13 सितंबर 2026
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भारत-वियतनाम रक्षा वार्ता: हिंद-प्रशांत सुरक्षा और समुद्री सहयोग पर नई दिल्ली में अहम बैठक

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भारत-वियतनाम रक्षा वार्ता: हिंद-प्रशांत सुरक्षा और समुद्री सहयोग पर नई दिल्ली में अहम बैठक

सारांश

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बाद भारत और वियतनाम ने रक्षा-सचिव स्तर पर नई दिल्ली में अहम बैठक की। हिंद-प्रशांत सुरक्षा, समुद्री सहयोग और तकनीक-साझेदारी पर सहमति बनी; अगली रक्षा नीति वार्ता एयरो इंडिया 2027 के दौरान बेंगलुरु में होगी।

मुख्य बातें

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और वियतनाम के वरिष्ठ लेफ्टिनेंट जनरल गुयेन त्रुओंग थांग के बीच 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में बैठक हुई।
दोनों देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और नियम-आधारित सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई।
संयुक्त पहलों, तकनीक साझेदारी और रक्षा उद्योग सहयोग को तेज करने पर सहमति बनी।
ADMM-Plus तंत्र के तहत आसियान-नेतृत्व वाले मंचों पर समन्वय बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
अगली रक्षा नीति वार्ता एयरो इंडिया 2027 के दौरान बेंगलुरु में आयोजित होगी।
यह बैठक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में दोनों प्रधानमंत्रियों द्वारा तय की गई रणनीतिक दिशा की अनुवर्ती कड़ी है।

भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और वियतनाम के राष्ट्रीय रक्षा उपमंत्री वरिष्ठ लेफ्टिनेंट जनरल गुयेन त्रुओंग थांग के बीच 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और नियम-आधारित सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा की गई। दोनों देशों ने रक्षा और समुद्री संबंधों को और गहरा करने तथा व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।

बैठक की पृष्ठभूमि

यह बैठक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच हुई उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता की सीधी अनुवर्ती कड़ी है। उस शिखर-स्तरीय मुलाकात में तय की गई रणनीतिक दिशा को ज़मीनी स्तर पर आगे बढ़ाने के उद्देश्य से ही यह रक्षा-सचिव स्तरीय संवाद आयोजित किया गया। गौरतलब है कि भारत और वियतनाम के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी पहले से स्थापित है, और यह बैठक उसे संस्थागत रूप से और सुदृढ़ करने की कोशिश है।

मुख्य घटनाक्रम और सहमति के बिंदु

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्षों ने संयुक्त पहलों को तेजी से आगे बढ़ाने, तकनीक साझा करने और रक्षा उद्योग के क्षेत्र में सहयोग विस्तार पर विशेष बल दिया। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण चीन सागर में तनाव और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति-संतुलन को लेकर वैश्विक चिंताएँ बढ़ रही हैं।

बैठक में एक्सपर्ट वर्किंग ग्रुप जैसे सहयोगी मंचों की भूमिका को रेखांकित किया गया, जो क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने और सामूहिक सुरक्षा ढाँचे को मजबूत करने में सहायक हैं।

आसियान मंच पर समन्वय

दोनों देशों ने बहुपक्षीय मंचों पर आपसी समन्वय बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। विशेष रूप से आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस (ADMM-Plus) व्यवस्था के तहत सक्रिय भागीदारी को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया। आसियान के नेतृत्व वाले तंत्र के माध्यम से व्यावहारिक रक्षा सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी दोनों पक्षों ने दोहराई।

अगली वार्ता का कार्यक्रम

दोनों पक्षों ने अगली रक्षा नीति वार्ता भारत में आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की। यह वार्ता एयरो इंडिया 2027 के दौरान बेंगलुरु में होगी। यह निर्णय दर्शाता है कि दोनों देश संस्थागत संवाद तंत्र को नियमित और व्यवस्थित रखने के प्रति प्रतिबद्ध हैं।

क्षेत्रीय महत्व और आगे की राह

रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने माना कि मजबूत समुद्री और रक्षा सहयोग क्षेत्र में शांतिपूर्ण, स्थिर और नियम-आधारित सुरक्षा व्यवस्था के लिए अपरिहार्य है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस बैठक से भारत-वियतनाम रक्षा संबंधों को नई गति मिलने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों की सामूहिक उपस्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि अब तक इस साझेदारी में घोषणाएँ क्रियान्वयन से आगे रही हैं।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-वियतनाम रक्षा बैठक 13 सितंबर 2026 को किन मुद्दों पर हुई?
13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में हुई इस बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, रक्षा उद्योग सहयोग, तकनीक साझेदारी और आसियान मंचों पर समन्वय बढ़ाने पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
इस बैठक में भारत और वियतनाम की ओर से कौन शामिल हुए?
भारत की ओर से रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और वियतनाम की ओर से राष्ट्रीय रक्षा उपमंत्री वरिष्ठ लेफ्टिनेंट जनरल गुयेन त्रुओंग थांग इस बैठक में शामिल हुए। यह बैठक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की मुलाकात के बाद हुई।
भारत-वियतनाम अगली रक्षा नीति वार्ता कब और कहाँ होगी?
दोनों देशों ने अगली रक्षा नीति वार्ता एयरो इंडिया 2027 के दौरान बेंगलुरु में आयोजित करने पर सहमति जताई है। यह निर्णय दोनों देशों के बीच संस्थागत रक्षा संवाद को नियमित बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
आसियान ADMM-Plus का भारत-वियतनाम सहयोग में क्या महत्व है?
आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस (ADMM-Plus) एक बहुपक्षीय रक्षा-सहयोग तंत्र है जिसमें भारत और वियतनाम दोनों भागीदार हैं। इस बैठक में दोनों देशों ने ADMM-Plus के तहत समन्वय बढ़ाने और आसियान-नेतृत्व वाले ढाँचे के माध्यम से व्यावहारिक सहयोग को और सक्रिय करने का संकल्प लिया।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का इस रक्षा बैठक से क्या संबंध है?
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारत और वियतनाम के प्रधानमंत्रियों के बीच उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक हुई थी, जिसमें रणनीतिक दिशा तय की गई थी। 13 सितंबर की रक्षा-सचिव स्तरीय बैठक उसी दिशा को ज़मीनी स्तर पर आगे बढ़ाने की प्रत्यक्ष अनुवर्ती कड़ी है।
राष्ट्र प्रेस
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