कैलाश मानसरोवर यात्रा और हवाई सेवाएं बहाल, भारत-चीन संबंध सकारात्मक दिशा में: विदेश मंत्रालय
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्रालय (MEA) ने 4 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में कहा कि भारत और चीन ने द्विपक्षीय जन-संपर्क को मज़बूत करने की दिशा में कई ठोस कदम उठाए हैं — जिनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा की पुनः शुरुआत और दोनों देशों के बीच सिविल एविएशन कनेक्टिविटी की बहाली प्रमुख हैं। मंत्रालय ने भरोसा जताया कि ये कदम दोनों देशों के बीच सकारात्मक संबंधों को और सुदृढ़ करेंगे।
मुख्य घटनाक्रम
नई दिल्ली में आयोजित नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'दोनों देशों के बीच बातचीत लगातार जारी है और चर्चा सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। लोगों के बीच संबंधों को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। आपने कैलाश मानसरोवर यात्रा की पुनः शुरुआत देखी होगी। इसके अलावा दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क भी बहाल किया गया है। हमारा मानना है कि इससे दोनों देशों के बीच सकारात्मक संबंध और मजबूत होंगे।'
गौरतलब है कि जायसवाल यह जवाब उस सवाल के संदर्भ में दे रहे थे, जिसमें बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास के 'ओपन फोरम' के दौरान भारतीय समुदाय के सदस्यों ने चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर भारतीयों और भारतीय संस्कृति के खिलाफ बढ़ रही आपत्तिजनक सामग्री को लेकर चिंता जताई थी।
विदेश सचिव की बीजिंग यात्रा और द्विपक्षीय समीक्षा
पिछले महीने भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने चीन की आधिकारिक यात्रा के दौरान चीन की उप विदेश मंत्री हुआ चुनयिंग से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े सभी प्रमुख मुद्दों की समीक्षा की और इस बात पर सहमति जताई कि भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है।
बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, 'दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की। उन्होंने इस बात पर चर्चा की कि दोनों नेताओं के उस विजन को आगे कैसे बढ़ाया जाए, जिसमें भारत और चीन को एक-दूसरे के विकास के साझेदार के रूप में देखा गया है। बातचीत में व्यापार, आर्थिक संबंध, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे क्षेत्रों में पारस्परिक लाभ के अवसरों पर भी चर्चा हुई।'
सीपीसी नेतृत्व से मुलाकात
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) के सेंट्रल पार्टी स्कूल के उपाध्यक्ष ली वेंटांग से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भविष्य में सहयोग और आपसी आदान-प्रदान के नए अवसरों पर विचार-विमर्श किया।
आम जनता पर असर
कैलाश मानसरोवर यात्रा — जो COVID-19 महामारी और सीमा तनाव के बाद वर्षों से बंद थी — की बहाली हज़ारों भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए राहत की खबर है। इसी तरह सिविल एविएशन संपर्क की बहाली से व्यापार, पर्यटन और शैक्षणिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
क्या होगा आगे
यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देश 2020 की गलवान घाटी झड़प के बाद से धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर लौट रहे हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, बातचीत जारी रहेगी और आने वाले महीनों में और भी कदम उठाए जाने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रक्रिया दीर्घकालिक और चरणबद्ध होगी।