आंध्र प्रदेश में 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट 'एमका' के टेस्टिंग सेंटर की नींव, कुरनूल में बनेगी 'ड्रोन सिटी'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
आंध्र प्रदेश में 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट 'एमका' के टेस्टिंग सेंटर की नींव, कुरनूल में बनेगी 'ड्रोन सिटी'

सारांश

एक ही समारोह में तीनों सेनाओं के लिए — एमका का फ्लाइट टेस्टिंग सेंटर, BDL का अंडरवॉटर सिस्टम्स हब, HFCL का फ्यूज प्लांट और कुरनूल की 'ड्रोन सिटी'। आंध्र प्रदेश एक साथ भारत के रक्षा-औद्योगिक मानचित्र पर कई मोर्चों पर उभर रहा है।

मुख्य बातें

15 मई 2026 को आंध्र प्रदेश में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की उपस्थिति में एक साथ कई रक्षा परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई।
पाँचवीं पीढ़ी के स्वदेशी स्टेल्थ फाइटर 'एमका' (AMCA) के लिए कोर इंटीग्रेशन और फ्लाइट टेस्टिंग सेंटर की स्थापना होगी, जिसे ADA (DRDO) विकसित कर रही है।
भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) ₹480 करोड़ से अंडरवॉटर सिस्टम्स केंद्र बनाएगा, जो ऑटोनॉमस टॉरपीडो और काउंटर मेजर सिस्टम्स विकसित करेगा।
अग्नेयास्त्र एनर्जेटिक्स लिमिटेड ₹1,500 करोड़ और HFCL ₹1,294 करोड़ के निवेश से उन्नत हथियार व इलेक्ट्रिक फ्यूज विनिर्माण सुविधाएं स्थापित करेंगी।
आठ ड्रोन कंपनियों के समूह द्वारा कुरनूल में 'ड्रोन सिटी' स्थापित की जाएगी, जिसे भविष्य का राष्ट्रीय ड्रोन हब बताया गया है।
यह पहला अवसर है जब एक ही समारोह में वायुसेना, नौसेना और थलसेना तीनों के लिए सुविधाएं एक साथ विकसित की जा रही हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की उपस्थिति में 15 मई 2026 को आंध्र प्रदेश में एक साथ कई महत्त्वपूर्ण रक्षा परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई। इनमें सबसे प्रमुख है पाँचवीं पीढ़ी के स्वदेशी लड़ाकू विमान 'एमका' (AMCA) के लिए कोर इंटीग्रेशन और फ्लाइट टेस्टिंग सेंटर की स्थापना, जिसे एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) विकसित कर रही है। यह आयोजन भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक निर्णायक पड़ाव माना जा रहा है।

एमका: भारत का पाँचवीं पीढ़ी का स्टेल्थ फाइटर

एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) भारत का पहला पूर्ण स्वदेशी पाँचवीं पीढ़ी का स्टेल्थ लड़ाकू विमान होगा। डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) की सहयोगी संस्था ADA इसके अनुसंधान और विकास की अगुवाई कर रही है। राजनाथ सिंह ने इस अवसर पर कहा, 'एडीए ने ही देश को एलसीए तेजस मार्क-1 दिया और अभी मार्क-2 पर काम चल रहा है। अब यही एडीए फिफ्थ जेनरेशन फाईटर जेट पर कार्य कर रहा है। यह एक पूर्ण विकसित फिफ्थ जेनरेशन स्टेल्थ फाइटर होगा, जो दुनिया के केवल कुछ ही देशों के पास है।' नया फ्लाइट टेस्टिंग सेंटर मुख्य रूप से भारतीय वायुसेना की परिचालन जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है।

