AMCA के लिए RFP जारी: कॉन्ट्रैक्ट के 30 महीने में पहला प्रोटोटाइप, 5 स्टील्थ जेट बनाने का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा मंत्रालय ने 27 मई 2025 को भारत के स्वदेशी पाँचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रम एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) के लिए औपचारिक रूप से रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी कर दिया है। RFP के अनुसार, कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर होने के 30 महीने के भीतर पहले प्रोटोटाइप की उड़ान अनिवार्य होगी, और कुल पाँच लो-ऑब्जर्वेबल (स्टील्थ) फाइटर जेट प्रोटोटाइप तैयार किए जाने हैं। यह कदम भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।
बिडिंग प्रक्रिया और समयसीमा
RFP के तहत बिडिंग प्रक्रिया 11 जून 2025 से शुरू होगी और अंतिम तिथि 27 जुलाई 2025 निर्धारित की गई है। बोलियाँ 28 जुलाई 2025 को खोली जाएँगी। एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) ने संभावित बोलीदाताओं से खरीद प्रक्रिया में भागीदारी माँगी है।
ADA द्वारा उपलब्ध कराए गए डिज़ाइन डेटा और ड्रॉइंग्स के आधार पर पाँच प्रोटोटाइप के साथ-साथ एक स्ट्रक्चरल टेस्ट स्पेसिमेन का निर्माण भी प्रस्तावित है। बोलीदाता को फ्लाइट टेस्टिंग और टाइप सर्टिफिकेशन गतिविधियों में सहयोग देना होगा।
AMCA की तकनीकी विशेषताएँ
AMCA एक पाँचवीं पीढ़ी का, मध्यम भार वर्ग का, दो इंजन वाला, बहुउद्देश्यीय स्टील्थ लड़ाकू विमान है, जिसे भारतीय वायुसेना (IAF) की परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप डिज़ाइन किया जा रहा है। यह भारत का पहला स्वदेशी दो-इंजन वाला फाइटर जेट होगा।
इस विमान की गति 1.2 से 1.8 मैक के बीच होगी और यह लगातार करीब 10 घंटे तक उड़ान भरने में सक्षम होगा। रडार से बचने की क्षमता बढ़ाने के लिए हथियारों और मिसाइलों को विमान के आंतरिक हिस्से में रखा जाएगा, जो परंपरागत फाइटर जेट्स से एक बड़ा तकनीकी अंतर है। विमान को इक्विपमेंट स्टैंडर्ड ऑफ प्रिपरेशन (ESOP) के अनुरूप कॉन्फिगर किया जाएगा और इसमें आवश्यक लाइन रिप्लेसेबल यूनिट्स (LRUs) तथा ऑनबोर्ड सिस्टम शामिल होंगे।
शॉर्टलिस्टेड कंसोर्टियम और निजी क्षेत्र की भूमिका
AMCA की शॉर्टलिस्टिंग प्रक्रिया में तीन निजी क्षेत्र-नेतृत्व वाले कंसोर्टियम सामने आए हैं — टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड, लार्सन एंड टुब्रो-भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, और भारत फोर्ज-BEML। भारतीय कानून के तहत सिंगल कंपनी, जॉइंट वेंचर या कंपनियों का कंसोर्टियम — सभी आवेदन के पात्र हैं।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष 27 मई 2024 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने AMCA कार्यक्रम के लिए निजी कंपनियों के साथ एग्जिक्यूशन मॉडल के विकास को मंजूरी दी थी। इसके मात्र 20 दिन बाद ही एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) माँगे गए थे। अब RFP जारी होने के साथ यह कार्यक्रम एक और निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुका है।
रणनीतिक संदर्भ: वायुसेना की ज़रूरत और वैश्विक परिदृश्य
फिलहाल भारतीय वायुसेना सुरक्षा आवश्यकताओं के लिए निर्धारित 42 फाइटर स्क्वाड्रन के मुकाबले केवल 29 स्क्वाड्रन के साथ काम कर रही है। इस कमी को पूरा करने में LCA Mk-1A, LCA Mk-2 और AMCA मिलकर अहम भूमिका निभाएँगे।
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका, रूस और चीन के बाद चीन, पाकिस्तान को भी पाँचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान देने की तैयारी में बताया जा रहा है। तेजस फाइटर जेट कार्यक्रम से मिली तकनीकी परिपक्वता और स्वदेशी इकोसिस्टम को AMCA के विकास में एक मज़बूत आधार माना जा रहा है।
आगे क्या होगा
बिडिंग प्रक्रिया के पूरा होने के बाद कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर का मार्ग प्रशस्त होगा, जिसके बाद 30 महीने की उलटी गिनती शुरू होगी। पहली उड़ान के बाद टाइप सर्टिफिकेशन और IAF में शामिल होने की प्रक्रिया शुरू होगी। भारत का लक्ष्य है कि अगली पीढ़ी का यह स्टील्थ जेट देश की वायु शक्ति को गुणात्मक रूप से नई ऊँचाई पर ले जाए।