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यूसीसी और घुसपैठ पर BJP चुनाव से पहले ही बोलती है: कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम

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यूसीसी और घुसपैठ पर BJP चुनाव से पहले ही बोलती है: कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम

सारांश

यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने BJP पर चुनाव आते ही यूसीसी और घुसपैठ जैसे मुद्दे उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से पेपर लीक आंदोलन, सीमा विवाद और घुसपैठ पर ठोस जवाब माँगे, और 2027 चुनावों में महिला आरक्षण लागू करने की भी अपील की।

मुख्य बातें

राजेंद्र पाल गौतम ने 14 सितंबर 2026 को गृह मंत्री अमित शाह के 21 राज्यों में यूसीसी लागू करने के बयान को चुनावी राजनीति करार दिया।
पेपर लीक प्रदर्शनों के दौरान छात्रों पर हुई कार्रवाई और प्रदर्शन स्थल के पास पत्थरों से भरे वाहनों की जिम्मेदारी पर सरकार से जवाब माँगा।
घुसपैठ पर केवल बयानबाजी नहीं, पकड़े और वापस भेजे गए घुसपैठियों के ठोस आँकड़े सार्वजनिक करने की माँग।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भारत-चीन सीमा पर PLA की तैनाती में कमी और विवादित क्षेत्रों से चीनी वापसी की स्थिति स्पष्ट करने का आग्रह।
2023 में पारित महिला आरक्षण कानून के तहत 33% आरक्षण को 2027 के विधानसभा चुनावों में लागू करने की माँग।
ब्रिक्स सम्मेलन में भारत-चीन सीमा मुद्दों पर अपेक्षित बातचीत न होने को गौतम ने निराशाजनक बताया।

यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने 14 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह पर एक साथ कई मोर्चों पर हमला बोला। उन्होंने समान नागरिक संहिता (यूसीसी), घुसपैठ, पेपर लीक आंदोलन के दौरान हुई कार्रवाई, भारत-चीन सीमा पर पीएलए की तैनाती में कमी, महिला एशिया कप की जीत और हालिया ब्रिक्स सम्मेलन — इन सभी मुद्दों पर सरकार से स्पष्ट जवाब माँगे।

यूसीसी और चुनावी राजनीति पर आरोप

गौतम ने अमित शाह के 21 राज्यों में यूसीसी लागू करने के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना था कि जैसे ही चुनाव नज़दीक आते हैं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं को यूसीसी, घुसपैठिए और हिंदू-मुसलमान जैसे मुद्दे अचानक याद आने लगते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बयान तो खूब देती है, लेकिन जमीनी स्तर पर काम नदारद रहता है।

पेपर लीक आंदोलन और छात्रों पर कार्रवाई

गौतम ने गृह मंत्री से सीधे सवाल किया कि पेपर लीक विरोधी प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शन स्थल के आसपास पत्थरों से भरे वाहन किसने खड़े किए और छात्रों पर हिंसा करने वाले लोग कौन थे। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में सीसीटीवी कैमरे मौजूद हैं, इसलिए सरकार के पास इन घटनाओं का स्पष्ट जवाब होना चाहिए। उन्होंने अपील की कि गृह मंत्री अपने पद की जिम्मेदारी के अनुरूप बयान और कार्रवाई दोनों करें।

घुसपैठ पर ठोस आँकड़े माँगे

घुसपैठ के मुद्दे पर गौतम ने पूछा कि वर्षों से सत्ता में रहने के बाद सरकार ने अब तक कितने घुसपैठियों को पकड़ा और कितनों को वापस भेजा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल भाषणों से काम नहीं चलेगा — सरकार को ठोस आँकड़े और परिणाम देश के सामने रखने चाहिए। विदेश नीति पर भी उन्होंने कहा कि चीन लगातार भारत के सामने चुनौतियाँ खड़ी करता रहा है, फिर भी केंद्र की प्रतिक्रिया पर्याप्त नहीं रही।

