14 अगस्त 2026
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वहाब आलम ISI से नेपाल के 5 ऑपरेटरों के ज़रिए जुड़ा था, STF जांच में बड़ा खुलासा

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वहाब आलम ISI से नेपाल के 5 ऑपरेटरों के ज़रिए जुड़ा था, STF जांच में बड़ा खुलासा

सारांश

हाबरा से गिरफ्तार पाकिस्तानी नागरिक वहाब आलम ने ISI हैंडलरों से सीधे संपर्क की बजाय नेपाल के पाँच ऑपरेटरों का इस्तेमाल किया था। STF को नेटबुक डेटा से यह राज़ खुला। बांग्लादेश के जेसोर से काम करने वाले 'पावेल' का नाम भी सामने आया है — जो आलम के भागने की योजना का हिस्सा था।

मुख्य बातें

वहाब आलम को पश्चिम बंगाल के हाबरा (उत्तर 24 परगना) से गिरफ्तार किया गया था।
STF को आलम के नेटबुक का डेटा डिकोड करने पर नेपाल में सक्रिय 5 ऑपरेटरों के नाम मिले।
ये ऑपरेटर आलम और ISI हैंडलरों के बीच अप्रत्यक्ष संचार कड़ी के रूप में काम करते थे।
आलम 2012 में नेपाल के रास्ते पश्चिम बंगाल पहुँचा था और नियमित रूप से नेपाल दौरे करता था।
बांग्लादेश के जेसोर से काम करने वाले ऑपरेटर 'पावेल' का नाम भी सामने आया; आलम वहाँ भागने की योजना बना रहा था।
STF केंद्रीय विदेश मंत्रालय के राजनयिक चैनलों के ज़रिए नेपाल और बांग्लादेश से जानकारी जुटा रही है।

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना ज़िले के हाबरा से गिरफ्तार पाकिस्तानी नागरिक वहाब आलम ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के हैंडलरों से संपर्क बनाए रखने के लिए नेपाल में बैठे पाँच ऑपरेटरों का इस्तेमाल किया था — यह खुलासा स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की जांच में हुआ है। 14 अगस्त को सामने आई इस जानकारी के अनुसार, आलम के पास से बरामद नेटबुक का डेटा डिकोड करने के बाद इन पाँचों के नाम सामने आए।

नेटबुक से खुला नेटवर्क का राज़

STF अधिकारियों ने आलम के पास से ज़ब्त नेटबुक का डेटा डिकोड किया, जिससे नेपाल में सक्रिय पाँच ऑपरेटरों की पहचान हुई। सूत्रों के अनुसार, लंबी पूछताछ के दौरान आलम ने स्वीकार किया कि वह इन्हीं पाँच व्यक्तियों के माध्यम से पाकिस्तान में बैठे अपने ISI हैंडलरों से संवाद करता था। ये ऑपरेटर आधिकारिक तौर पर नेपाल में आलम के फ्रेंचाइज़ी कारोबार की निगरानी करते थे, लेकिन कथित तौर पर वे आलम और ISI के बीच मुख्य संपर्क कड़ी भी थे।

अप्रत्यक्ष संचार तंत्र की रणनीति

राज्य पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, 'पुलिस और खुफिया एजेंसियों को चकमा देने के लिए आलम ने अपने ISI हैंडलरों से सीधे संपर्क करने के बजाय नेपाल के ज़रिए एक अप्रत्यक्ष संचार तंत्र तैयार किया था।' यही कारण था कि 2012 में नेपाल के रास्ते पश्चिम बंगाल पहुँचकर बसने के बाद भी वह लगातार नेपाल के दौरे करता रहा। यह ऐसे समय में आया है जब सीमा-पार जासूसी नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से सतर्क हैं।

बांग्लादेश कनेक्शन और 'पावेल'

