जन औषधि दिवस: नेताओं ने जन औषधि परियोजना को गरीबों के लिए बताया वरदान

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जन औषधि दिवस: नेताओं ने जन औषधि परियोजना को गरीबों के लिए बताया वरदान

सारांश

जन औषधि दिवस पर नेताओं ने सस्ती जेनरिक दवाओं की उपलब्धता को गरीबों के लिए वरदान बताया। इस पहल से स्वास्थ्य में सुधार और रोजगार सृजन की संभावनाएं बढ़ी हैं।

Key Takeaways

  • जन औषधि दिवस का आयोजन जेनेरिक दवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए किया गया।
  • केंद्रीय मंत्री और राज्य के मुख्यमंत्रियों ने इस पहल की सराहना की।
  • प्रधानमंत्री की जन औषधि परियोजना से गरीबों को 50-90%25 तक सस्ती दवाएं मिल रही हैं।
  • 18,660 से अधिक जन औषधि केंद्र देशभर में उपलब्ध हैं।
  • इस परियोजना से रोजगार के अवसर भी बन रहे हैं।

नई दिल्ली, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। देशभर में जन औषधि दिवस का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य जेनेरिक दवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अनेक नेताओं ने जनता को बधाई दी है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा करते हुए लिखा, "गरीबों का स्वास्थ्य उत्तम रहे और उन्हें कम खर्च में दवा मिले, इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई 'प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना' के तहत देश के गरीबों को औसत बाजार मूल्य से 50 से 90 प्रतिशत तक सस्ती दवाएं उपलब्ध हो रही हैं। इस परियोजना के माध्यम से सस्ती दवाएं और रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं।"

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'एक्स' पर लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है कि जन औषधि केंद्रों के माध्यम से आम जन को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनरिक दवाएं आसानी से मिल रही हैं। 'प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना' गरीबों के लिए संकट की साथी साबित हुई है। इस पहल के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद।"

केंद्रीय राज्य मंत्री और उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में चल रहे जन औषधि केंद्र आज हर नागरिक के इलाज को सुलभ और किफायती बनाने का एक मजबूत आधार बन चुके हैं। देशभर में 18,660 से अधिक केंद्रों पर सस्ती दवाइयां उपलब्ध हैं, जो आम आदमी के स्वास्थ्य में योगदान दे रही हैं।"

उन्होंने 'एक्स' पर आगे लिखा, "यहां 2,110 गुणवत्तापूर्ण दवाइयां और 315 सर्जिकल उपकरण भी उपलब्ध हैं। जन औषधि के माध्यम से स्वास्थ्य अब हर किसी का अधिकार है और यह हर घर के लिए बचत का उपहार भी है।"

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी इस अवसर पर लोगों को बधाई दी। उन्होंने लिखा, "जन औषधि दिवस की हार्दिक बधाई। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दी गई जन औषधि केंद्र की सौगात गरीब नागरिकों के लिए वरदान के समान है, जहां कम कीमत पर दवा उपलब्ध होती है।"

Point of View

NationPress
07/03/2026

Frequently Asked Questions

जन औषधि दिवस क्यों मनाया जाता है?
जन औषधि दिवस का उद्देश्य जेनेरिक दवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना का क्या महत्व है?
यह परियोजना गरीबों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई है।
जन औषधि केंद्रों की संख्या कितनी है?
देशभर में 18,660 से अधिक जन औषधि केंद्र हैं।
क्या जन औषधि दवाएं गुणवत्तापूर्ण होती हैं?
हाँ, जन औषधि दवाएं उच्च गुणवत्ता की होती हैं और सस्ती दरों पर उपलब्ध हैं।
जन औषधि परियोजना से रोजगार कैसे सृजित हो रहा है?
इस परियोजना के तहत नए जन औषधि केंद्र खोलने से रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।
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