प्रधानमंत्री मोदी का संदेश: सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयों की उपलब्धता हमारी प्राथमिकता

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प्रधानमंत्री मोदी का संदेश: सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयों की उपलब्धता हमारी प्राथमिकता

सारांश

जन औषधि दिवस 2026 पर पीएम मोदी ने सस्ती दवाइयों की उपलब्धता को सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। यह पहल स्वास्थ्य देखभाल खर्चों को कम करने में सहायक साबित हो रही है।

Key Takeaways

  • प्रधानमंत्री मोदी ने जन औषधि दिवस पर सस्ती दवाइयों की उपलब्धता का आश्वासन दिया।
  • जन औषधि केंद्रों के माध्यम से लाखों लोग स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं।
  • 40,000 करोड़ रुपए से अधिक की बचत का आंकड़ा दर्शाता है कि यह पहल कितनी सफल है।
  • महिलाओं के नेतृत्व में जन औषधि केंद्रों की संख्या में वृद्धि हो रही है।
  • यह योजना स्वास्थ्य देखभाल को सभी के लिए सुलभ बना रही है।

नई दिल्ली, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जन औषधि दिवस 2026 के अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी नागरिकों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल यह सुनिश्चित करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि हर व्यक्ति को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध हों।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा, "जन औषधि दिवस 2026 के अवसर पर, मैं उन सभी लोगों को शुभकामनाएं देता हूं जो भारतीय जन औषधि परियोजना से लाभान्वित हो रहे हैं। यह हमारी प्रतिबद्धता को दिखाता है कि हम गुणवत्तापूर्ण दवाएं किफायती दामों पर प्रदान कर रहे हैं। जन औषधि केंद्रों की सहायता से कई परिवार स्वास्थ्य देखभाल खर्चों में बचत कर रहे हैं और उचित उपचार प्राप्त कर रहे हैं।"

इसके साथ ही, पीएम मोदी ने 'भारतीय जन औषधि योजना' के सकारात्मक प्रभाव की जानकारी साझा की। 'माईगव इंडिया' ने उल्लेख किया है कि, "हेल्थकेयर सिस्टम तब सबसे मजबूत होते हैं जब वे आसानी से उपलब्ध और सभी के लिए समावेशी होते हैं।"

पोस्ट में आगे कहा गया है, "जन औषधि लाखों लोगों की जिंदगी को बेहतर बना रही है, यह सुनिश्चित करते हुए कि आवश्यक दवाएं सस्ती और पहुंच में रहें। कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी बढ़ती उपस्थिति न केवल स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को सशक्त कर रही है, बल्कि स्थानीय उद्यमियों और समुदायों को भी मजबूती प्रदान कर रही है।"

'माईगव इंडिया' से साझा की गई जानकारी के अनुसार, जन औषधि केंद्रों के माध्यम से सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां प्राप्त कर देशवासियों ने अब तक 40,000 करोड़ रुपए से अधिक की बचत की है। हर दिन 15 लाख से अधिक लोग जन औषधि केंद्रों से किफायती दवाएं खरीदकर इस पहल पर विश्वास कर रहे हैं। केवल 12 वर्षों में जन औषधि केंद्रों का नेटवर्क 80 से बढ़कर 18,000 तक पहुंच गया है।

अतिरिक्त जानकारी के अनुसार, जन औषधि केंद्रों की बिक्री 7.29 करोड़ रुपए (2014) से बढ़कर 2,000 करोड़ रुपए से अधिक हो गई है, जो किफायती दवाओं पर देशवासियों के विश्वास को दर्शाती है। जन औषधि केंद्रों पर 2,110 से अधिक दवाइयां, 315 सर्जिकल उत्पाद और 29 उपचार श्रेणियों की आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं, ताकि हर नागरिक को एक ही स्थान पर सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा मिल सके। जन औषधि केंद्रों पर मात्र 1 रुपए प्रति पैड के मूल्य पर उपलब्ध सैनेटरी पैड्स की 100 करोड़ से अधिक बिक्री देशभर में महिलाओं की स्वच्छता, स्वास्थ्य और सम्मान को सशक्त बना रही है।

'माईगव इंडिया' ने बताया कि महिलाओं के नेतृत्व को सशक्त करते हुए पिछले तीन वित्तीय वर्षों में खुले नए जन औषधि केंद्रों में लगभग 60 प्रतिशत केंद्र महिलाओं द्वारा संचालित हैं।

Point of View

बल्कि यह देश के नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण आश्वासन भी है कि वे सस्ती और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं।
NationPress
08/03/2026

Frequently Asked Questions

जन औषधि केंद्र क्या हैं?
जन औषधि केंद्र वे स्थान हैं जहां नागरिकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराई जाती हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने जन औषधि दिवस पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि यह पहल हर नागरिक को सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
जन औषधि केंद्रों से अब तक कितनी बचत हुई है?
जन औषधि केंद्रों से देशवासियों ने अब तक 40,000 करोड़ रुपए से अधिक की बचत की है।
जन औषधि केंद्रों की संख्या कितनी है?
जन औषधि केंद्रों की संख्या 80 से बढ़कर 18,000 तक पहुंच गई है।
महिलाओं के नेतृत्व में कितने जन औषधि केंद्र संचालित हैं?
पिछले तीन वित्तीय वर्षों में खुले नए जन औषधि केंद्रों में लगभग 60 प्रतिशत केंद्र महिलाओं द्वारा संचालित हैं।
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