18 अगस्त 2026
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कांग्रेस को देशभक्ति नहीं आती, 70 साल में 'फूट डालो राज करो' की नीति अपनाई: भाजपा विधायक रामरतन कुशवाहा

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कांग्रेस को देशभक्ति नहीं आती, 70 साल में 'फूट डालो राज करो' की नीति अपनाई: भाजपा विधायक रामरतन कुशवाहा

सारांश

कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के BJP पर विभाजनकारी राजनीति के आरोप के बाद ललितपुर के BJP विधायक रामरतन कुशवाहा ने पलटवार किया — कांग्रेस पर 70 साल की 'फूट डालो राज करो' नीति और राष्ट्रगीत के प्रति उदासीनता का आरोप लगाते हुए देशभक्ति पर ही सवाल खड़े कर दिए।

मुख्य बातें

BJP विधायक रामरतन कुशवाहा ने 18 अगस्त 2026 को कांग्रेस पर 'फूट डालो राज करो' की नीति अपनाने का आरोप लगाया।
यह बयान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा BJP पर विभाजनकारी राजनीति के आरोप के जवाब में आया।
कुशवाहा ने राष्ट्रगीत पर कांग्रेस की स्थिति को असंवैधानिक बताते हुए संसद द्वारा पारित कानून के पालन की माँग की।
उन्होंने BJP को सर्वसमाज की पार्टी बताया और कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाया।
कुशवाहा ने कहा कि कांग्रेस का एकमात्र एजेंडा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाना है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के ललितपुर विधायक रामरतन कुशवाहा ने 18 अगस्त 2026 को कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और कहा कि कांग्रेस को देशभक्ति का पाठ पढ़ाने का कोई अधिकार नहीं है। यह पलटवार कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उस बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर BJP पर विभाजनकारी और नफरत की राजनीति करने का आरोप लगाया था।

खड़गे के आरोपों पर कुशवाहा का पलटवार

कुशवाहा ने कहा कि सत्ता से बाहर होने के बाद कांग्रेस लगातार BJP के खिलाफ अलग-अलग मुद्दों पर बयानबाज़ी कर रही है। उनके अनुसार, 'देश और राष्ट्र से जुड़े विषयों पर कांग्रेस को राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि राष्ट्रीय भावना के साथ विचार करना चाहिए।' उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 70 वर्षों के शासनकाल में केवल 'फूट डालो और राज करो' की नीति अपनाई और हिंदू-मुस्लिम समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाया।

राष्ट्रगीत विवाद पर कुशवाहा की स्थिति

विधायक कुशवाहा ने राष्ट्रगीत को लेकर कांग्रेस की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संसद के दोनों सदनों से संबंधित विधेयक पारित होने और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद वह कानून बन चुका है। 'जब संसद से कोई कानून बन जाता है तो सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों को उसका पालन करना चाहिए' — यह कहते हुए उन्होंने कांग्रेस और उसके गठबंधन सहयोगियों को आड़े हाथों लिया। उनके अनुसार, राष्ट्रगीत के दौरान सावधान की मुद्रा में खड़े रहना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

BJP की नीति पर कुशवाहा का पक्ष

कुशवाहा ने दावा किया कि BJP 'सर्वसमाज' को साथ लेकर चलती है और सरकार बिना किसी जाति-भेदभाव के मकान, ऋण और अन्य सुविधाएँ उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा, 'हमारी पार्टी सनातन संस्कृति को मानती है — यह हमारी जीवनशैली है और भगवान श्रीराम हमारे आदर्श हैं।' उनका तर्क था कि सनातन संस्कृति का पोषण करना किसी के लिए भी आपत्तिजनक नहीं होना चाहिए।

कांग्रेस पर तुष्टिकरण का आरोप

कुशवाहा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस मुसलमानों की सबसे बड़ी हितैषी होने का दावा करती है, लेकिन वास्तव में उनके मन में BJP के प्रति भय भरने का काम करती है। उन्होंने कहा कि BJP को 'कट्टर पार्टी' या 'कट्टर हिंदू समर्थित पार्टी' बताना भ्रामक है। उनके अनुसार कांग्रेस का एकमात्र एजेंडा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किसी भी तरह सत्ता से हटाना है, जो उनके मतानुसार संभव नहीं है।

राजनीतिक संदर्भ

यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दल अगले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए अपनी-अपनी स्थिति मज़बूत कर रहे हैं। गौरतलब है कि खड़गे बनाम BJP के बीच यह वाकयुद्ध राष्ट्रीय मुद्दों पर दोनों पार्टियों के बीच बढ़ती वैचारिक खाई को दर्शाता है। आने वाले दिनों में कांग्रेस की ओर से इस पर प्रतिक्रिया अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

कुशवाहा के दावे कि BJP 'सर्वसमाज' की पार्टी है, की परीक्षा उत्तर प्रदेश के ज़मीनी आँकड़ों और अल्पसंख्यक समुदायों की भागीदारी के आधार पर होनी चाहिए। यह बयानबाज़ी राजनीतिक ध्रुवीकरण को और गहरा करती है, जबकि असली सवाल — नीतिगत जवाबदेही और विकास — हाशिये पर चले जाते हैं।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामरतन कुशवाहा ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
BJP विधायक रामरतन कुशवाहा ने कांग्रेस पर 70 वर्षों के शासन में 'फूट डालो राज करो' की नीति अपनाने, हिंदू-मुस्लिम समुदायों को आपस में लड़वाने और तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को देशभक्ति का पाठ पढ़ाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
यह विवाद किस बयान के बाद शुरू हुआ?
यह विवाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उस बयान के बाद शुरू हुआ जिसमें उन्होंने कथित तौर पर BJP पर विभाजनकारी और नफरत की राजनीति करने का आरोप लगाया था। इसके जवाब में ललितपुर से BJP विधायक कुशवाहा ने 18 अगस्त 2026 को पलटवार किया।
राष्ट्रगीत विवाद पर कुशवाहा का क्या कहना है?
कुशवाहा ने कहा कि राष्ट्रगीत से संबंधित कानून संसद के दोनों सदनों से पारित होकर राष्ट्रपति की मंजूरी पा चुका है, इसलिए सभी दलों और नागरिकों को इसका पालन करना अनिवार्य है। उनके अनुसार राष्ट्रगीत के दौरान सावधान की मुद्रा में खड़े रहना प्रत्येक देशवासी का कर्तव्य है।
BJP की सर्वसमाज नीति के बारे में कुशवाहा ने क्या कहा?
कुशवाहा ने दावा किया कि BJP बिना किसी जाति या धर्म के भेदभाव के सभी समुदायों को मकान, ऋण और अन्य सरकारी सुविधाएँ प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि BJP को 'कट्टर पार्टी' बताना भ्रामक है और पार्टी सनातन संस्कृति को अपनी जीवनशैली मानती है।
इस बयानबाज़ी का राजनीतिक संदर्भ क्या है?
यह बयानबाज़ी उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में BJP और कांग्रेस के बीच राष्ट्रवाद, पहचान और शासन के मुद्दों पर बढ़ती वैचारिक खाई को दर्शाती है। दोनों पार्टियाँ एक-दूसरे पर विभाजनकारी राजनीति का आरोप लगाते हुए अपनी-अपनी जनाधार को मज़बूत करने की कोशिश कर रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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