उसी नेटबुक और आलम के कबूलनामे से STF को बांग्लादेश के जेसोर से काम करने वाले एक और ऑपरेटर 'पावेल' का नाम पता चला है। जांच में यह भी सामने आया कि आलम बांग्लादेश भागने की योजना बना रहा था — पावेल को वहाँ उसके लिए सेफहाउस का इंतज़ाम करना था, उसे पश्चिम बंगाल में नए कामों की जानकारी देनी थी और कुछ समय बाद उसे वापस राज्य में भेजना था।

राजनयिक चैनल के ज़रिए जानकारी जुटाने की कोशिश

STF अब केंद्रीय विदेश मंत्रालय के राजनयिक चैनलों के माध्यम से नेपाल और बांग्लादेश की सरकारों से इन छह संदिग्धों — नेपाल के पाँच ऑपरेटर और पावेल — के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रही है। गौरतलब है कि यह मामला तीन देशों — भारत, नेपाल और बांग्लादेश — की सीमाओं को छूने वाले एक जटिल नेटवर्क की ओर इशारा करता है।

आगे क्या होगा

जांच एजेंसियाँ नेटबुक में मिले अन्य डेटा की भी जाँच कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं। STF की जांच का दायरा अब भारत की सीमाओं से परे तक फैल गया है, और अंतरराष्ट्रीय सहयोग इस मामले की कुंजी बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बांग्लादेश) को बफर ज़ोन की तरह इस्तेमाल कर भारतीय सुरक्षा तंत्र को चकमा दिया जाता है। चिंताजनक यह है कि आलम 2012 से सक्रिय था — यानी एक दशक से अधिक समय तक यह नेटवर्क पकड़ में नहीं आया। STF की सफलता सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि नेटबुक जैसे उपकरण और नेपाल-बांग्लादेश के रास्ते संचार तंत्र कितने और मामलों में इस्तेमाल हो रहे हैं जो अभी जांच के दायरे से बाहर हैं।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वहाब आलम कौन है और उसे कहाँ से गिरफ्तार किया गया?
वहाब आलम एक पाकिस्तानी नागरिक है जिसे पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना ज़िले के हाबरा से गिरफ्तार किया गया। वह 2012 में नेपाल के रास्ते पश्चिम बंगाल पहुँचा था और कथित तौर पर ISI हैंडलरों के लिए काम कर रहा था।
STF को नेपाल के 5 ऑपरेटरों के नाम कैसे मिले?
STF अधिकारियों ने आलम के पास से बरामद नेटबुक का डेटा डिकोड किया, जिससे नेपाल में सक्रिय पाँच ऑपरेटरों के नाम सामने आए। बाद में लंबी पूछताछ में आलम ने खुद भी इन संपर्कों की भूमिका स्वीकार की।
नेपाल के ऑपरेटर ISI नेटवर्क में क्या भूमिका निभाते थे?
ये पाँचों ऑपरेटर आधिकारिक तौर पर नेपाल में आलम के फ्रेंचाइज़ी कारोबार की देखरेख करते थे। लेकिन सूत्रों के अनुसार, वे आलम और पाकिस्तान की ISI के हैंडलरों के बीच अप्रत्यक्ष संचार की मुख्य कड़ी भी थे, ताकि भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को सीधे संपर्क का पता न चले।
बांग्लादेश के 'पावेल' की इस मामले में क्या भूमिका है?
'पावेल' बांग्लादेश के जेसोर से काम करने वाला एक ऑपरेटर है जिसका नाम आलम के नेटबुक और कबूलनामे से सामने आया। जांच के अनुसार, पावेल को आलम के लिए बांग्लादेश में सेफहाउस का इंतज़ाम करना था और कुछ समय बाद उसे वापस पश्चिम बंगाल भेजना था।
STF अब आगे क्या कदम उठा रही है?
STF केंद्रीय विदेश मंत्रालय के राजनयिक चैनलों के ज़रिए नेपाल और बांग्लादेश की सरकारों से नेपाल के पाँच ऑपरेटरों और पावेल के बारे में जानकारी माँग रही है। नेटबुक में मिले अन्य डेटा की भी जाँच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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