क्या एनसीसी कैडेट्स देश के गौरवशाली अतीत और उज्ज्वल भविष्य के बीच एक सजीव कड़ी हैं? रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ
सारांश
Key Takeaways
- एनसीसी कैडेट्स देश के भविष्य के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं।
- गणतंत्र दिवस हमारे संविधान और स्वतंत्रता सेनानियों की श्रद्धांजलि है।
- कैडेट्स को स्वदेशी सोच और आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित किया गया।
- रक्षा राज्य मंत्री ने युवाओं में अनुशासन और नेतृत्व की महत्ता को रेखांकित किया।
- साइक्लोथॉन ने राष्ट्रीय एकता के संदेश को फैलाया।
नई दिल्ली, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत में स्टार्टअप्स की संख्या 800 से बढ़कर 2 लाख से अधिक होने का तथ्य देश की नवाचार क्षमता और युवा ऊर्जा का प्रमाण है। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्टार्टअप इंडिया जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए रविवार को यह बात कही।
संजय सेठ ने 18 जनवरी को दिल्ली कैंट में स्थित नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) गणतंत्र दिवस शिविर 2026 का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कैडेट्स को स्वदेशी सोच के साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने और स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कैडेट्स के साथ बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस सिर्फ एक राष्ट्रीय पर्व नहीं है, बल्कि यह हमारे संविधान और स्वतंत्रता सेनानियों को समर्पित श्रद्धांजलि है। उन्होंने एनसीसी कैडेट्स की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि वे भारत के गौरवशाली अतीत और उसके उज्ज्वल भविष्य के बीच की एक जीवंत कड़ी हैं।
उन्होंने गणतंत्र दिवस शिविर को भारत के युवाओं में निहित अनुशासन, प्रतिबद्धता और नेतृत्व क्षमता का एक सजीव उदाहरण बताया।
इससे पहले, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के आगमन पर एनसीसी कैडेट्स ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद ग्वालियर के स्कूली छात्रों द्वारा प्रस्तुत बैंड प्रदर्शन ने सभी को मोहित कर दिया।
रक्षा राज्य मंत्री ने रांची से दिल्ली तक 1300 किलोमीटर की दूरी तय कर वीर बिरसा मुंडा साइक्लोथॉन में भाग लेने वाले 15 कैडेट्स की सराहना की। इन कैडेट्स ने राष्ट्रीय एकता और वीर बिरसा मुंडा के मूल्यों का संदेश सभी तक पहुंचाया। उन्होंने 2025 में माउंट एवरेस्ट पर सफल आरोहण करने वाले 10 एनसीसी कैडेट्स की उपलब्धियों की भी प्रशंसा की।
संजय सेठ ने कैडेट्स से आग्रह किया कि वे भविष्य की चुनौतियों का सामना करते हुए कर्तव्य, देशभक्ति और संवैधानिक मूल्यों से जुड़े रहें। उन्होंने कहा कि इसी दृढ़ संकल्प और मेहनत के साथ 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में योगदान दें।
उन्होंने एनसीसी अधिकारियों और प्रशिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे भावी नेतृत्व तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने सभी से तिरंगे के सम्मान और गरिमा को बनाए रखने तथा ईमानदारी के साथ राष्ट्र सेवा करने की अपील की, ताकि एक मजबूत और समृद्ध भारत का निर्माण हो सके।
एनसीसी कैंप विजिट के दौरान रक्षा राज्य मंत्री ने ‘फ्लैग एरिया’ का भी अवलोकन किया। इस एरिया को देश के 17 एनसीसी निदेशालयों के कैडेट्स ने विभिन्न सामाजिक जागरूकता विषयों पर अत्यंत स्पष्टता और सृजनात्मकता के साथ सजाया है। इसके अलावा, रक्षा राज्यमंत्री ने ‘हॉल ऑफ फेम’ का भ्रमण भी किया, जहाँ कैडेट्स ने एनसीसी के गौरवशाली इतिहास, प्रशिक्षण गतिविधियों और उपलब्धियों का जीवंत विवरण प्रस्तुत किया।