रक्षा उत्पादन ₹1.78 लाख करोड़ के रिकॉर्ड पर, राजनाथ सिंह बोले — लक्ष्य तय समय से पहले होगा पूरा
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 19 जून 2026 को नागपुर में कहा कि भारत रक्षा उत्पादन और निर्यात के राष्ट्रीय लक्ष्यों को निर्धारित समय-सीमा से पहले हासिल करने की राह पर है। ऑर्डनेंस फैक्ट्री अंबाझरी (यान्त्र इंडिया लिमिटेड) में 10,000 टन क्षमता वाले एल्यूमीनियम एक्सट्रूज़न प्रेस की आधारशिला रखने के बाद उन्होंने यह बात कही। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी उपस्थित रहे।
रक्षा उत्पादन में ऐतिहासिक उछाल
राजनाथ सिंह ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में देश का कुल रक्षा उत्पादन बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया है। तुलनात्मक रूप से, 2014 में यह आँकड़ा केवल ₹46,000 करोड़ था — यानी एक दशक में लगभग चार गुना वृद्धि। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत जल्द ही ₹3 लाख करोड़ के रक्षा उत्पादन का लक्ष्य तय समय से पहले पार कर लेगा।
रक्षा निर्यात में भी बड़ी छलांग
रक्षा निर्यात के मोर्चे पर भी भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्तमान में रक्षा निर्यात ₹38,424 करोड़ तक पहुँच चुका है, जबकि 2014 में यह ₹1,000 करोड़ से भी कम था। सरकार का लक्ष्य इसे ₹50,000 करोड़ तक ले जाना है, जिसे भी समय से पहले हासिल किए जाने का अनुमान है।
ओएफबी पुनर्गठन का असर
रक्षा मंत्री ने ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड (OFB) के कॉर्पोरेटाइजेशन को एक सफल निर्णय बताया। उनके अनुसार, वित्त वर्ष 2019-20 में OFB का उत्पादन ₹12,755 करोड़ था, जो 2025-26 में बढ़कर ₹26,282 करोड़ हो गया। इन इकाइयों का रक्षा निर्यात भी ₹81 करोड़ से उछलकर ₹4,561 करोड़ पर पहुँचा, जिसमें यान्त्र इंडिया लिमिटेड का योगदान अकेले ₹397 करोड़ रहा।
नई परियोजना का महत्व
प्रस्तावित 10,000 टन क्षमता वाला एल्यूमीनियम एक्सट्रूज़न प्रेस देश की सबसे आधुनिक सुविधाओं में शामिल होगा। सरकार के अनुसार, इसमें अत्यंत जटिल और उच्च-क्षमता वाले एल्यूमीनियम मिश्र धातु प्रोफाइल तैयार किए जाएंगे, जिनका उपयोग आधुनिक लड़ाकू विमानों, मिसाइलों, अंतरिक्ष कार्यक्रमों, रेलवे और रणनीतिक औद्योगिक परियोजनाओं में होगा। राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान स्वदेशी रक्षा उपकरणों की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि मजबूत सैन्य-औद्योगिक आधार के लिए निरंतर अनुसंधान एवं विकास और पूंजी निवेश अनिवार्य है।
नागपुर बनेगा रक्षा विनिर्माण का केंद्र
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह परियोजना आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों और निजी क्षेत्र के बीच बढ़ता सहयोग नागपुर को स्वदेशी रक्षा निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र बना रहा है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत आयात पर निर्भरता घटाने को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। आने वाले वर्षों में इस संयंत्र की उत्पादन क्षमता और निर्यात में योगदान, भारत के रक्षा आत्मनिर्भरता के दावों की असली कसौटी साबित होगी।