ध सोशल मीडिया हैंडल — 'राना', 'उजैर', 'आबिद जाट333' और 'हमद' — का पता लगाया। जांच में यह स्थापित हुआ कि ये सभी हैंडल पाकिस्तानी संचालकों के थे। उल्लेखनीय यह भी है कि इन हैंडलों में ब्रिटेन और मैक्सिको के सिम कार्ड का इस्तेमाल किया गया था — जो इस नेटवर्क की अंतरराष्ट्रीय पहुँच को दर्शाता है।
आगे क्या होगा
STF के विशेषज्ञ दोनों जब्त मोबाइल फोनों के डेटा की फोरेंसिक जांच में जुटे हैं। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में आतंकी नेटवर्क की सक्रियता को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से सतर्क हैं। जांच की दिशा से संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।