17 सितंबर 2026
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भारतीय तटरक्षक बल की 43वीं कमांडर्स कांफ्रेंस नई दिल्ली में शुरू, समुद्री सुरक्षा व स्वदेशीकरण पर मंथन

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भारतीय तटरक्षक बल की 43वीं कमांडर्स कांफ्रेंस नई दिल्ली में शुरू, समुद्री सुरक्षा व स्वदेशीकरण पर मंथन

सारांश

भारतीय तटरक्षक बल की 43वीं कमांडर्स कांफ्रेंस नई दिल्ली में शुरू हो गई है। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने पहले दिन कमांडर्स को संबोधित किया। 19 सितंबर तक चलने वाले इस सम्मेलन में ऑपरेशनल तैयारी, स्वदेशीकरण और समुद्री सुरक्षा की रणनीतिक प्राथमिकताएँ तय होंगी।

मुख्य बातें

भारतीय तटरक्षक बल की 43वीं कमांडर्स कांफ्रेंस 17 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में शुरू हुई, जो 19 सितंबर तक जारी रहेगी।
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने पहले दिन कमांडर्स को संबोधित किया और महानिदेशक परमेश शिवमणि से मुलाक़ात की।
सम्मेलन में ऑपरेशनल तैयारी , क्षमता विकास , प्रशिक्षण , बुनियादी ढाँचा और स्वदेशीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह तटरक्षक बल का सर्वोच्च वार्षिक पेशेवर मंच है।
देशभर से वरिष्ठ तटरक्षक कमांडर इस तीन दिवसीय सम्मेलन में शामिल हुए हैं।

भारतीय तटरक्षक बल की 43वीं कमांडर्स कांफ्रेंस 17 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित तटरक्षक मुख्यालय में प्रारंभ हुई, जो 19 सितंबर 2026 तक जारी रहेगी। इस तीन दिवसीय सम्मेलन में ऑपरेशनल तैयारी, क्षमता विकास, बुनियादी ढाँचे की मज़बूती और स्वदेशीकरण जैसे महत्त्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हो रहा है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह सम्मेलन भारतीय तटरक्षक बल का सर्वोच्च वार्षिक पेशेवर मंच है।

सम्मेलन में कौन-कौन शामिल हुए

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने सम्मेलन के पहले दिन तटरक्षक बल के कमांडर्स को संबोधित किया। उन्होंने महानिदेशक परमेश शिवमणि और देशभर से आए वरिष्ठ तटरक्षक कमांडरों से भेंट की। इस मुलाक़ात में तटरक्षक बल की ऑपरेशनल तैयारियों और समुद्री सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।

मुख्य घटनाक्रम और एजेंडा

बैठक में ऑपरेशनल तैयारी की समीक्षा के साथ-साथ भविष्य की ज़रूरतों पर भी गहन विचार किया गया। रणनीतिक, ऑपरेशनल और प्रशासनिक प्राथमिकताओं — तीनों स्तरों पर विमर्श चल रहा है। विशेष रूप से स्वदेशी तकनीक और उपकरणों को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया गया, ताकि तटरक्षक बल अपनी परिचालन आवश्यकताओं को देश में विकसित क्षमताओं के ज़रिये पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ सके।

कर्मियों के प्रशिक्षण को उन्नत बनाना और ज़रूरी बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करना भी एजेंडे में प्रमुख रूप से शामिल है। समुद्री क्षेत्र में उभरती चुनौतियों का सामना करने के लिए बल की क्षमताओं को निरंतर सशक्त बनाने की आवश्यकता पर विशेष चर्चा हुई।

समुद्री सुरक्षा पर सरकार की प्राथमिकता

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने अपने संबोधन में समुद्री सुरक्षा को मज़बूत करने में भारतीय तटरक्षक बल की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने देश के व्यापक समुद्री हितों और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा में बल की बढ़ती जिम्मेदारियों का उल्लेख किया। गौरतलब है कि हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती भू-राजनीतिक सक्रियता के बीच भारत के लिए तटीय और समुद्री सुरक्षा की प्राथमिकता और बढ़ गई है।

आधुनिकीकरण और स्वदेशीकरण पर ज़ोर

यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' के तहत स्वदेशी उत्पादन को प्राथमिकता दे रही है। तटरक्षक बल के आधुनिकीकरण और उसकी परिचालन ज़रूरतों को देश में ही विकसित उपकरणों एवं प्रणालियों से पूरा करने की रूपरेखा पर भी विमर्श हुआ।

तीन दिवसीय सम्मेलन के शेष सत्रों में विभिन्न क्षेत्रीय कमान की परिचालन चुनौतियों और आगामी वर्ष की रणनीतिक प्राथमिकताओं पर निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।

क्या होगा आगे

सम्मेलन 19 सितंबर 2026 को समापन होगा, जिसके बाद भविष्य की नीतियों और कार्य-योजनाओं की औपचारिक घोषणा संभावित है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष के सम्मेलन में लिए गए निर्णय तटरक्षक बल की अगले कुछ वर्षों की क्षमता-विस्तार योजनाओं की दिशा तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली प्रश्न यह है कि क्या घरेलू उद्योग उस गति और गुणवत्ता पर उपकरण दे पा रहा है जो बल को चाहिए। बुनियादी ढाँचे और प्रशिक्षण पर दोहराए जाने वाले संकल्पों को अब ठोस समय-सीमाओं और सार्वजनिक जवाबदेही से जोड़ने की ज़रूरत है।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय तटरक्षक बल की 43वीं कमांडर्स कांफ्रेंस क्या है?
यह भारतीय तटरक्षक बल का सर्वोच्च वार्षिक पेशेवर सम्मेलन है, जिसमें देशभर के वरिष्ठ कमांडर एकत्रित होकर रणनीतिक, ऑपरेशनल और प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर विचार करते हैं। 43वाँ संस्करण 17 से 19 सितंबर 2026 तक नई दिल्ली स्थित तटरक्षक मुख्यालय में आयोजित हो रहा है।
इस सम्मेलन में किन विषयों पर चर्चा हो रही है?
सम्मेलन में ऑपरेशनल तैयारी, क्षमता विकास, बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करना, कर्मियों का प्रशिक्षण और स्वदेशी तकनीक एवं उपकरणों को अपनाना — इन प्रमुख विषयों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। समुद्री क्षेत्र में उभरती चुनौतियों से निपटने की रणनीति पर भी विमर्श हो रहा है।
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने सम्मेलन में क्या कहा?
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने समुद्री सुरक्षा को मज़बूत करने में भारतीय तटरक्षक बल की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने देश के समुद्री हितों और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा में बल की प्रभावी भूमिका को और सशक्त बनाने पर ज़ोर दिया।
43वीं कमांडर्स कांफ्रेंस कब तक चलेगी?
यह सम्मेलन 17 सितंबर 2026 से शुरू होकर 19 सितंबर 2026 तक नई दिल्ली स्थित तटरक्षक मुख्यालय में जारी रहेगा। समापन के बाद भविष्य की नीतियों और कार्य-योजनाओं की घोषणा संभावित है।
तटरक्षक बल के स्वदेशीकरण पर सम्मेलन में क्या निर्णय हुआ?
सम्मेलन में स्वदेशी तकनीक और उपकरणों को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया, ताकि तटरक्षक बल अपनी परिचालन ज़रूरतों को देश में विकसित क्षमताओं के माध्यम से पूरा कर सके। यह 'आत्मनिर्भर भारत' के तहत रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन को प्राथमिकता देने की व्यापक नीति के अनुरूप है।
राष्ट्र प्रेस
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