राम मंदिर ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितता: खड़गे-राहुल ने PM मोदी को लिखा पत्र, निष्पक्ष जांच की माँग
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 19 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक संयुक्त पत्र भेजकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय मामलों की स्वतंत्र एवं व्यापक जांच का आदेश देने की माँग की है। दोनों नेताओं ने पत्र में आरोप लगाया कि ट्रस्ट में हजारों करोड़ रुपये की कथित चोरी हुई है, जिससे देशभर के लाखों श्रद्धालु ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
पत्र में क्या कहा गया
खड़गे और राहुल गांधी ने अपने संयुक्त पत्र में लिखा, 'आप श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में हजारों करोड़ रुपए की कथित चोरी से भली-भांति परिचित हैं। लाखों श्रद्धालु, जिन्होंने श्रद्धा, भक्ति और विश्वास के साथ अपनी मेहनत की कमाई दान की, इस चोरी से स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।' पत्र में यह भी कहा गया कि प्रधानमंत्री की चुप्पी इस मामले में स्वीकार्य नहीं है और जवाबदेही तय करना उनका कर्तव्य है।
ट्रस्ट की संरचना पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेताओं ने पत्र में यह भी रेखांकित किया कि ट्रस्ट का गठन सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर संसद में घोषित किया गया था, लेकिन इसके सदस्यों की नियुक्ति पूरी तरह केंद्र सरकार ने की। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के सदस्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), विश्व हिंदू परिषद (VHP) और उनसे जुड़े संगठनों से संबद्ध हैं। इसके पूर्व महासचिव चंपत राय को भी प्रधानमंत्री का करीबी सहयोगी बताया गया।
जांच और पारदर्शिता की माँग
दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि ट्रस्ट के वित्तीय मामलों की जांच में नकद, सोना और चाँदी सहित सभी चढ़ावे के प्रबंधन को शामिल किया जाए। उन्होंने माँग की कि जांच रिपोर्ट और ट्रस्ट के खाते सार्वजनिक किए जाएँ ताकि प्रत्येक श्रद्धालु को यह पता चल सके कि उनके दान का उपयोग किस प्रकार हुआ। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया कि जो भी दोषी पाए जाएँ, उनके पद या प्रभाव की परवाह किए बिना कार्रवाई होनी चाहिए।
राजनीतिक संदर्भ और व्यापक असर
यह पत्र ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय विवाद को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर दबाव बना रहा है। गौरतलब है कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए देशभर से करोड़ों श्रद्धालुओं ने स्वेच्छा से दान दिया था। कांग्रेस के अनुसार, केंद्र सरकार और ट्रस्ट की विश्वसनीयता इस बात पर निर्भर करेगी कि इस मामले में कितनी पारदर्शिता और तत्परता से कार्रवाई की जाती है। आने वाले दिनों में सरकार की प्रतिक्रिया और किसी जांच के आदेश पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।