चार प्रमुख रक्षा परियोजनाओं की एक साथ शुरुआत

एमका टेस्टिंग सेंटर के अलावा तीन और बड़ी परियोजनाओं की भी इसी समारोह में आधारशिला रखी गई। भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) — रक्षा मंत्रालय का एक प्रमुख सार्वजनिक उपक्रम — ₹480 करोड़ की लागत से स्वदेशी भविष्यवादी अंडरवॉटर सिस्टम्स केंद्र स्थापित करेगा। यह केंद्र ऑटोनॉमस अंडरवॉटर व्हीकल्स, अंडरवॉटर काउंटर मेजर सिस्टम्स और नेक्स्ट जेनरेशन टॉरपीडोज विकसित करेगा — वे घटक जो अब तक विदेशों से आयात किए जाते थे।

भारत फोर्ज लिमिटेड की सहयोगी कंपनी अग्नेयास्त्र एनर्जेटिक्स लिमिटेड ₹1,500 करोड़ के निवेश से उन्नत हथियार निर्माण सुविधा स्थापित करेगी, जो भविष्य की युद्ध-प्रणालियों के लिए भारत की तैयारी को मजबूत करेगी। चौथी परियोजना HFCL के एम्युनिशन और इलेक्ट्रिक फ्यूज प्लांट की है, जिसमें ₹1,294 करोड़ का निवेश होगा। राजनाथ सिंह ने इसकी अहमियत बताते हुए कहा कि भरोसेमंद इलेक्ट्रिक फ्यूज के बिना आर्टिलरी शेल, बम या कोई भी युद्ध सामग्री बेकार है — यह प्लांट तीनों सेनाओं की आवश्यकताएं पूरी करेगा।

कुरनूल में 'ड्रोन सिटी' — एक नई औद्योगिक पहचान

इन चार परियोजनाओं के साथ-साथ आठ ड्रोन कंपनियों के एक संयुक्त समूह ने कुरनूल में 'ड्रोन सिटी' स्थापित करने की घोषणा की है। राजनाथ सिंह ने युवा उद्यमियों को बधाई देते हुए कहा कि जिस प्रकार सूरत को डायमंड सिटी और बेंगलुरु को भारत की सिलिकॉन वैली के रूप में जाना जाता है, उसी प्रकार आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र देश के ड्रोन हब के रूप में पहचाना जाएगा। उन्होंने कहा कि ड्रोन तकनीक आज के युद्ध में गेम चेंजर बन चुकी है और अर्थव्यवस्था तथा कृषि क्षेत्र में भी इसकी भूमिका लगातार बढ़ रही है।

तीनों सेनाओं के लिए एकसाथ क्षमता विकास

रक्षा मंत्री ने इस आयोजन की एक खास विशेषता की ओर ध्यान दिलाया — यह पहला मौका है जब एक ही समारोह में भारतीय वायुसेना, भारतीय नौसेना और भारतीय थलसेना तीनों के लिए सुविधाएं एक साथ विकसित की जा रही हैं। एमका टेस्टिंग सेंटर वायुसेना के लिए, BDL का अंडरवॉटर सिस्टम्स केंद्र नौसेना के लिए, HFCL का एम्युनिशन व फ्यूज प्लांट तीनों सेनाओं के लिए, और ड्रोन तकनीक सभी क्षेत्रों में उपयोगी होगी।

