कांग्रेस का आरोप: '13 करोड़ वोटों की चोरी', CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेताओं जहीर ललानी और वी. हनुमंत राव ने 20 अक्टूबर 2026 को हैदराबाद में आयोजित एक प्रेस संवाद में भारतीय जनता पार्टी (BJP), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए। ललानी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग की, जबकि हनुमंत राव ने देश की संवैधानिक संस्थाओं के 'भगवाकरण' का आरोप लगाया।
वोटों की चोरी का आरोप और CEC पर निशाना
कांग्रेस नेता जहीर ललानी ने दावा किया कि चुनावी प्रक्रिया में 13 करोड़ वोटों की चोरी हुई है। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस कोई तमाशा नहीं खड़ा कर रही — BJP सरकार और उसके नेताओं की सोच गलत है।' ललानी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के आचरण को 'अहंकारी और अस्वीकार्य' बताते हुए उनके इस्तीफे की माँग दोहराई, यह कहते हुए कि वे अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियाँ निभाने में नाकाम रहे हैं।
ललानी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के दौर का संदर्भ देते हुए कहा कि पहले विपक्ष का सम्मान किया जाता था, लेकिन अब राजनीतिक माहौल बदल गया है। उन्होंने यह भी कहा कि मतदाता सूचियों से 'लोगों के वोट हटाए जा रहे हैं' और इसके पीछे की वजह स्पष्ट नहीं है।
संस्थाओं के भगवाकरण का आरोप
कांग्रेस नेता वी. हनुमंत राव ने वोटों की कथित चोरी को एक कानूनी और संस्थागत संकट बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि RSS, BJP और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की संवैधानिक संस्थाओं का व्यवस्थित रूप से 'भगवाकरण' हो रहा है। हनुमंत राव ने कहा कि इस संबंध में उन्होंने एक विस्तृत प्रेस बयान भी जारी किया है।
हनुमंत राव ने एक सर्वे का हवाला देते हुए दावा किया कि उसमें अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए अलग कॉलम नहीं था, जबकि अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) का उल्लेख था — जिसे उन्होंने भेदभावपूर्ण बताया।
राहुल गांधी की भूमिका और जनाक्रोश
हनुमंत राव ने कहा कि वोटों की कथित चोरी को लेकर आम जनता में व्यापक नाराज़गी है और लोग जवाब माँग रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी इसी मुद्दे पर 'न्याय की लड़ाई' लड़ रहे हैं। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस कई राज्यों में चुनावी तैयारियों को लेकर सक्रिय है।
हनुमंत राव का राजनीतिक इतिहास
वी. हनुमंत राव ने इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और संजय गांधी के साथ अपने दीर्घकालिक संबंधों को भी याद किया। उन्होंने बताया कि संजय गांधी के समय उन्हें यूथ कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया था और राजीव गांधी के कार्यकाल में वे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव रहे।
हनुमंत राव ने बताया कि राजीव गांधी चुनावी हार के बाद भी उन्हें खम्मम और विशाखापत्तनम समेत विभिन्न दौरों पर अपने साथ रखते थे। उन्होंने कहा कि यदि एक विशेष प्रस्ताव पारित हो जाता, तो वे मुख्यमंत्री बन सकते थे — हालाँकि इसके लिए जिम्मेदार लोगों के नाम बताने से उन्होंने इनकार किया, यह कहते हुए कि 'संबंधित दोनों व्यक्ति अब इस दुनिया में नहीं हैं।'
आगे क्या होगा
कांग्रेस के इन आरोपों पर BJP की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। चुनाव आयोग ने भी इस पर कोई बयान नहीं दिया है। ललानी और हनुमंत राव के आरोप राष्ट्रीय स्तर पर चुनावी पारदर्शिता की बहस को नई धार दे सकते हैं।