WMCC की 36वीं बैठक: भारत-चीन ने LAC पर शांति और सीमा सहयोग पर की विस्तृत चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
भारत और चीन के बीच 6 अगस्त 2025 को नई दिल्ली में भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय कार्य तंत्र (WMCC) की 36वीं बैठक आयोजित हुई, जिसमें दोनों पक्षों ने सीमा निर्धारण, सीमा प्रबंधन, तंत्र निर्माण और सीमा पार सहयोग से जुड़े मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब दोनों देश वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर स्थिरता बनाए रखने की दिशा में कूटनीतिक प्रयासों को नई गति दे रहे हैं।
प्रतिनिधिमंडल और नेतृत्व
भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (पश्चिम एशिया) सुजीत घोष ने किया। चीनी पक्ष की अगुवाई विदेश मंत्रालय के बाउंड्री एवं ओशनिक अफेयर्स विभाग की महानिदेशक होउ यांकी ने की।
दोनों पक्षों ने खुले और रचनात्मक माहौल में बातचीत की तथा LAC पर मौजूदा हालात की समीक्षा की। इस दौरान इस बात पर विशेष बल दिया गया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखना दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के समग्र विकास के लिए अपरिहार्य है।
मुख्य सहमति बिंदु
दोनों पक्ष मौजूदा कूटनीतिक और सैन्य चैनलों के माध्यम से संवाद जारी रखने पर सहमत हुए। इसमें WMCC, स्थानीय कमांडर स्तर की बैठकें और अन्य स्थापित तंत्र शामिल हैं, ताकि शेष मुद्दों का समाधान किया जा सके और LAC पर किसी भी गलतफहमी या गलत आकलन से बचा जा सके।
24वीं विशेष प्रतिनिधि (SR) वार्ता के परिणामों के आलोक में, दोनों पक्षों ने सीमा निर्धारण, सीमा प्रबंधन, तंत्र निर्माण और सीमा पार सहयोग से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की। भारतीय पक्ष ने सीमा पार नदियों पर विशेषज्ञ स्तरीय तंत्र की अगली बैठक शीघ्र आयोजित करने की आवश्यकता दोहराई और अपस्ट्रीम परियोजनाओं पर तकनीकी विवरण साझा करने के महत्व पर जोर दिया।
सरकार की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 4 अगस्त को नई दिल्ली में द्विसाप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा, "दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है और वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध बेहतर करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।"
जायसवाल ने कैलाश मानसरोवर यात्रा की पुनः शुरुआत और दोनों देशों के बीच नागरिक उड्डयन संपर्क की बहाली का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने विश्वास जताया कि ये कदम भारत-चीन संबंधों को और मजबूत आधार देंगे। यह बयान उस संदर्भ में आया जब भारतीय समुदाय के सदस्यों ने बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित एक 'ओपन फोरम' में चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भारतीयों और भारतीय संस्कृति के विरुद्ध आपत्तिजनक सामग्री बढ़ने की चिंता जताई थी।
व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि 2020 की गलवान झड़प के बाद से भारत-चीन संबंध तनावपूर्ण रहे हैं और दोनों देश कई दौर की सैन्य व कूटनीतिक वार्ताओं के ज़रिए सामान्यीकरण की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। WMCC इस प्रक्रिया का एक अहम स्तंभ है जो सीमा प्रबंधन के तकनीकी और कूटनीतिक पहलुओं को एक साथ संबोधित करता है।
आगे की राह
दोनों पक्षों के बीच अगले दौर की वार्ता की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है, लेकिन स्थापित तंत्रों के ज़रिए संवाद जारी रहने की उम्मीद है। सीमा पार नदियों पर विशेषज्ञ स्तरीय बैठक और सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापार व आवागमन से जुड़े मुद्दे अगले एजेंडे में प्रमुख स्थान पाने की संभावना है।