2 अगस्त 2026
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जैश-ए-मोहम्मद मॉड्यूल गिरफ्तारी पर दिलीप घोष: 'सोशल मीडिया से आतंकी नेटवर्क फैलाना आसान हुआ, पाकिस्तान कनेक्शन की जांच जारी'

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जैश-ए-मोहम्मद मॉड्यूल गिरफ्तारी पर दिलीप घोष: 'सोशल मीडिया से आतंकी नेटवर्क फैलाना आसान हुआ, पाकिस्तान कनेक्शन की जांच जारी'

सारांश

पश्चिम बंगाल में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध हमीम मंडल की एसटीएफ गिरफ्तारी के बाद मंत्री दिलीप घोष ने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया आतंकी नेटवर्किंग का नया हथियार बन चुका है। जाँच में पाकिस्तान और दुबई कनेक्शन के संकेत मिले हैं — यह मामला राज्य की सुरक्षा स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने जैश-ए-मोहम्मद से कथित तौर पर जुड़े संदिग्ध हमीम मंडल को गिरफ्तार किया।
मंत्री दिलीप घोष ने कहा — सोशल मीडिया और इंटरनेट ने आतंकी नेटवर्क बनाना आसान किया, लेकिन इन्हीं माध्यमों से पुलिस ने आरोपी को पकड़ा।
जाँच में पाकिस्तान और दुबई से संपर्क के संकेत, विस्तृत जाँच जारी।
300 मतुआ लोगों को सीएए के तहत नागरिकता प्रमाणपत्र; घोष ने पश्चिम बंगाल में प्रक्रिया आगे बढ़ने की पुष्टि की।
घोष ने ममता सरकार पर आरोप — जून 2025 से शुरू राष्ट्रीय जनगणना को पश्चिम बंगाल में जानबूझकर रोका गया।
'खेलो इंडिया' योजना और नीरज चोपड़ा की सफलता को भारत के बेहतर खेल प्रदर्शन का प्रमाण बताया।

पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने 2 अगस्त को कोलकाता में एसटीएफ द्वारा जैश-ए-मोहम्मद से कथित तौर पर जुड़े संदिग्ध आतंकी हमीम मंडल की गिरफ्तारी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। घोष ने कहा कि डिजिटल माध्यमों ने जहाँ आतंकी नेटवर्क बनाना सरल किया है, वहीं इन्हीं माध्यमों की मदद से पुलिस ने आरोपियों को दबोचा। जाँच में दुबई और पाकिस्तान से संपर्क के संकेत मिले हैं, जो अब जाँच का हिस्सा हैं।

जैश मॉड्यूल और डिजिटल नेटवर्क

घोष ने कहा, 'जैश-ए-मोहम्मद का मॉड्यूल कुछ समय से सक्रिय है। इसकी गतिविधियों के बारे में पहले भी खबरें आई थीं। पुलिस ने गिरफ्तारियाँ की हैं। जाँच से पता चलेगा कि इस मॉड्यूल से और कौन-कौन जुड़ा है और इसका नेटवर्क कितना फैला हुआ है। पूरी संभावना है कि इसके तार पाकिस्तान से जुड़े हों।'

उन्होंने आगे कहा, 'आज इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन, सोशल मीडिया और इंटरनेट की वजह से लोगों के लिए संपर्क बनाना बहुत आसान हो गया है। इन्हीं डिजिटल माध्यमों से पुलिस आरोपियों का पता लगा पाई और उन्हें गिरफ्तार कर पाई। दुबई और पाकिस्तान से संपर्क की जो खबरें हैं, वे अब जाँच का हिस्सा हैं। अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि पूरा नेटवर्क तुरंत उजागर हो जाएगा।'

सीएए और मतुआ समुदाय को नागरिकता

नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी द्वारा 300 मतुआ लोगों को नागरिकता प्रमाणपत्र दिए जाने के प्रश्न पर घोष ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) का उद्देश्य बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए उत्पीड़ित हिंदू, सिख और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों को भारतीय नागरिकता देना है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में यह प्रक्रिया पहले आगे नहीं बढ़ पाई थी, लेकिन अब सरकार ने इसे लागू करना शुरू कर दिया है।

