6 अगस्त 2026
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भारत-चीन सीमा की अपुष्ट तस्वीरें वायरल: PIB ने आधिकारिक स्रोतों पर भरोसे की अपील की

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भारत-चीन सीमा की अपुष्ट तस्वीरें वायरल: PIB ने आधिकारिक स्रोतों पर भरोसे की अपील की

सारांश

भारत-चीन LAC से जुड़ी अपुष्ट तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद PIB ने नागरिकों और मीडिया को आधिकारिक स्रोतों पर भरोसे की अपील की है। इससे पहले चीनी सेना के 60 किमी घुसपैठ का दावा भी फर्जी पाया जा चुका है।

मुख्य बातें

PIB के प्रधान महानिदेशक कार्यालय ने 6 अगस्त 2026 को भारत-चीन सीमा से जुड़ी अपुष्ट तस्वीरों के प्रति सावधानी बरतने की अपील जारी की।
सोशल मीडिया पर कथित तौर पर PLA को दर्शाने वाली तस्वीरें साझा की जा रही हैं, जिनका कोई स्वतंत्र सत्यापन नहीं हुआ है।
इससे पहले चीनी सेना के भारतीय सीमा में 60 किलोमीटर अंदर घुसने का वायरल दावा PIB फैक्ट चेक में झूठा पाया गया था।
नागरिकों और मीडिया को केवल रक्षा मंत्रालय और भारतीय सशस्त्र बलों के आधिकारिक बयानों पर भरोसा करने की सलाह दी गई है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से भ्रामक सामग्री हटाने का अनुरोध किया जा रहा है।

प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के प्रधान महानिदेशक कार्यालय ने 6 अगस्त 2026 को नागरिकों और मीडिया से अपील की है कि भारत-चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल रक्षा मंत्रालय और भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। यह अपील ऐसे समय में आई है जब सोशल मीडिया पर सीमा क्षेत्र से जुड़ी अपुष्ट तस्वीरें और भ्रामक दावे तेज़ी से फैल रहे हैं।

क्या है मामला

सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर कुछ पोस्ट में कथित तौर पर चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) को भारत-चीन सीमा के निकट दर्शाने वाली तस्वीरें साझा की जा रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन तस्वीरों का कोई स्वतंत्र सत्यापन नहीं हुआ है और इन्हें प्रामाणिक नहीं माना जाना चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से ऐसी भ्रामक सामग्री को हटाने का अनुरोध भी किया जा रहा है।

पहले भी फैल चुकी है फर्जी खबर

गौरतलब है कि इससे पहले भी सोशल मीडिया पर यह झूठा दावा वायरल हुआ था कि चीनी सेना भारतीय सीमा में 60 किलोमीटर अंदर तक घुस आई है। PIB की फैक्ट चेक रिपोर्ट ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए स्पष्ट किया था कि इस दावे के समर्थन में प्रसारित वीडियो का भारत-चीन सीमा से कोई संबंध नहीं था। अधिकारियों का कहना है कि सीमा संबंधी मुद्दों पर बार-बार गलत सूचना फैलाने के प्रयासों के मद्देनजर यह ताज़ा अपील जारी की गई है।

सरकार की सलाह

अधिकारियों ने नागरिकों और मीडिया दोनों से आग्रह किया है कि ऑनलाइन कोई भी सामग्री साझा करने से पहले तथ्यों की पुष्टि अवश्य करें। रक्षा मंत्रालय और भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा जारी आधिकारिक बयान, तस्वीरें और वीडियो ही सूचना के सबसे विश्वसनीय स्रोत हैं। सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग गलत सूचना के प्रसार को रोकने में सहायक है।

आम जनता पर असर

सीमा से जुड़ी अपुष्ट तस्वीरें और भ्रामक दावे आम जनता में भय और भ्रम उत्पन्न कर सकते हैं। यह ऐसे समय में विशेष रूप से संवेदनशील है जब भारत-चीन संबंध कूटनीतिक स्तर पर नाज़ुक दौर से गुज़र रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की फर्जी सूचनाएँ राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी खतरनाक हो सकती हैं।

क्या होगा आगे

अधिकारियों ने संकेत दिया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भ्रामक सामग्री हटाने की प्रक्रिया जारी रहेगी। नागरिकों से अपेक्षा है कि वे किसी भी सीमा संबंधी समाचार के लिए केवल आधिकारिक चैनलों का ही अनुसरण करें और अप्रमाणित सामग्री को आगे न फैलाएँ।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाता है कि केवल फैक्ट चेक पर्याप्त नहीं है। सरकार की अपील सही दिशा में है, लेकिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जवाबदेही और डिजिटल साक्षरता के बिना यह चक्र टूटना मुश्किल है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-चीन सीमा पर वायरल हो रही तस्वीरें क्या हैं?
सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट में कथित तौर पर चीनी PLA को भारत-चीन LAC के निकट दर्शाने वाली तस्वीरें साझा की जा रही हैं। अधिकारियों के अनुसार इन तस्वीरों का कोई स्वतंत्र सत्यापन नहीं हुआ है और इन्हें प्रामाणिक नहीं माना जाना चाहिए।
PIB ने क्या अपील जारी की है?
PIB के प्रधान महानिदेशक कार्यालय ने 6 अगस्त 2026 को नागरिकों और मीडिया से अपील की है कि वे सीमा संबंधी किसी भी जानकारी के लिए केवल रक्षा मंत्रालय और भारतीय सशस्त्र बलों के आधिकारिक बयानों पर भरोसा करें और अप्रमाणित सामग्री साझा करने से बचें।
चीनी सेना के 60 किलोमीटर घुसपैठ का दावा क्या सच है?
नहीं, यह दावा झूठा पाया गया है। PIB की फैक्ट चेक रिपोर्ट ने स्पष्ट किया था कि इस दावे के साथ प्रसारित वीडियो का भारत-चीन सीमा से कोई संबंध नहीं था।
गलत सूचना से बचने के लिए नागरिक क्या करें?
अधिकारियों की सलाह है कि कोई भी सामग्री साझा करने से पहले तथ्यों की पुष्टि करें और केवल रक्षा मंत्रालय व भारतीय सशस्त्र बलों के आधिकारिक चैनलों से जानकारी लें। सोशल मीडिया पर अप्रमाणित दावों को आगे न फैलाएँ।
क्या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भ्रामक सामग्री हटाई जाएगी?
अधिकारियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से ऐसी भ्रामक सामग्री हटाने का अनुरोध किया है। यह प्रक्रिया जारी बताई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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