AMCA फाइटर जेट को बड़ा बढ़ावा: पुट्टपर्थी में ADA उड़ान परीक्षण केंद्र की आधारशिला 15 मई को
सारांश
मुख्य बातें
भारत की पाँचवीं पीढ़ी की स्वदेशी स्टील्थ लड़ाकू विमान परियोजना एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) को निर्णायक गति देने की तैयारी हो रही है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू 15 मई 2025 को आंध्र प्रदेश के श्रीसत्य साईं जिले के पुट्टपर्थी में कई अहम एयरोस्पेस और रक्षा परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इनमें सबसे महत्वपूर्ण है एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) के विमान एकीकरण और उड़ान परीक्षण केंद्र का शिलान्यास, जो AMCA कार्यक्रम की रीढ़ बनेगा।
ADA उड़ान परीक्षण केंद्र: AMCA की रफ्तार का आधार
प्रस्तावित ADA विमान एकीकरण और उड़ान परीक्षण केंद्र एक अत्याधुनिक सुविधा होगी जहाँ AMCA के एकीकरण, परीक्षण, सत्यापन और प्रमाणन से जुड़े सभी कार्य सम्पन्न होंगे। यह केंद्र भारतीय वायुसेना की भविष्य की सामरिक जरूरतों को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किए जा रहे AMCA के विकास चक्र को काफी छोटा करेगा। ADA पहले से ही इस पाँचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर के विकास में केंद्रीय भूमिका निभा रही है।
भारत डायनेमिक्स और नौसेना हथियार प्रणाली
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अनाकापल्ली जिले के टी. सिरासपल्ली गाँव में भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) की नौसेना प्रणाली निर्माण सुविधा का भी शिलान्यास करेंगे। यह परिसर उन्नत जलमग्न हथियार प्रणालियों और नौसैनिक युद्ध प्रणालियों के स्वदेशी निर्माण के लिए विकसित किया जाएगा। माना जा रहा है कि यह सुविधा भारतीय नौसेना की बढ़ती समुद्री सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगी।
निजी क्षेत्र की भागीदारी: ड्रोन सिटी से गोला-बारूद संयंत्र तक
इस समारोह में कई निजी रक्षा और प्रौद्योगिकी कंपनियों की परियोजनाओं का शिलान्यास भी होगा। कल्याणी स्ट्रैटेजिक सिस्टम्स लिमिटेड की सहायक कंपनी अग्नेयास्त्रा एनर्जेटिक्स लिमिटेड की डिफेंस एनर्जेटिक्स सुविधा रक्षा क्षेत्र में उन्नत ऊर्जा और विस्फोटक प्रणालियों के स्वदेशी निर्माण को गति देगी। श्रीसत्य साईं जिले के मदाकासिरा में HFCL लिमिटेड के गोला-बारूद और इलेक्ट्रिक फ्यूज़ प्लांट की नींव रखी जाएगी, जो आधुनिक सैन्य गोला-बारूद और इलेक्ट्रॉनिक फ्यूज़ निर्माण क्षमता को बढ़ाएगा। कुरनूल में प्रस्तावित ड्रोन सिटी परियोजना का शिलान्यास भी इसी दिन होगा, जो ड्रोन प्रौद्योगिकी के अनुसंधान, विनिर्माण और परीक्षण का समर्पित केंद्र बनेगी।
MOU और आंध्र प्रदेश का रक्षा हब के रूप में उभार
समारोह के दौरान आंध्र प्रदेश सरकार और विभिन्न रक्षा एवं औद्योगिक संस्थाओं के बीच कई समझौता ज्ञापनों (MOU) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। इन समझौतों से राज्य में रक्षा विनिर्माण, एयरोस्पेस निवेश और उच्च तकनीकी रोज़गार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार ये परियोजनाएँ आंध्र प्रदेश को देश के प्रमुख रक्षा एवं एयरोस्पेस विनिर्माण केंद्रों में स्थापित कर सकती हैं। यह पहल 'आत्मनिर्भर भारत' के तहत रक्षा स्वदेशीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है — और आने वाले वर्षों में इसके क्रियान्वयन की गति ही इसकी असली परीक्षा होगी।