भारत-वियतनाम के साझा रणनीतिक हित: विदेश मंत्री ले होई ट्रुंग ने जयशंकर से की मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
वियतनाम के विदेश मंत्री ले होई ट्रुंग ने 14 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की और कहा कि शांति, स्थिरता और रणनीतिक स्वायत्तता की रक्षा करने तथा एक खुले एवं समावेशी क्षेत्रीय ढाँचे को बढ़ावा देने में भारत और वियतनाम के मजबूत साझा हित हैं। यह बैठक नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर हुई।
बढ़ती वैश्विक जटिलता में साझा रुख
बैठक के दौरान ट्रुंग ने अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य की बढ़ती जटिलताओं का उल्लेख करते हुए कहा, 'हम सभी जानते हैं कि आज अंतरराष्ट्रीय परिवेश लगातार अधिक जटिल होता जा रहा है। ऐसे समय में वियतनाम और भारत शांति, स्थिरता, रणनीतिक स्वायत्तता तथा एक खुले और समावेशी क्षेत्रीय ढाँचे के संरक्षण में समान हित साझा करते हैं।' उनका यह बयान ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब भू-राजनीतिक तनाव और व्यापार-युद्ध वैश्विक गठबंधनों को नए सिरे से परिभाषित कर रहे हैं।
दोनों देशों के विकास-दृष्टिकोण की समानता
ट्रुंग ने इस बात पर ज़ोर दिया कि दोनों देश इस समय अपने-अपने विकास के महत्वपूर्ण चरण से गुज़र रहे हैं। वियतनाम '2045 विकास दृष्टिकोण' और भारत 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हमें पूरा विश्वास है कि हमारे द्विपक्षीय संबंध और सहयोग न केवल दोनों देशों के हित में हैं, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर शांति, स्थिरता और सहयोग को भी मजबूत करेंगे।' यह समानांतर विकास-महत्वाकांक्षा दोनों देशों के बीच आर्थिक और तकनीकी सहयोग के नए द्वार खोल सकती है।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सफलता पर प्रशंसा
ट्रुंग ने नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए भारत की सराहना की। उन्होंने इस सम्मेलन के घोषणा-पत्र को 'वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में अत्यंत महत्वपूर्ण' बताते हुए कहा कि इसमें अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रमुख सिद्धांतों तथा शांति, सुरक्षा और विकास के लिए आवश्यक दिशानिर्देशों की पुनर्पुष्टि की गई और कई ठोस पहलें सामने रखी गईं।
मोदी-हुंग वार्ता का उल्लेख
ट्रुंग ने ब्रिक्स के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हुंग के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता की भी सराहना की। उन्होंने इसे 'बेहद सार्थक और सौहार्दपूर्ण' बताया और कहा कि इससे दोनों नेताओं के बीच हुए समझौतों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
आगे क्या
ट्रुंग ने गणेश चतुर्थी के अवसर पर भारतीय जनता को शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास जताया कि यह बैठक भारत-वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ करेगी। दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग के नए अध्यायों की शुरुआत की संभावना इस बैठक के बाद और प्रबल हो गई है।