पवन खेड़ा का केजरीवाल पर तंज: 'हम फोटोकॉपी नहीं, ऑरिजिनल से लड़ते हैं'; BRICS और लद्दाख पर भी उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने 14 सितंबर 2026 को आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें 'फोटोकॉपी' करार दिया और स्पष्ट किया कि कांग्रेस की असली लड़ाई 'ऑरिजिनल' यानी सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) से है। नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में खेड़ा ने कहा, 'हमारा वार उनसे क्यों होगा? हमारा वार जिनसे है, वे सभी जानते हैं। हम फोटोकॉपी से नहीं, ऑरिजिनल से लड़ते हैं।'
केजरीवाल पर 'फोटोकॉपी' वाला तंज
खेड़ा की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब कांग्रेस और AAP के बीच दिल्ली की सियासत में तनाव लगातार बना हुआ है। गौरतलब है कि दोनों दल लोकसभा चुनावों में इंडिया गठबंधन के सहयोगी रहे हैं, लेकिन दिल्ली की राजनीति में वे आमने-सामने हैं। खेड़ा ने केजरीवाल का सीधे नाम लिए बिना यह जता दिया कि कांग्रेस के मुख्य प्रतिद्वंद्वी BJP हैं, न कि AAP।
महिला एशिया कप जीत और लैंगिक समानता पर संदेश
भारतीय महिला क्रिकेट टीम के महिला एशिया कप जीतने पर खेड़ा ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि इस जीत से सभी को सबक लेने की जरूरत है — खासकर उन लोगों को जो राजनीति और अन्य क्षेत्रों को पुरुष-प्रधान ढंग से चलाते हैं। उन्होंने कहा, 'जब महिलाएं जीतती हैं तो उनकी तारीफ होती है, लेकिन बाद में उन्हें पीछे धकेलने की कोशिश भी की जाती है। यह प्रवृत्ति बंद होनी चाहिए, तभी समाज में वास्तविक समानता स्थापित होगी।'
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी से ट्रॉफी न लेने के सवाल पर खेड़ा ने संक्षेप में कहा कि भारतीय खिलाड़ियों ने वही किया जो उन्हें सही लगा।
BRICS पर सवाल: चीन के पक्ष में झुका गुट?
खेड़ा ने BRICS समूह की प्रासंगिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसका मूल उद्देश्य पश्चिमी देशों के वर्चस्व को संतुलित करना था। उन्होंने कहा, '1991 में शीत युद्ध (Cold War) समाप्त होने के बाद यह विचार उभरा कि दुनिया पर एक या दो देशों का प्रभुत्व नहीं होना चाहिए, लेकिन इस गुट में जो भी तरक्की हुई है, वह असल में चीन के पक्ष में ही रही है।'
उन्होंने एक के बाद एक कई तीखे सवाल दागे — क्या ईरान के साथ चाबहार पोर्ट पर बातचीत हुई? क्या चीन से लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में बसाए जा रहे गाँवों का मुद्दा उठाया गया? क्या ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को चीन से मिली सहायता पर सवाल किए गए? क्या पहलगाम आतंकी घटना में पाकिस्तान का नाम उठाया गया, और अगर नहीं तो क्यों? अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष तथा ईरान के सर्वोच्च नेता की कथित हत्या से जुड़े मसले पर क्या रुख अपनाया गया?
लद्दाख पेट्रोलिंग और रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट
भारतीय रक्षा मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट पर खेड़ा ने कहा कि विपक्ष का एक बुनियादी सवाल अब तक अनुत्तरित है — मई 2020 से पहले भारतीय सेना लद्दाख के जिन पेट्रोलिंग पॉइंट्स तक पहुँचती थी, क्या वह अब भी वहाँ पहुँच पा रही है? उन्होंने कहा कि इस सवाल का स्पष्ट जवाब रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट या रक्षा मंत्री को सीधे देना चाहिए। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण हो जाता है जब भारत-चीन सीमा पर स्थिति की लगातार निगरानी होती रहती है।
आगे क्या
खेड़ा की इन टिप्पणियों से स्पष्ट है कि कांग्रेस आने वाले समय में न केवल BJP बल्कि BRICS, रक्षा नीति और चीन-पाकिस्तान मसले पर सरकार को घेरने की रणनीति पर चल रही है। लद्दाख पेट्रोलिंग और ऑपरेशन सिंदूर जैसे संवेदनशील विषयों पर उनके सवाल आने वाले संसद सत्र में भी गूंजने की संभावना है।