जैश सहयोगी हमीम मंडल का हनी-ट्रैप नेटवर्क: 6 मंत्रियों के परिजन निशाने पर, पाकिस्तानी हैंडलर्स का कनेक्शन
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्दवान जिले से गिरफ्तार संदिग्ध जैश-ए-मोहम्मद (JeM) सहयोगी हमीम मंडल पर आरोप है कि वह नई मॉडलों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को अपने जाल में फँसाकर राजनीतिक व सामाजिक रूप से प्रभावशाली लोगों को हनी-ट्रैप कराता था। जाँच अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा रैकेट पाकिस्तान स्थित आतंकी-अपराधी संगठन शहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) के इशारे पर संचालित हो रहा था।
मुख्य घटनाक्रम
हमीम मंडल को पिछले सप्ताह बर्दवान से गिरफ्तार किया गया था। उसकी महिला सहयोगी अर्पिता सरकार को झारखंड के साहिबगंज से गिरफ्तार किया गया — अर्पिता स्वयं एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर थीं, जो नियमित रूप से रील्स पोस्ट करती थीं। सूत्रों के अनुसार, इसी माध्यम से हमीम मंडल ने सबसे पहले उनसे संपर्क स्थापित किया था।
इसके अतिरिक्त, पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने हमीम मंडल के एक अन्य सहयोगी आदित्य सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया है।
पाकिस्तानी नेटवर्क की कार्यप्रणाली
पूछताछ में हमीम मंडल ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि आकर्षक युवा महिलाओं को नेटवर्क में शामिल करने का काम उसे SBN ने सौंपा था। सूत्रों के मुताबिक, हमीम की भूमिका केवल प्रारंभिक चरण तक सीमित थी — वह लक्षित महिलाओं और पाकिस्तान में बैठे SBN हैंडलर्स के बीच संपर्क कड़ी का काम करता था। इसके बाद हैंडलर्स हमीम को दरकिनार कर सीधे उन महिलाओं से संवाद करते थे।
अर्पिता सरकार के मामले में भी यही तरीका अपनाया गया, जो बाद में स्वयं इस नेटवर्क की सक्रिय सदस्य बन गईं।
मंत्रियों के परिजन निशाने पर
STF अधिकारियों को पूछताछ के दौरान यह जानकारी मिली है कि SBN ने अर्पिता सरकार के माध्यम से पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल के कम से कम छह मौजूदा मंत्रियों के परिवार के सदस्यों को निशाना बनाया था। जाँच में यह भी सामने आया है कि राज्य के प्रशासनिक तंत्र से जुड़े कई अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों को भी इसी माध्यम से हनी-ट्रैप किया गया। गौरतलब है कि कई पीड़ित सामाजिक प्रतिष्ठा खोने के भय से अब तक सामने नहीं आए हैं।
एनआईए की जाँच
राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने सोमवार, 4 अगस्त को हमीम मंडल और अर्पिता सरकार से पूछताछ की। मंगलवार को आदित्य सिंह से भी पूछताछ किए जाने की संभावना है। सूत्रों का कहना है कि बयानों में विरोधाभास से बचने के लिए NIA तीनों से एक साथ भी पूछताछ कर सकती है।
आगे क्या होगा
STF अब उन अन्य महिलाओं की पहचान करने में जुटी है जिन्हें हमीम मंडल ने अपने जाल में फँसाया था, साथ ही उन पीड़ितों का भी पता लगाया जा रहा है जो अब तक चुप रहे। यह मामला पश्चिम बंगाल में आतंकी नेटवर्क और हनी-ट्रैप रैकेट के गठजोड़ की एक गंभीर तस्वीर सामने लाता है।