मन की बात 135: मोदी बोले — समुद्र से आकाश तक भारत हुआ आत्मनिर्भर, INS दुनागिरी से C-295 तक बड़ी उपलब्धियाँ
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 जून 2026 को 'मन की बात' के 135वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत आज समुद्र से लेकर आकाश तक अधिक सुरक्षित और आत्मनिर्भर बन रहा है। उन्होंने जून 2026 में रक्षा, विमानन और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के क्षेत्रों में हासिल की गई उपलब्धियों को देशवासियों के लिए गर्व का विषय बताया।
नौसेना में तीन स्वदेशी युद्धपोतों का शामिल होना
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि हाल ही में कोलकाता में आयोजित एक नौसेना कार्यक्रम में उन्हें शामिल होने का अवसर मिला, जहाँ आईएनएस दुनागिरी, आईएनएस संशोधक और आईएनएस अग्रय को भारतीय नौसेना के बेड़े में औपचारिक रूप से शामिल किया गया। उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया कि इन तीनों जहाजों की डिज़ाइन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक — सबकुछ स्वदेशी है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी समुद्री सुरक्षा क्षमताओं को तेज़ी से मज़बूत करने की दिशा में काम कर रहा है।
C-295 विमान की पहली उड़ान — 'मेड इन इंडिया' की नई ऊँचाई
विमानन क्षेत्र में भी जून का महीना ऐतिहासिक रहा। प्रधानमंत्री ने बताया कि सी-295 विमान — जो पूरी तरह मेड इन इंडिया है — ने अपनी पहली उड़ान सफलतापूर्वक पूरी की। उन्होंने जानकारी दी कि ऐसे 40 विमान भारत में ही निर्मित किए जा रहे हैं। मोदी के अनुसार, इस उपलब्धि से एमएसएमई और एयरोस्पेस सेक्टर को नई ऊर्जा मिल रही है, रोज़गार के अवसर बढ़ रहे हैं और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प और मज़बूत हो रहा है।
डीआरडीओ की स्वदेशी क्रूज़ मिसाइल का सफल परीक्षण
रक्षा अनुसंधान के मोर्चे पर भी जून में एक बड़ी सफलता मिली। प्रधानमंत्री ने बताया कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने इसी महीने स्वदेशी लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज़ मिसाइल का सफल परीक्षण किया। यह मिसाइल डीआरडीओ की प्रयोगशालाओं और भारतीय उद्योग भागीदारों ने मिलकर विकसित की है। गौरतलब है कि यह परीक्षण भारत की दीर्घ-दूरी की स्ट्राइक क्षमता को नई धार देता है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस — विश्व भर में भारत की छाप
मोदी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का भी उल्लेख किया और कहा कि इस बार दुनिया के 2,500 से अधिक स्थानों पर योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। भारत में भी करोड़ों लोगों ने इस अवसर पर योगाभ्यास किया। उन्होंने इसे वैश्विक मंच पर भारत की सांस्कृतिक उपस्थिति का प्रतीक बताया।
आगे क्या
2026 के पहले छह महीनों में रक्षा स्वावलंबन की यह श्रृंखला — नौसेना, वायुसेना और मिसाइल क्षेत्र में एक साथ — संकेत देती है कि भारत अपनी रक्षा आयात निर्भरता घटाने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले महीनों में सी-295 के शेष विमानों के उत्पादन और डीआरडीओ की मिसाइल के प्रेरण की प्रक्रिया पर नज़र रहेगी।