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मन की बात में PM मोदी बोले — ब्रह्मोस-अस्त्र डील से दुनिया में बढ़ा भारतीय रक्षा तकनीक का दबदबा

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मन की बात में PM मोदी बोले — ब्रह्मोस-अस्त्र डील से दुनिया में बढ़ा भारतीय रक्षा तकनीक का दबदबा

सारांश

भारत का रक्षा निर्यात एक नए मुकाम पर — इंडोनेशिया के साथ ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल का ऐतिहासिक सौदा, INS महेंद्रगिरी का नौसेना में शामिल होना, और पिनाका LRGR-120 की सफलता। 'मन की बात' में PM मोदी ने कारगिल के शहीदों को नमन करते हुए 'आत्मनिर्भर भारत' की बढ़ती ताकत का खाका खींचा।

मुख्य बातें

PM मोदी ने 26 जुलाई 2025 को 'मन की बात' के 136वें एपिसोड में इंडोनेशिया दौरे और रक्षा निर्यात की उपलब्धियाँ साझा कीं।
भारत और इंडोनेशिया के बीच ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की अतिरिक्त बैटरियों और अस्त्र BVR मिसाइल की आपूर्ति के लिए समझौता हुआ।
DRDO विकसित पिनाका LRGR-120 रॉकेट की अधिकतम मारक क्षमता 120 किलोमीटर ; खुशा मिसाइल का सफल फ्लाइट टेस्ट भी संपन्न।
INS महेंद्रगिरी भारतीय नौसेना में शामिल; इसमें 75% से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग।
कारगिल विजय दिवस पर 'शौर्य विजय यात्रा' मोटरसाइकिल अभियान — 14 जुलाई को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से शुरू, द्रास तक जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 जुलाई 2025 को 'मन की बात' के 136वें एपिसोड में इंडोनेशिया दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के रक्षा उपकरण और तकनीक पर वैश्विक भरोसा तेज़ी से बढ़ रहा है। इस महीने की शुरुआत में उनकी इंडोनेशिया यात्रा के दौरान ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइलों की आपूर्ति के लिए एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर हुए, जो भारत के बढ़ते रक्षा निर्यात की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

मन की बात में क्या बोले PM मोदी

मोदी ने कहा, 'चाहे डिफेंस प्रोडक्शन हो, एक्सपोर्ट हो या दोस्त देशों के साथ राजनीतिक सहयोग हो, भारत लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।' उन्होंने इंडोनेशिया में हुए समझौते को भारतीय रक्षा उद्योग की बढ़ती साख का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा, 'इस महीने की शुरुआत में, मैं इंडोनेशिया में था, जहां ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइलों के लिए एक बड़ा समझौता हुआ। भारत के रक्षा उपकरण और तकनीक पर दुनिया का भरोसा बढ़ रहा है।'

ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल समझौते का विवरण

भारत और इंडोनेशिया ने इंडोनेशियाई सेना को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की अतिरिक्त बैटरियाँ उपलब्ध कराने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके अतिरिक्त, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित अस्त्र एयर-टू-एयर मिसाइल — जो एक बियॉन्ड-विजुअल-रेंज (BVR) प्रणाली है — भी इंडोनेशिया को बेची जाएगी। यह मिसाइल अत्यधिक फुर्तीले दुश्मन के लड़ाकू विमानों को लंबी दूरी से मार गिराने में सक्षम है। दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा और संरक्षा में सहयोग के लिए एक साझा रूपरेखा को भी अंतिम रूप दिया।

कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि

26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मोदी ने 1999 के कारगिल युद्ध के शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, 'कारगिल की ऊंची चोटियां, खराब मौसम, दुश्मन की मुश्किलें — हमारे सैनिकों ने हर हालात का सामना किया, फिर भी उनका हौसला किसी भी चुनौती से ज्यादा था।' उन्होंने 'शौर्य विजय यात्रा' मोटरसाइकिल अभियान का उल्लेख किया, जो 14 जुलाई को नई दिल्ली के राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से शुरू होकर द्रास स्थित कारगिल वॉर मेमोरियल तक जाएगा — इसका संदेश है 'एक सवारी, एक देश, एक सलाम'।

