पटना में 'जन औषधि दिवस' पर जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन, केंद्र संचालकों को मिला सम्मान

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पटना में 'जन औषधि दिवस' पर जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन, केंद्र संचालकों को मिला सम्मान

सारांश

पटना में 'जन औषधि दिवस' के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में जन औषधि केंद्रों के संचालकों को सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम गरीबों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने की प्रधानमंत्री की योजना की महत्वपूर्ण पहल है।

Key Takeaways

  • जेनेरिक दवाएं सस्ती और गुणवत्ता वाली होती हैं।
  • प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना का उद्देश्य गरीबों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है।
  • देशभर में 18,000 से अधिक जन औषधि केंद्र हैं।
  • संगोष्ठी में केंद्र संचालकों को सम्मानित किया गया।
  • इस योजना में 2,110 से ज्यादा दवाएं उपलब्ध हैं।

पटना, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। 'जन औषधि दिवस' के अवसर पर शनिवार को पटना में जेनेरिक दवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक राज्य स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कई केंद्र संचालकों को सम्मानित किया गया।

विधायक रत्नेश कुशवाहा ने कहा कि प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना का उद्देश्य गरीबों को सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। इस योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना आवश्यक है ताकि सभी लोग इसका सही लाभ उठा सकें।

इस अवसर पर पटना के जितेंद्र कुमार, जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के संचालक अशोक भारती, मुंगेर सदर अस्पताल के संचालक राकेश कुमार, वैशाली के संचित कुमार ठाकुर और पश्चिमी चंपारण के फनीन्द्र रंजन को विधायक रत्नेश कुशवाहा ने सम्मानित किया।

इस समारोह में बिहार राज्य औषधि नियंत्रक नित्यानंद किसलय, ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन के ड्रग्स इंस्पेक्टर डॉ. अमल कुमार, पीएमबीआई के कुमार पाठक, अशोक द्विवेदी और संदीप कुमार भी उपस्थित थे।

बिहार राज्य औषधि नियंत्रक नित्यानंद किसलय ने कहा, "यह सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। जन औषधि संचालकों को दवाओं के रखरखाव और तापमान पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य महंगे ब्रांडेड दवाओं के मुकाबले सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराना है।"

ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन के ड्रग्स इंस्पेक्टर डॉ. अमल कुमार ने बताया कि पिछले चार वर्षों में इस योजना की लोकप्रियता में काफी इजाफा हुआ है। सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता इसके पीछे एक महत्वपूर्ण कारण है।

संगोष्ठी में विभिन्न क्षेत्रों के वक्ताओं ने बताया कि प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र देशभर में सक्रिय हैं, जहां उच्च गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाएं सस्ती कीमतों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के अंतर्गत देशभर में 18,000 से अधिक जन औषधि केंद्र कार्यरत हैं। वर्तमान में जनऔषधि के उत्पादों में 2,110 से अधिक दवाएं, 315 चिकित्सा उपकरण और अन्य उपयोगी उत्पाद शामिल हैं।

Point of View

NationPress
10/03/2026

Frequently Asked Questions

जन औषधि दिवस का उद्देश्य क्या है?
जन औषधि दिवस का उद्देश्य गरीबों को सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराना है।
कितने जन औषधि केंद्र देश भर में कार्यरत हैं?
देशभर में 18,000 से अधिक जन औषधि केंद्र कार्यरत हैं।
इस योजना का लाभ कैसे उठाया जा सकता है?
लोग जन औषधि केंद्रों पर जाकर सस्ती और गुणवत्ता युक्त दवाएं प्राप्त कर सकते हैं।
क्या यह योजना सिर्फ गरीबों के लिए है?
यह योजना सभी वर्गों के लोगों के लिए है, लेकिन इसका मुख्य ध्यान गरीबों पर है।
क्या इस योजना की लोकप्रियता बढ़ी है?
हाँ, पिछले चार वर्षों में इस योजना की लोकप्रियता में काफी वृद्धि हुई है।
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