भारतीय तटरक्षक बल की 43वीं कमांडर्स कांफ्रेंस नई दिल्ली में शुरू, समुद्री सुरक्षा व स्वदेशीकरण पर मंथन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय तटरक्षक बल की 43वीं कमांडर्स कांफ्रेंस 17 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित तटरक्षक मुख्यालय में प्रारंभ हुई, जो 19 सितंबर 2026 तक जारी रहेगी। इस तीन दिवसीय सम्मेलन में ऑपरेशनल तैयारी, क्षमता विकास, बुनियादी ढाँचे की मज़बूती और स्वदेशीकरण जैसे महत्त्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हो रहा है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह सम्मेलन भारतीय तटरक्षक बल का सर्वोच्च वार्षिक पेशेवर मंच है।
सम्मेलन में कौन-कौन शामिल हुए
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने सम्मेलन के पहले दिन तटरक्षक बल के कमांडर्स को संबोधित किया। उन्होंने महानिदेशक परमेश शिवमणि और देशभर से आए वरिष्ठ तटरक्षक कमांडरों से भेंट की। इस मुलाक़ात में तटरक्षक बल की ऑपरेशनल तैयारियों और समुद्री सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
मुख्य घटनाक्रम और एजेंडा
बैठक में ऑपरेशनल तैयारी की समीक्षा के साथ-साथ भविष्य की ज़रूरतों पर भी गहन विचार किया गया। रणनीतिक, ऑपरेशनल और प्रशासनिक प्राथमिकताओं — तीनों स्तरों पर विमर्श चल रहा है। विशेष रूप से स्वदेशी तकनीक और उपकरणों को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया गया, ताकि तटरक्षक बल अपनी परिचालन आवश्यकताओं को देश में विकसित क्षमताओं के ज़रिये पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ सके।
कर्मियों के प्रशिक्षण को उन्नत बनाना और ज़रूरी बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करना भी एजेंडे में प्रमुख रूप से शामिल है। समुद्री क्षेत्र में उभरती चुनौतियों का सामना करने के लिए बल की क्षमताओं को निरंतर सशक्त बनाने की आवश्यकता पर विशेष चर्चा हुई।
समुद्री सुरक्षा पर सरकार की प्राथमिकता
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने अपने संबोधन में समुद्री सुरक्षा को मज़बूत करने में भारतीय तटरक्षक बल की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने देश के व्यापक समुद्री हितों और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा में बल की बढ़ती जिम्मेदारियों का उल्लेख किया। गौरतलब है कि हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती भू-राजनीतिक सक्रियता के बीच भारत के लिए तटीय और समुद्री सुरक्षा की प्राथमिकता और बढ़ गई है।
आधुनिकीकरण और स्वदेशीकरण पर ज़ोर
यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' के तहत स्वदेशी उत्पादन को प्राथमिकता दे रही है। तटरक्षक बल के आधुनिकीकरण और उसकी परिचालन ज़रूरतों को देश में ही विकसित उपकरणों एवं प्रणालियों से पूरा करने की रूपरेखा पर भी विमर्श हुआ।
तीन दिवसीय सम्मेलन के शेष सत्रों में विभिन्न क्षेत्रीय कमान की परिचालन चुनौतियों और आगामी वर्ष की रणनीतिक प्राथमिकताओं पर निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।
क्या होगा आगे
सम्मेलन 19 सितंबर 2026 को समापन होगा, जिसके बाद भविष्य की नीतियों और कार्य-योजनाओं की औपचारिक घोषणा संभावित है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष के सम्मेलन में लिए गए निर्णय तटरक्षक बल की अगले कुछ वर्षों की क्षमता-विस्तार योजनाओं की दिशा तय करेंगे।