स्वदेशी रक्षा क्षमताओं की उपलब्धियाँ

मोदी ने भारतीय नौसेना में INS महेंद्रगिरी के शामिल होने का उल्लेख किया, जो भारत में ही डिज़ाइन और निर्मित है और जिसमें 75% से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। उन्होंने DRDO द्वारा विकसित पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR-120) का भी जिक्र किया, जिसकी अधिकतम मारक क्षमता लगभग 120 किलोमीटर और न्यूनतम सत्यापित रेंज 60 किलोमीटर है। इसके अलावा, खुशा मिसाइल के सफल फ्लाइट टेस्ट को भी उन्होंने भारतीय वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की उपलब्धि बताया।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपने रक्षा निर्यात को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का लक्ष्य रख रहा है। गौरतलब है कि इंडोनेशिया के साथ ब्रह्मोस समझौता फिलीपींस के बाद दक्षिण-पूर्व एशिया में दूसरा बड़ा ब्रह्मोस निर्यात सौदा है, जो भारत की 'आत्मनिर्भर भारत' नीति को एक ठोस वैश्विक आयाम दे रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो फिलीपींस सौदे के बाद इस क्षेत्र में दूसरा बड़ा ब्रह्मोस निर्यात है। असली सवाल यह है कि क्या रक्षा निर्यात की यह रफ्तार घरेलू उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता नियंत्रण की कसौटी पर टिकेगी। भारत का रक्षा निर्यात लक्ष्य ₹50,000 करोड़ का है, जबकि अभी तक की उपलब्धियाँ उत्साहजनक हैं, पर आत्मनिर्भरता का दावा तब पूरा होगा जब निर्यात की मात्रा और विविधता दोनों एक साथ बढ़ें।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और इंडोनेशिया के बीच ब्रह्मोस-अस्त्र मिसाइल समझौता क्या है?
इस समझौते के तहत भारत, इंडोनेशियाई सेना को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की अतिरिक्त बैटरियाँ और DRDO द्वारा विकसित अस्त्र BVR एयर-टू-एयर मिसाइल की आपूर्ति करेगा। दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा सहयोग की रूपरेखा को भी अंतिम रूप दिया।
अस्त्र मिसाइल क्या है और इसे किसने बनाया है?
अस्त्र एक बियॉन्ड-विजुअल-रेंज (BVR) एयर-टू-एयर मिसाइल है, जिसे DRDO ने भारत में विकसित किया है। यह अत्यधिक फुर्तीले दुश्मन के लड़ाकू विमानों को लंबी दूरी से मार गिराने में सक्षम है।
पिनाका LRGR-120 रॉकेट सिस्टम की क्या खासियत है?
पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR-120) एक उन्नत प्रिसिजन-गाइडेड आर्टिलरी रॉकेट प्रणाली है, जिसकी अधिकतम मारक क्षमता लगभग 120 किलोमीटर और न्यूनतम सत्यापित रेंज 60 किलोमीटर है। इसे DRDO ने स्वदेशी रूप से विकसित किया है।
INS महेंद्रगिरी की क्या विशेषता है?
INS महेंद्रगिरी एक आधुनिक युद्धपोत है जिसे भारत में ही डिज़ाइन और निर्मित किया गया है। इसमें 75% से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है, जो 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत नौसेना की बढ़ती क्षमता का प्रतीक है।
'शौर्य विजय यात्रा' क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
'शौर्य विजय यात्रा' एक मोटरसाइकिल अभियान है जो 14 जुलाई को नई दिल्ली के राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से शुरू होकर द्रास स्थित कारगिल वॉर मेमोरियल तक जाएगा। इसका संदेश 'एक सवारी, एक देश, एक सलाम' है और यह कारगिल के शहीदों की स्मृति को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का प्रयास है।
राष्ट्र प्रेस
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