जनगणना और ममता सरकार पर निशाना

घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार पर आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में जून 2025 से शुरू हुई राष्ट्रीय जनगणना को जानबूझकर रोका गया। उन्होंने कहा, 'फर्जी वोटरों को वोटर लिस्ट में बनाए रखा गया था और साजिश उनके वोटों से चुनाव जीतने की थी। हमारी सरकार के सत्ता में आने के बाद पहली ही बैठक में इसे लागू किया गया।' यह दावा विपक्ष की ओर से अभी तक खंडित नहीं किया गया है।

विपक्ष और विदेशी फंडिंग पर आरोप

जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए घोष ने कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का उपयोग करने वालों को माफी माँगनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विदेशी ताकतें और 'विदेशों से सैकड़ों करोड़ रुपये' युवाओं को भड़काने में इस्तेमाल हो रहे हैं — हालाँकि इस दावे के लिए उन्होंने कोई विशेष प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।

कॉमनवेल्थ गेम्स और खेलो इंडिया की तारीफ

घोष ने कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के प्रदर्शन की सराहना करते हुए 'खेलो इंडिया' योजना को श्रेय दिया। उन्होंने नीरज चोपड़ा का उदाहरण देते हुए कहा कि विदेश में प्रशिक्षण लेकर स्वर्ण पदक जीतना इस नीति की सफलता का प्रमाण है। कुश्ती और बॉक्सिंग जैसे पारंपरिक खेलों में भी परिणाम बेहतर हो रहे हैं। आने वाले समय में जैश मॉड्यूल की जाँच के नतीजे और पाकिस्तान-दुबई कनेक्शन की पुष्टि या खंडन इस मामले की दिशा तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन दिलीप घोष की प्रतिक्रिया तथ्यात्मक से अधिक राजनीतिक रंग लिए हुई है — जनगणना रोकने और विदेशी फंडिंग के आरोप बिना प्रमाण के हैं। असली सवाल यह है कि राज्य की खुफिया एजेंसियाँ इस मॉड्यूल को पहले क्यों नहीं पकड़ पाईं, और पाकिस्तान-दुबई कनेक्शन की जाँच कितनी गहरी जाती है। सोशल मीडिया को आतंकी भर्ती का माध्यम बताना सही है, लेकिन इसके नियमन पर ठोस नीतिगत जवाब अभी भी अनुपस्थित है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हमीम मंडल कौन है और उसे क्यों गिरफ्तार किया गया?
हमीम मंडल एक संदिग्ध है जिसे पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन से कथित संबंध के आरोप में गिरफ्तार किया। जाँच में दुबई और पाकिस्तान से उसके संपर्क के संकेत मिले हैं।
दिलीप घोष ने सोशल मीडिया और आतंकी नेटवर्क पर क्या कहा?
घोष ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन और सोशल मीडिया ने आतंकी नेटवर्क बनाना आसान कर दिया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इन्हीं डिजिटल माध्यमों की मदद से पुलिस आरोपी का पता लगाने और उसे गिरफ्तार करने में सफल रही।
पश्चिम बंगाल में सीएए के तहत मतुआ समुदाय को नागरिकता कैसे मिली?
सुवेंदु अधिकारी द्वारा 300 मतुआ लोगों को नागरिकता प्रमाणपत्र दिए गए। दिलीप घोष के अनुसार, सीएए का उद्देश्य बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता देना है, और पश्चिम बंगाल में यह प्रक्रिया अब आगे बढ़ रही है।
पश्चिम बंगाल में जनगणना रोकने का आरोप क्या है?
दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि जून 2025 में शुरू हुई राष्ट्रीय जनगणना को पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार ने जानबूझकर रोका। उनका दावा है कि फर्जी वोटरों को सूची में बनाए रखने की साजिश के तहत यह किया गया — हालाँकि इस दावे का कोई स्वतंत्र सत्यापन उपलब्ध नहीं है।
जैश-ए-मोहम्मद मॉड्यूल की जाँच में आगे क्या होगा?
घोष के अनुसार, गहन जाँच से यह स्पष्ट होगा कि मॉड्यूल से और कौन जुड़ा है और नेटवर्क कितना विस्तृत है। पाकिस्तान और दुबई कनेक्शन की पुष्टि या खंडन जाँच के अगले चरण में होगी।
राष्ट्र प्रेस
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