भूपेश बघेल का आरोप: सीईसी ज्ञानेश कुमार के ज़रिए मोदी-शाह करा रहे जनादेश की चोरी
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने 29 सितंबर 2026 को रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह उनके माध्यम से देश में जनादेश की चोरी करा रहे हैं। बघेल ने चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को 'वोट बंदी' करार देते हुए इसे नोटबंदी से जोड़ा और दावा किया कि इसके जरिए 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं।
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक और गठबंधन की रणनीति
बघेल ने बताया कि सोमवार को हुई कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में वे स्वयं शामिल हुए, जहाँ कई प्रस्ताव पारित किए गए और विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि बुधवार को इंडी गठबंधन की एक अहम बैठक प्रस्तावित है, जिसमें एसआईआर अभियान के खिलाफ साझा रणनीति तैयार की जाएगी। उनके अनुसार, विपक्ष मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाता रहेगा।
जनादेश चोरी का आरोप: कौन-कौन से चुनाव उठाए निशाने पर
बघेल ने आरोप लगाया कि चुनावी धाँधली का सिलसिला एक-दो राज्यों तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव, छत्तीसगढ़, राजस्थान, बिहार, हरियाणा और महाराष्ट्र — सभी चुनावों में कथित तौर पर वोटों की 'खुलेआम डकैती' हुई है। उनके अनुसार, दलितों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों के वोट विशेष रूप से निशाने पर हैं।
एसआईआर पर तीखे सवाल: बांग्लादेशी-रोहिंग्या कहाँ गए?
बघेल ने सरकार के एसआईआर अभियान की मूल मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'यहाँ विदेशी नागरिक रहते हैं — यह दावा करते हुए सरकार ने एसआईआर शुरू किया था। बिहार, बंगाल और असम में चुनाव हो गए — आपने कितने बांग्लादेशियों को पकड़ा? कितने रोहिंग्याओं को पकड़ा? कितने पाकिस्तानियों को पकड़ा?' उन्होंने इस अभियान की तुलना नोटबंदी से करते हुए कहा कि 'पहले नोटबंदी हुई, अब वोट बंदी की जा रही है।' उनके अनुसार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी इन तमाम सबूतों को लगातार जनता के सामने रख रहे हैं।
भिलाई स्टील प्लांट घोटाले की सीबीआई जाँच पर प्रश्नचिह्न
भिलाई स्टील प्लांट के स्क्रैप घोटाले में सीबीआई जाँच पर बघेल ने कहा कि केंद्रीय एजेंसियाँ 'पिंजरे में बंद तोते' बन गई हैं। उन्होंने कहा कि सीबीआई भिलाई, रायपुर समेत हर इलाके और राज्य में मौजूद है, और इतने समय से वे कुछ नहीं कर रहे थे। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि इस मामले में भाजपा नेताओं को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। बघेल ने माँग की कि जाँच एजेंसियाँ निष्पक्ष तरीके से, केवल तथ्यों के आधार पर काम करें।
आगे क्या
इंडी गठबंधन की प्रस्तावित बैठक में एसआईआर के विरोध में एक संयुक्त कार्यनीति तैयार किए जाने की उम्मीद है। बघेल के बयान ऐसे समय में आए हैं जब विपक्ष चुनावी पारदर्शिता को आगामी चुनावों से पहले एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दे के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।