भारत-चीन सीमा और ब्रिक्स पर सवाल

रक्षा मंत्रालय की उस रिपोर्ट के संदर्भ में, जिसमें भारत-चीन सीमा पर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की तैनाती में कमी और संबंधों में सुधार के संकेत बताए गए हैं, गौतम ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से स्थिति स्पष्ट करने की माँग की। उनका सवाल था कि जिन क्षेत्रों पर चीनी कब्जे की खबरें आती रही हैं, क्या वहाँ से चीनी सेना वाकई पीछे हट गई है। ब्रिक्स सम्मेलन पर उन्होंने कहा कि यह भारत के लिए सीमा विवाद और द्विपक्षीय तनाव पर चीन से सीधी बातचीत करने का महत्वपूर्ण अवसर था, लेकिन उनके अनुसार, इन अहम मुद्दों पर अपेक्षित बातचीत नहीं हो सकी, जो निराशाजनक रहा।

महिला एशिया कप जीत और आरक्षण की माँग

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की एशिया कप जीत पर गौतम ने खिलाड़ियों को बधाई दी और कहा कि भारतीय महिलाएँ अवसर मिलने पर अपनी प्रतिभा हर बार साबित करती हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने माँग रखी कि 2023 में संसद से पारित महिला आरक्षण कानून के तहत कम से कम 33 प्रतिशत आरक्षण को 2027 के विधानसभा चुनावों में लागू किया जाए। ट्रॉफी विवाद पर उन्होंने कहा कि उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी नहीं है इसलिए निश्चित टिप्पणी नहीं करना चाहते, लेकिन उन्होंने ज़रूर कहा कि खेल और समाज में जाति और धर्म के आधार पर विभाजन से सभी को ऊपर उठना चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

जैसे BJP पर वे खुद आरोप लगा रहे हैं।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजेंद्र पाल गौतम ने यूसीसी पर BJP की क्या आलोचना की?
गौतम ने कहा कि BJP के नेताओं को यूसीसी, घुसपैठिए और हिंदू-मुसलमान जैसे मुद्दे तभी याद आते हैं जब चुनाव नज़दीक होते हैं। उनका आरोप है कि सरकार जमीनी काम कम और बयानबाजी ज़्यादा करती है।
गौतम ने भारत-चीन सीमा पर क्या सवाल उठाए?
उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से माँग की कि वे स्पष्ट करें कि विवादित क्षेत्रों से PLA वास्तव में पीछे हटी है या नहीं। उनका कहना था कि केवल बयानबाजी से सीमा विवाद हल नहीं होगा।
गौतम ने महिला आरक्षण को लेकर क्या माँग रखी?
उन्होंने माँग की कि 2023 में संसद से पारित महिला आरक्षण कानून के तहत कम से कम 33 प्रतिशत आरक्षण को 2027 के विधानसभा चुनावों में लागू किया जाए। उन्होंने भारतीय महिला एशिया कप जीत का हवाला देते हुए कहा कि महिलाएँ अवसर मिलने पर हमेशा अपनी काबिलियत साबित करती हैं।
ब्रिक्स सम्मेलन पर गौतम की क्या राय थी?
गौतम ने कहा कि ब्रिक्स भारत के लिए सीमा विवाद और द्विपक्षीय तनाव पर चीन से बात करने का अहम मौका था, लेकिन उनके अनुसार इन मुद्दों पर अपेक्षित बातचीत नहीं हुई, जो निराशाजनक रहा।
पेपर लीक आंदोलन पर गौतम ने क्या आरोप लगाए?
उन्होंने सवाल किया कि पेपर लीक विरोधी प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शन स्थल के पास पत्थरों से भरे वाहन किसने खड़े किए और छात्रों पर हिंसा करने वाले कौन थे। उन्होंने कहा कि दिल्ली में सीसीटीवी फुटेज मौजूद है, इसलिए सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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