'चिप्स टू स्टार्टअप्स' कार्यक्रम: 68,000 से अधिक छात्रों को प्रशिक्षण, 254 चिप डिजाइन टेप-आउट
सारांश
मुख्य बातें
भारत के सेमीकंडक्टर डिजाइन इकोसिस्टम को सशक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार के 'चिप्स टू स्टार्टअप्स' (C2S) कार्यक्रम ने एक अहम पड़ाव पार कर लिया है — अब तक 68,000 से अधिक छात्रों को इस कार्यक्रम के तहत विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है। 14 अगस्त 2026 को लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, यह कार्यक्रम देशभर में सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन में दक्ष पेशेवरों की एक नई पीढ़ी तैयार कर रहा है।
कार्यक्रम का लक्ष्य और अब तक की प्रगति
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि C2S कार्यक्रम का समग्र लक्ष्य 85,000 उद्योग-तैयार पेशेवर तैयार करना है — जिनमें बीटेक, एमटेक और पीएचडी स्तर के छात्र शामिल हैं। अब तक 68,000 से अधिक छात्रों को प्रशिक्षित किया जा चुका है, अर्थात लक्ष्य का लगभग 80 प्रतिशत हासिल हो चुका है।
गौरतलब है कि यह कार्यक्रम ऐसे समय में आया है जब वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति शृंखला में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने की माँग तेज़ हो रही है और देश में चिप निर्माण को लेकर नीतिगत प्राथमिकताएँ स्पष्ट की जा रही हैं।
332 संस्थानों को उन्नत EDA टूल्स तक पहुँच
C2S कार्यक्रम के अंतर्गत देशभर के 332 शैक्षणिक संस्थानों को अग्रणी वैश्विक कंपनियों के उन्नत इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन (EDA) टूल्स तक पहुँच प्रदान की गई है। इनमें Synopsys, Cadence, Siemens EDA, Ansys, Keysight, Silvaco, Renesas-Altium, AMD-Xilinx, AsterQuanta, Compkarta, Cadre जैसी कंपनियाँ शामिल हैं।
यह पहुँच छात्रों को वास्तविक औद्योगिक परिवेश में चिप डिजाइन का अनुभव देती है — जो पहले केवल बड़े कॉर्पोरेट अनुसंधान केंद्रों तक सीमित था।
254 चिप डिजाइन टेप-आउट — एक ऐतिहासिक उपलब्धि
मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि भाग लेने वाले संस्थानों ने अब तक 254 चिप डिजाइन सफलतापूर्वक 'टेप-आउट' किए हैं। इनमें से 175 डिजाइन SCL, मोहाली में 180nm टेक्नोलॉजी नोड पर तैयार किए गए हैं, जबकि 79 डिजाइन विदेशों में स्थित सेमीकंडक्टर फाउंड्री में निर्मित हुए हैं।
यह आँकड़ा इसलिए महत्त्वपूर्ण है क्योंकि 'टेप-आउट' — यानी डिजाइन को फाउंड्री में उत्पादन के लिए भेजना — चिप विकास की सबसे जटिल और व्ययसाध्य प्रक्रियाओं में से एक है। शैक्षणिक संस्थानों द्वारा इस स्तर तक पहुँचना भारत की तकनीकी क्षमता का संकेत है।
आंध्र प्रदेश में C2S की पहुँच
आंध्र प्रदेश में 23 शैक्षणिक संस्थानों को C2S कार्यक्रम के तहत उन्नत EDA टूल्स तक पहुँच दी गई है। इन संस्थानों में EDA टूल्स का कुल उपयोग 4.34 लाख से अधिक टूल घंटे रहा है, जो राज्य स्तर पर इस कार्यक्रम की गहरी पैठ को दर्शाता है।
EHTP से निर्यात में उछाल
सेमीकंडक्टर प्रशिक्षण के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स हार्डवेयर टेक्नोलॉजी पार्क (EHTP) ने भी भारत के निर्यात-केंद्रित इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण इकोसिस्टम को मज़बूती दी है। EHTP इकाइयों की संख्या बढ़कर 79 हो गई है और वित्त वर्ष 2025-26 में इनका निर्यात ₹11,100 करोड़ से अधिक रहा।
EHTP एक 100 प्रतिशत निर्यात-उन्मुख योजना है जो भारत से इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर के निर्यात को बढ़ावा देती है। STPI इस योजना के तहत सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम के माध्यम से वैधानिक सेवाएँ उपलब्ध कराता है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि EHTP योजना के तहत कोई प्रत्यक्ष फंड आवंटन नहीं किया जाता — पात्र इकाइयों को मिलने वाले प्रोत्साहन 'विदेश व्यापार नीति 2023' के प्रावधानों के अनुसार तय होते हैं।
आगे की राह में, मंत्री प्रसाद ने संकेत दिया कि चल रही परियोजनाएँ डिजाइन और विकास के विभिन्न चरणों में हैं और इनके फाउंड्री में टेप-आउट सहित प्रोटोटाइप वैलिडेशन की दिशा में आगे बढ़ने की उम्मीद है — जो भारतीय सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के लिए एक और निर्णायक कदम होगा।