रक्षा मंत्रालय रिपोर्ट 2025: LAC पर चीनी तैनाती घटी, LoC पर 163 संघर्षविराम उल्लंघन दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में उत्तरी मोर्चे पर वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के निकट चीनी सेना की तैनाती में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, LAC और पारंपरिक प्रशिक्षण क्षेत्रों में चीन की लगभग 10 संयुक्त हथियार ब्रिगेड के आकार की सैन्य टुकड़ियाँ तैनात रहीं, जबकि भारतीय सेना ने सभी क्षेत्रों में मजबूत और रणनीतिक रूप से उपयुक्त उपस्थिति बनाए रखी।
भारत-चीन सीमा पर स्थिरता
रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, भारत और चीन के बीच राजनीतिक, कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर निरंतर संवाद ने सीमा पर शांति बनाए रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान कार्यकारी तंत्र की बैठकें, विशेष प्रतिनिधियों की वार्ता, कोर कमांडर स्तर की चर्चाएँ और सीमा कार्मिक बैठकें आयोजित होती रहीं। दोनों पक्षों ने इन बैठकों में परस्पर चिंता के मुद्दों को सौहार्दपूर्ण माहौल में उठाया और समाधान की दिशा में प्रयास किए। गौरतलब है कि यह प्रगति 2020 के गलवान संघर्ष के बाद से धीरे-धीरे स्थापित हुए पुनर्गठन प्रक्रिया का हिस्सा मानी जा रही है।
LoC पर घुसपैठ और संघर्षविराम उल्लंघन
रक्षा मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में नियंत्रण रेखा (LoC) पर आतंकियों ने घुसपैठ की छह कोशिशें कीं, जिनमें 12 पाकिस्तानी आतंकी मारे गए। पिछले वर्षों की तुलना में LoC पर घुसपैठ की कोशिशों में कमी आई है। हालाँकि, सुरक्षा एजेंसियों के आकलन के अनुसार आतंकियों ने अंतरराष्ट्रीय सीमा वाले क्षेत्रों पर अपना ध्यान बढ़ाया है, जिसमें मादक पदार्थों और युद्ध सामग्री की तस्करी शामिल है।
संघर्षविराम उल्लंघन के मामलों में वर्ष 2025 में तीव्र वृद्धि देखी गई — 163 मामले दर्ज किए गए, जबकि वर्ष 2024 में केवल दो मामले सामने आए थे। इनमें से 124 उल्लंघन ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुए, जिससे उस अवधि में सीमा पर बढ़े तनाव का स्पष्ट संकेत मिलता है।
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद-रोधी अभियान
जम्मू-कश्मीर के भीतरी इलाकों में वर्ष 2025 के दौरान आतंकवाद-रोधी अभियान सक्रिय रहे। इन अभियानों में कुल 19 आतंकी मारे गए, जिनमें 8 पाकिस्तानी नागरिक थे — यानी मारे गए आतंकियों में लगभग 40 प्रतिशत पाकिस्तानी थे। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह आँकड़ा जम्मू-कश्मीर में छद्म युद्ध को बढ़ावा देने में पाकिस्तान की संलिप्तता की ओर इशारा करता है।
ड्रोन खतरा: 863 घुसपैठ, 237 मार गिराए
वर्ष 2025 में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन घुसपैठ के 863 मामले दर्ज किए गए। इनमें जम्मू-कश्मीर में 9 और पंजाब तथा राजस्थान में 854 मामले शामिल थे। सुरक्षा बलों ने स्पूफर और जैमर की सहायता से 237 ड्रोन मार गिराए। इनमें 5 ड्रोन युद्ध सामग्री, 72 ड्रोन मादक पदार्थ और 161 ड्रोन बिना किसी सामान के पाए गए।
इसके अतिरिक्त, अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट सुरक्षा बलों ने दो AK-47 राइफलें, 75 पिस्तौलें और 281.41 किलोग्राम प्रतिबंधित सामग्री बरामद की। माना जाता है कि इनमें से कुछ सामग्री ड्रोन के माध्यम से भेजी गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब में ऐसी गतिविधियों पर विशेष रूप से नज़र रखी गई है।
आगे की राह
रक्षा मंत्रालय की यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब भारत अपनी उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर दोतरफा सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। LAC पर चीनी तैनाती में कमी कूटनीतिक प्रयासों की सफलता का संकेत हो सकती है, लेकिन LoC पर संघर्षविराम उल्लंघनों की संख्या में भारी उछाल और ड्रोन खतरे की बढ़ती जटिलता सुरक्षा तंत्र के लिए नई प्राथमिकताएँ तय करती है।