क्या एम्ब्रेयर और अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस मिलकर भारत में रीजनल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट इकोसिस्टम विकसित करेंगे?

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क्या एम्ब्रेयर और अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस मिलकर भारत में रीजनल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट इकोसिस्टम विकसित करेंगे?

सारांश

एम्ब्रेयर और अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने मिलकर भारत में एकीकृत रीजनल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट इकोसिस्टम विकसित करने का निर्णय लिया है। यह साझेदारी स्वदेशीकरण को प्रोत्साहित करते हुए, क्षेत्रीय विमानन में रोजगार के अवसरों को बढ़ाने का लक्ष्य रखती है।

मुख्य बातें

एम्ब्रेयर और अदाणी डिफेंस ने समझौता किया।
रीजनल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट इकोसिस्टम का विकास होगा।
आत्मनिर्भर भारत पहल का समर्थन किया जाएगा।
नौकरी के नए अवसरों का सृजन होगा।
विमानन क्षेत्र में स्वदेशीकरण को बढ़ावा मिलेगा।

नई दिल्ली, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। एम्ब्रेयर और अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने मंगलवार को भारत में एकीकृत रीजनल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट इकोसिस्टम विकसित करने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

इसका मुख्य लक्ष्य देश में एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग, आपूर्ति श्रृंखला, आफ्टरमार्केट सर्विसेज और पायलट ट्रेनिंग में सहयोग करना है।

इस सहयोग के माध्यम से, कंपनियों का उद्देश्य एक असेंबली लाइन स्थापित करना है, जिसके बाद आत्मनिर्भर भारत पहल और उड़ान रीजनल कनेक्टिविटी के विजन के अनुरूप भारत के रीजनल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (आरटीए) कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए स्वदेशीकरण में चरणबद्ध वृद्धि की जाएगी।

एम्ब्रेयर कमर्शियल एविएशन के प्रेसिडेंट और सीईओ अर्जन मेइजर ने कहा, "भारत एम्ब्रेयर के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है और यह साझेदारी हमारी एयरोस्पेस विशेषज्ञता को अदाणी की मजबूत औद्योगिक क्षमताओं और स्वदेशीकरण के प्रति प्रतिबद्धता के साथ जोड़ती है।"

मेइजर ने यह भी कहा, "हम मिलकर भारत के आरटीए संबंधी महत्वाकांक्षाओं के समर्थन में सबसे व्यवहार्य, उन्नत और कुशल समाधानों का मूल्यांकन करेंगे और उनके कार्यान्वयन की क्षमता का आकलन करेंगे।"

अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के निदेशक जीत अदाणी ने कहा, “रीजनल एविएशन आर्थिक विस्तार की रीढ़ है। उड़ान जैसी पहलों के कारण टियर 2 और टियर 3 शहरों में हवाई संपर्क में बदलाव आ रहा है, ऐसे में स्वदेशी क्षेत्रीय विमानन इकोसिस्टम जरूरी हो गया है।"

भारत में एम्ब्रेयर की उपस्थिति लगातार बढ़ रही है और देश में इसका लंबा इतिहास है। वर्तमान में वाणिज्यिक, रक्षा और व्यावसायिक विमानन क्षेत्रों में 11 प्रकार के लगभग 50 एम्ब्रेयर विमान कार्यरत हैं।

प्रस्तावित प्रणाली घरेलू मांग को पूरा करने के साथ-साथ इंजीनियरिंग, विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स और सहायक सेवाओं में महत्वपूर्ण प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित करने के लिए तैयार की गई है।

अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस भारत की सबसे बड़ी एकीकृत निजी रक्षा और एयरोस्पेस कंपनी है, जो विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण क्षमताओं का निर्माण कर रही है और राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकताओं और वैश्विक आवश्यकताओं के अनुरूप स्वदेशी एयरोस्पेस और यूएवी विनिर्माण को बढ़ावा दे रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी। हमें उम्मीद है कि यह कदम भारत को वैश्विक विमानन मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित करेगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एम्ब्रेयर और अदाणी डिफेंस के बीच यह समझौता कब हुआ?
यह समझौता 27 जनवरी को हुआ।
इस समझौते का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य भारत में रीजनल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट इकोसिस्टम को विकसित करना है।
इस साझेदारी से क्या लाभ होगा?
इससे स्वदेशीकरण को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे।
क्या यह समझौता आत्मनिर्भर भारत पहल के अंतर्गत आता है?
जी हां, यह समझौता आत्मनिर्भर भारत पहल के अंतर्गत आता है।
राष्ट्र प्रेस
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