आर्थिक और तकनीकी असर

राजनाथ सिंह के अनुसार ये सभी परियोजनाएं 'ग्रोथ पोल' की तरह काम करेंगी और रोज़गार के लाखों अवसर पैदा करेंगी। स्थानीय इंजीनियरिंग कॉलेज, आईटीआई और शैक्षणिक संस्थान इन परियोजनाओं से जुड़ेंगे, सप्लाई चेन विकसित होगी और आंध्र प्रदेश के युवाओं को उच्च-प्रौद्योगिकी क्षेत्र में काम करने और आगे बढ़ने के नए अवसर मिलेंगे। गौरतलब है कि यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब भारत रक्षा निर्यात और आत्मनिर्भरता दोनों मोर्चों पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में इन परियोजनाओं का क्रियान्वयन भारत की रणनीतिक स्वायत्तता की असली परीक्षा होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल क्रियान्वयन की गति का है। एमका परियोजना वर्षों से विभिन्न चरणों में है और पाँचवीं पीढ़ी के विमान विकसित करने की समयसीमा अक्सर खिसकती रही है। BDL का अंडरवॉटर सिस्टम्स केंद्र रणनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण है — नौसेना के लिए आयात-निर्भरता घटाना एक वास्तविक ज़रूरत है — लेकिन ₹480 करोड़ की राशि इस क्षेत्र की जटिलता के मुकाबले सीमित लगती है। कुरनूल की 'ड्रोन सिटी' एक सकारात्मक पहल है, मगर आठ छोटी कंपनियों का संयुक्त क्लस्टर तब तक वैश्विक प्रतिस्पर्धा में नहीं टिक सकता जब तक नीतिगत निरंतरता और निर्यात-उन्मुख रणनीति न हो।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एमका (AMCA) फाइटर जेट क्या है और इसका टेस्टिंग सेंटर कहाँ बनेगा?
एमका (Advanced Medium Combat Aircraft) भारत का पहला पूर्ण स्वदेशी पाँचवीं पीढ़ी का स्टेल्थ लड़ाकू विमान है, जिसे DRDO की सहयोगी संस्था ADA विकसित कर रही है। इसके लिए कोर इंटीग्रेशन और फ्लाइट टेस्टिंग सेंटर की आधारशिला 15 मई 2026 को आंध्र प्रदेश में रखी गई।
आंध्र प्रदेश में कुल कितनी रक्षा परियोजनाओं की नींव रखी गई और उनका कुल निवेश कितना है?
इस समारोह में चार प्रमुख रक्षा परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई — BDL का अंडरवॉटर सिस्टम्स केंद्र (₹480 करोड़), अग्नेयास्त्र एनर्जेटिक्स (₹1,500 करोड़), HFCL का एम्युनिशन व फ्यूज प्लांट (₹1,294 करोड़) और एमका टेस्टिंग सेंटर। इसके अतिरिक्त कुरनूल में 'ड्रोन सिटी' की भी घोषणा हुई।
कुरनूल में 'ड्रोन सिटी' क्या है और इसे कौन बना रहा है?
'ड्रोन सिटी' आठ ड्रोन कंपनियों के एक संयुक्त समूह द्वारा आंध्र प्रदेश के कुरनूल में स्थापित की जाने वाली एक विशेष औद्योगिक क्लस्टर परियोजना है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे भविष्य का राष्ट्रीय ड्रोन हब बताया और कहा कि यह मेक इन इंडिया के विजन को साकार करेगी।
BDL का अंडरवॉटर सिस्टम्स केंद्र क्या विकसित करेगा?
भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) का यह केंद्र ₹480 करोड़ की लागत से ऑटोनॉमस अंडरवॉटर व्हीकल्स, अंडरवॉटर काउंटर मेजर सिस्टम्स और नेक्स्ट जेनरेशन टॉरपीडोज विकसित करेगा। इसमें वे घटक और सब-सिस्टम बनाए जाएंगे जो अब तक विदेशों से आयात किए जाते थे, जिससे भारतीय नौसेना की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
इन परियोजनाओं से आंध्र प्रदेश को क्या फायदा होगा?
इन परियोजनाओं से आंध्र प्रदेश में रोज़गार के लाखों अवसर पैदा होंगे और स्थानीय इंजीनियरिंग कॉलेज, आईटीआई तथा शैक्षणिक संस्थान इनसे जुड़ेंगे। सप्लाई चेन विकसित होगी, छोटे उद्योग स्थापित होंगे और राज्य के युवाओं को उच्च-प्रौद्योगिकी क्षेत्र में काम करने के नए अवसर मिलेंगे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 19 घंटे पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले