यूसीसी और घुसपैठ पर BJP चुनाव से पहले ही बोलती है: कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम
सारांश
मुख्य बातें
यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने 14 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह पर एक साथ कई मोर्चों पर हमला बोला। उन्होंने समान नागरिक संहिता (यूसीसी), घुसपैठ, पेपर लीक आंदोलन के दौरान हुई कार्रवाई, भारत-चीन सीमा पर पीएलए की तैनाती में कमी, महिला एशिया कप की जीत और हालिया ब्रिक्स सम्मेलन — इन सभी मुद्दों पर सरकार से स्पष्ट जवाब माँगे।
यूसीसी और चुनावी राजनीति पर आरोप
गौतम ने अमित शाह के 21 राज्यों में यूसीसी लागू करने के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना था कि जैसे ही चुनाव नज़दीक आते हैं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं को यूसीसी, घुसपैठिए और हिंदू-मुसलमान जैसे मुद्दे अचानक याद आने लगते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बयान तो खूब देती है, लेकिन जमीनी स्तर पर काम नदारद रहता है।
पेपर लीक आंदोलन और छात्रों पर कार्रवाई
गौतम ने गृह मंत्री से सीधे सवाल किया कि पेपर लीक विरोधी प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शन स्थल के आसपास पत्थरों से भरे वाहन किसने खड़े किए और छात्रों पर हिंसा करने वाले लोग कौन थे। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में सीसीटीवी कैमरे मौजूद हैं, इसलिए सरकार के पास इन घटनाओं का स्पष्ट जवाब होना चाहिए। उन्होंने अपील की कि गृह मंत्री अपने पद की जिम्मेदारी के अनुरूप बयान और कार्रवाई दोनों करें।
घुसपैठ पर ठोस आँकड़े माँगे
घुसपैठ के मुद्दे पर गौतम ने पूछा कि वर्षों से सत्ता में रहने के बाद सरकार ने अब तक कितने घुसपैठियों को पकड़ा और कितनों को वापस भेजा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल भाषणों से काम नहीं चलेगा — सरकार को ठोस आँकड़े और परिणाम देश के सामने रखने चाहिए। विदेश नीति पर भी उन्होंने कहा कि चीन लगातार भारत के सामने चुनौतियाँ खड़ी करता रहा है, फिर भी केंद्र की प्रतिक्रिया पर्याप्त नहीं रही।
भारत-चीन सीमा और ब्रिक्स पर सवाल
रक्षा मंत्रालय की उस रिपोर्ट के संदर्भ में, जिसमें भारत-चीन सीमा पर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की तैनाती में कमी और संबंधों में सुधार के संकेत बताए गए हैं, गौतम ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से स्थिति स्पष्ट करने की माँग की। उनका सवाल था कि जिन क्षेत्रों पर चीनी कब्जे की खबरें आती रही हैं, क्या वहाँ से चीनी सेना वाकई पीछे हट गई है। ब्रिक्स सम्मेलन पर उन्होंने कहा कि यह भारत के लिए सीमा विवाद और द्विपक्षीय तनाव पर चीन से सीधी बातचीत करने का महत्वपूर्ण अवसर था, लेकिन उनके अनुसार, इन अहम मुद्दों पर अपेक्षित बातचीत नहीं हो सकी, जो निराशाजनक रहा।
महिला एशिया कप जीत और आरक्षण की माँग
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की एशिया कप जीत पर गौतम ने खिलाड़ियों को बधाई दी और कहा कि भारतीय महिलाएँ अवसर मिलने पर अपनी प्रतिभा हर बार साबित करती हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने माँग रखी कि 2023 में संसद से पारित महिला आरक्षण कानून के तहत कम से कम 33 प्रतिशत आरक्षण को 2027 के विधानसभा चुनावों में लागू किया जाए। ट्रॉफी विवाद पर उन्होंने कहा कि उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी नहीं है इसलिए निश्चित टिप्पणी नहीं करना चाहते, लेकिन उन्होंने ज़रूर कहा कि खेल और समाज में जाति और धर्म के आधार पर विभाजन से सभी को ऊपर उठना चाहिए।