पश्चिम बंगाल STF ने ISI से जुड़े पाकिस्तानी नागरिक समेत दो को गिरफ्तार किया, कोलकाता में जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने 12 अगस्त 2026 को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) से संदिग्ध संबंधों के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया, जिनमें एक कथित पाकिस्तानी नागरिक शामिल है। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई राज्य में सक्रिय एक संभावित जासूसी नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में STF का ताज़ा कदम है।
गिरफ्तारी का विवरण
अधिकारियों ने बताया कि पहली गिरफ्तारी उत्तर 24 परगना जिले के हाबरा से हुई, जहाँ वहाब आलम उर्फ राणा राउत को हिरासत में लिया गया। जाँचकर्ताओं को संदेह है कि आलम पाकिस्तानी नागरिक है, हालाँकि उसकी नागरिकता की आधिकारिक पुष्टि अभी जारी है। उसकी पूछताछ से मिले सुरागों के आधार पर STF ने पूर्वी कोलकाता के टोपसिया इलाके से मुहम्मद इजाज को गिरफ्तार किया।
सूत्रों के अनुसार, इजाज आलम के लिए एक अहम स्थानीय संपर्क की भूमिका निभाता था। STF अधिकारी अभी ऑपरेशन की सटीक परिस्थितियों — जैसे कार्रवाई का समय और स्थान — का खुलासा करने से बच रहे हैं।
जाँच की स्थिति
शुरुआती जाँच से संकेत मिलते हैं कि दोनों आरोपी ISI से जुड़े व्यक्तियों के संपर्क में थे। जाँचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि इजाज भारतीय नागरिक है या उसके पाकिस्तान से संबंध हैं। दोनों के कथित नेटवर्क की प्रकृति और दायरे की जाँच जारी है।
पूर्व की कार्रवाइयाँ और व्यापक नेटवर्क
यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम बंगाल STF पिछले कुछ हफ्तों से लगातार आतंकी और जासूसी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। 30 जुलाई को STF ने पूर्वी बर्धमान जिले के बर्धमान शहर से जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के संदिग्ध सहयोगी हमिम मंडल को गिरफ्तार किया था। उसी रात उसकी करीबी सहयोगी अर्पिता सरकार को झारखंड के साहिबगंज से पकड़ा गया।
इस महीने की शुरुआत में STF ने हावड़ा जिले से सटे कोलकाता से हमिम मंडल के दूसरे सहयोगी आदित्य सिंह उर्फ राज को भी गिरफ्तार किया। जाँच में सामने आया कि हमिम और अर्पिता दोनों का पाकिस्तान स्थित आतंकी-आपराधिक गुट 'शहज़ाद भट्टी नेटवर्क' (SBN) से संबंध था।
राजनीतिक संवेदनशीलता और दस्तावेज़ी साक्ष्य
जाँच में सामने आए तथ्य राजनीतिक दृष्टि से भी अत्यंत संवेदनशील हैं। अधिकारियों के अनुसार, SBN ने अर्पिता सरकार के ज़रिये पश्चिम बंगाल कैबिनेट के कम से कम छह मौजूदा सदस्यों के परिजनों को हनी-ट्रैपिंग और ब्लैकमेलिंग के लिए निशाना बनाया। इसके अलावा, STF ने हमिम मंडल के पास से पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के शेड्यूल और गतिविधियों से जुड़े अहम दस्तावेज़ बरामद किए।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब पश्चिम बंगाल को ISI-संबद्ध नेटवर्क के लिए संवेदनशील क्षेत्र माना गया हो — राज्य की बांग्लादेश से लगती सीमा और घनी आबादी वाले सीमावर्ती जिले इसे पारगमन और भर्ती के लिए अनुकूल बनाते हैं। STF की इस श्रृंखलाबद्ध कार्रवाई से संकेत मिलता है कि एजेंसी एक व्यापक नेटवर्क को उखाड़ने की कोशिश कर रही है।