क्या 57 शोधार्थियों का प्रतिनिधिमंडल हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना के जवानों से बातचीत करने पहुंचा?
सारांश
Key Takeaways
- 57 शोधार्थियों का प्रतिनिधिमंडल भारतीय वायुसेना के एयरफोर्स स्टेशन हिंडन पहुंचा।
- प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख थिंक टैंकों के शोधार्थी शामिल थे।
- वायुसेना प्रमुख ने सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई।
- अध्ययन के अवसरों के लिए नए रास्ते खुलेंगे।
- यह दौरा अनुसंधान और शैक्षणिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा।
नई दिल्ली, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रमुख थिंक टैंकों के 57 शोधार्थियों का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को भारतीय वायुसेना के एयरफोर्स स्टेशन हिंडन पर पहुंचा। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य उन्हें भारतीय वायुसेना के कार्य और संचालन को नजदीक से समझने का अवसर देना था।
प्रतिनिधिमंडल में मनोहर पर्रिकर इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस स्टडीज एंड एनालिसिस, ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन, विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन, सेंटर फॉर एयरोस्पेस पावर एंड स्ट्रैटेजिक स्टडीज, सेंटर फॉर लैंड वॉरफेयर स्टडीज, नेशनल मैरीटाइम फाउंडेशन, इंडिया फाउंडेशन, सेंटर फॉर कंटेम्परेरी चाइना स्टडीज, यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूशन ऑफ इंडिया और सेंटर फॉर जॉइंट वॉरफेयर स्टडीज के शोधार्थी शामिल थे।
इस दौरान शोधार्थियों को भारतीय वायुसेना के कर्मियों के साथ बातचीत करने, संचालन के विभिन्न पहलुओं को समझने और सहयोगात्मक अनुसंधान के अवसरों के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।
वायुसेना प्रमुख ने शोधार्थियों का स्वागत किया और भारतीय वायुसेना तथा शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने की अपनी इच्छा व्यक्त की।
शोधार्थियों को वायुसेना के इतिहास, क्षमताओं और उपलब्धियों के बारे में विस्तार से बताया गया। उन्होंने कर्मियों से भी बातचीत की और विभिन्न अभियानों के अनुभव साझा किए।
इस दौरे को भारतीय वायुसेना और थिंक टैंकों के बीच बेहतर समझ और सहयोग बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे भविष्य में अनुसंधान परियोजनाओं और शैक्षणिक आदान-प्रदान के लिए नए रास्ते खुलेंगे।
वहीं, भारतीय वायुसेना की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर बताया गया कि एक आउटरीच पहल के तहत भारत के बड़े थिंक टैंक के 57 रिसर्च स्कॉलर्स के एक डेलीगेशन ने एयरफोर्स स्टेशन हिंडन का दौरा किया। स्कॉलर्स ने भारतीय वायुसेना के लोगों से बातचीत की, ऑपरेशनल क्षमताओं के बारे में पूरी जानकारी ली, और मिलकर रिसर्च करने के रास्ते खोजे।