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भारत में बना पहला C-295 विमान: 'मेक इन इंडिया' नागरिक विमानन युग की ओर बढ़ा देश — राममोहन नायडू

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भारत में बना पहला C-295 विमान: 'मेक इन इंडिया' नागरिक विमानन युग की ओर बढ़ा देश — राममोहन नायडू

सारांश

वडोदरा में TASL संयंत्र से बाहर आया भारत का पहला स्वदेश-असेंबल्ड C-295 विमान महज़ एक रक्षा सौदे की पूर्ति नहीं — यह उस बड़े सपने की पहली उड़ान है जिसमें भारतीय यात्री एक दिन 'मेड इन इंडिया' नागरिक विमान में सफर करेंगे।

मुख्य बातें

नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू ने 19 जुलाई को 'मेक इन इंडिया' के तहत भारत के एयरोस्पेस क्षेत्र की प्रगति को रेखांकित किया।
भारत में असेंबल पहला C-295 विमान 10 जून को सफल परीक्षण उड़ान पूरी कर चुका है।
एयरबस और TASL की साझेदारी में $2.6 अरब के सौदे के तहत 56 C-295 विमान बनाए जाने हैं; 40 की असेंबली वडोदरा में होगी।
गुजरात के धोलेरा हवाईअड्डे पर C-295 के लिए समर्पित MRO सुविधा विकसित होगी।
भारतीय वायुसेना ने इसे रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू ने 19 जुलाई को कहा कि 'मेक इन इंडिया' पहल के अंतर्गत भारत का एयरोस्पेस क्षेत्र तेज़ी से सशक्त हो रहा है और देश उस दिशा में अग्रसर है जहाँ भारतीय नागरिक स्वदेश में निर्मित विमानों में उड़ान भरेंगे। उन्होंने वडोदरा स्थित टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) की विनिर्माण इकाई में निर्मित पहले एयरबस C-295 सैन्य परिवहन विमान को भारत के रक्षा एवं एयरोस्पेस विनिर्माण के इतिहास में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया।

मंत्री की यात्रा और एक्स पर पोस्ट

नायडू ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए TASL की वडोदरा इकाई के अपने हालिया दौरे का ज़िक्र किया, जहाँ C-295 विमानों की असेंबली हो रही है। उन्होंने लिखा, "वडोदरा में TASL की उस अत्याधुनिक इकाई का दौरा किया, जहाँ C-295 विमान बनाए जा रहे हैं। यह विमान निर्माण सुविधा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विज़न का प्रमाण है। जैसे-जैसे भारत एयरोस्पेस विनिर्माण क्षमताओं को मज़बूत कर रहा है, हम लगातार ऐसे भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं, जहाँ भारतीयों को 'मेड इन इंडिया' नागरिक विमानों में गर्व के साथ उड़ान भरने का अवसर मिलेगा।"

C-295 परियोजना: मुख्य तथ्य

एयरबस और TASL द्वारा संयुक्त रूप से विकसित C-295, 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत निजी क्षेत्र द्वारा भारत में निर्मित पहला सैन्य विमान है। यह परियोजना वर्ष 2021 में भारतीय वायुसेना के लिए 56 C-295 परिवहन विमानों की खरीद हेतु हुए $2.6 अरब (लगभग ₹21,600 करोड़) के समझौते के अंतर्गत चल रही है।

इनमें से 16 विमान स्पेन से पूर्ण रूप से तैयार अवस्था में प्राप्त किए जा रहे हैं, जबकि शेष 40 विमानों की असेंबली गुजरात के वडोदरा स्थित संयंत्र में की जा रही है।

ऐतिहासिक परीक्षण उड़ान

भारत में असेंबल किया गया पहला C-295 विमान मई में अंतिम असेंबली लाइन से बाहर आया और 10 जून को उसने अपनी पहली सफल परीक्षण उड़ान पूरी की। इस उपलब्धि के बाद भारतीय वायुसेना ने सभी संबद्ध पक्षों को बधाई देते हुए इसे एयरोस्पेस एवं रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता की दिशा में देश की यात्रा का एक निर्णायक पड़ाव बताया।

एमआरओ सुविधा और आगे की राह

रिपोर्टों के अनुसार, गुजरात के आगामी धोलेरा हवाईअड्डे पर C-295 बेड़े के लिए समर्पित मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल (MRO) सुविधाएँ भी विकसित की जाएंगी, जिससे भारत के एयरोस्पेस इकोसिस्टम को और व्यापक आधार मिलेगा। यह पहल न केवल रक्षा क्षेत्र में, बल्कि भविष्य में नागरिक विमानन विनिर्माण में भी भारत की स्थिति को मज़बूत करने की नींव रख रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि 40 में से कितने विमान तय समयसीमा में वायुसेना को सौंपे जाते हैं — रक्षा परियोजनाओं में देरी भारत में नई बात नहीं है। नागरिक विमानन तक की छलांग और भी लंबी है: सैन्य असेंबली से व्यावसायिक विमान प्रमाणन तक का रास्ता दशकों और अरबों डॉलर के निवेश की माँग करता है। मंत्री का उत्साह स्वागतयोग्य है, पर 'मेड इन इंडिया' नागरिक विमान का सपना तब तक केवल राजनीतिक बयानबाज़ी रहेगा जब तक सरकार विमान डिज़ाइन क्षमता और DGCA प्रमाणन ढाँचे में ठोस निवेश नहीं करती।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत में निर्मित C-295 विमान क्या है और इसे किसने बनाया?
C-295 एक सैन्य परिवहन विमान है जिसे एयरबस और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) ने मिलकर वडोदरा, गुजरात में असेंबल किया है। यह 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत निजी क्षेत्र द्वारा भारत में निर्मित पहला सैन्य विमान है।
C-295 की पहली परीक्षण उड़ान कब हुई?
भारत में असेंबल किए गए पहले C-295 विमान ने 10 जून को अपनी पहली सफल परीक्षण उड़ान पूरी की। इससे पहले यह विमान मई में अंतिम असेंबली लाइन से बाहर आया था।
C-295 सौदे में कितने विमान शामिल हैं और इसकी लागत क्या है?
वर्ष 2021 में भारतीय वायुसेना के लिए कुल 56 C-295 विमानों की खरीद का $2.6 अरब का समझौता हुआ था। इनमें से 16 विमान स्पेन से तैयार अवस्था में आएंगे और शेष 40 वडोदरा संयंत्र में असेंबल होंगे।
धोलेरा हवाईअड्डे पर MRO सुविधा क्यों बनाई जाएगी?
रिपोर्टों के अनुसार, गुजरात के धोलेरा हवाईअड्डे पर C-295 बेड़े के रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल (MRO) के लिए समर्पित सुविधा विकसित होगी। इससे भारत का एयरोस्पेस इकोसिस्टम मज़बूत होगा और विदेशी MRO पर निर्भरता घटेगी।
राममोहन नायडू ने नागरिक विमानन के संदर्भ में क्या कहा?
नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू ने कहा कि भारत ऐसे भविष्य की ओर बढ़ रहा है जहाँ नागरिक 'मेड इन इंडिया' विमानों में गर्व के साथ उड़ान भरेंगे। उन्होंने C-295 परियोजना को प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत विज़न का प्रमाण बताया।
राष्ट्र प्रेस
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