13 अगस्त 2026
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यूक्रेन का नोवोरोसिस्क पर बड़ा हमला: 'एडमिरल एसेन', 'माकारोव' समेत कई रूसी जहाज निशाने पर

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यूक्रेन का नोवोरोसिस्क पर बड़ा हमला: 'एडमिरल एसेन', 'माकारोव' समेत कई रूसी जहाज निशाने पर

सारांश

यूक्रेन ने काला सागर में रूस के अंतिम बड़े नौसैनिक अड्डे नोवोरोसिस्क पर संयुक्त हमला बोला — पहली बार एक ही ऑपरेशन में नौ से अधिक हथियार प्रणालियाँ एक साथ उतारी गईं। 'एडमिरल एसेन' और 'माकारोव' फ्रिगेट समेत कई जहाजों को निशाना बनाने का दावा, रूस की समुद्री ताकत को व्यवस्थित रूप से कमज़ोर करने की यूक्रेनी रणनीति का ताज़ा अध्याय।

मुख्य बातें

यूक्रेन ने मंगलवार रात काला सागर में रूस के नौसैनिक अड्डे नोवोरोसिस्क पर संयुक्त सैन्य अभियान चलाया।
अड्डा युद्धक्षेत्र से 300 किलोमीटर से अधिक दूर — हमले की दूरी और तकनीकी क्षमता उल्लेखनीय।
एडमिरल एसेन और एडमिरल माकारोव फ्रिगेट, एक बड़ा लैंडिंग जहाज और एक कॉर्वेट निशाने पर बताए गए।
पहली बार एक ही अभियान में 'पालियानित्सिया' , 'पेक्लो' , 'बार्स' , 'लॉन्ग नेप्च्यून' सहित नौ से अधिक ड्रोन व हथियार प्रणालियाँ एक साथ तैनात।
राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने अभियान को 'सफल' बताया और रूस से युद्ध समाप्त करने की माँग दोहराई।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने मंगलवार रात रूसी बंदरगाह शहर नोवोरोसिस्क के नौसैनिक अड्डे पर किए गए संयुक्त सैन्य अभियान को पूरी तरह सफल बताया। ज़ेलेंस्की के अनुसार, इस हमले में लंबी दूरी के हथियारों, हवाई ड्रोन और मानव रहित समुद्री नौकाओं का एक साथ इस्तेमाल किया गया — और रूसी नौसेना के कई प्रमुख जहाज सीधे निशाने पर आए।

अभियान का विवरण

यूक्रेन की रक्षा सेनाओं ने नोवोरोसिस्क स्थित नौसैनिक अड्डे पर विशेष अभियान चलाया, जो काला सागर में रूसी नौसेना का अंतिम प्रमुख ठिकाना माना जाता है। यह अड्डा युद्धक्षेत्र से 300 किलोमीटर से अधिक दूर स्थित है, जो इस हमले की दूरी और तकनीकी जटिलता को रेखांकित करता है।

ज़ेलेंस्की ने बताया कि इस अभियान में पहली बार एक ही ऑपरेशन में 'पालियानित्सिया', 'पेक्लो', 'बार्स' और 'लॉन्ग नेप्च्यून' हथियार प्रणालियों ने एक साथ काम किया। इसके अलावा 'मिच', 'फायर पॉइंट', 'रामजे', 'सिचेन', 'ट्रस्ट', 'खारियोक', 'बोबर', 'ल्युटी' और 'डोवबुश' ड्रोन भी शामिल रहे। मानव रहित समुद्री नौकाओं में 'सार्गान' और 'मामाई' का उपयोग किया गया।

निशाने पर आए रूसी जहाज

ज़ेलेंस्की द्वारा साझा की गई पुष्ट जानकारी के अनुसार, नोवोरोसिस्क की खाड़ी में छिपे रूसी नौसैनिक जहाजों को सीधे निशाना बनाया गया। इनमें एडमिरल एसेन और एडमिरल माकारोव फ्रिगेट, एक बड़ा लैंडिंग जहाज, एक कॉर्वेट और कई अन्य पोत शामिल हैं। इसके साथ ही रूस के उन ठिकानों पर भी हमला किया गया जो कथित तौर पर युद्ध को वित्तीय सहायता देने में भूमिका निभा रहे थे।

गौरतलब है कि यूक्रेन ने इससे पहले भी काला सागर में रूसी नौसेना को कई बड़े झटके दिए हैं — जिनमें रूसी युद्धपोत 'मोस्कवा' का डूबना भी शामिल है। नोवोरोसिस्क पर यह हमला उस रणनीति का विस्तार है जिसके तहत यूक्रेन रूस की नौसैनिक क्षमता को व्यवस्थित रूप से कमज़ोर करने की कोशिश कर रहा है।

ज़ेलेंस्की का बयान

राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा: 'यह पूरी तरह उचित है कि यूक्रेन रूस की ओर से शुरू किए गए युद्ध का जवाब दे। इस युद्ध को खत्म करने की जिम्मेदारी रूस की है — रूस ही वह देश है जो इसे समाप्त कर सकता है और उसे ऐसा करना ही चाहिए।'

उन्होंने यूक्रेनी सैनिकों की 'सटीकता' की सराहना करते हुए हथियार निर्माताओं और विशेषज्ञों को धन्यवाद दिया, जिनके प्रयासों से यूक्रेन की दीर्घ-दूरी और मध्यम-दूरी की सैन्य क्षमताएँ मज़बूत हुई हैं।

रणनीतिक बैठक और आगे की प्राथमिकताएँ

ज़ेलेंस्की ने बताया कि उसी दिन रक्षा मंत्री, सशस्त्र सेनाओं के कमांडर-इन-चीफ, मानव रहित प्रणाली बलों के कमांडर और यूक्रेन की सुरक्षा सेवा के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में निकट भविष्य की सैन्य प्राथमिकताएँ तय की गईं। यूक्रेन का कहना है कि वह लंबी और मध्यम दूरी की क्षमताओं का इस्तेमाल जारी रखते हुए रूस को शांति की दिशा में बाध्य करने की कोशिश करता रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यूक्रेन की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वह रूस की नौसैनिक शक्ति को क्रमबद्ध तरीके से नष्ट कर रहा है — और यह काम वह पश्चिमी ज़मीनी सहायता की प्रतीक्षा किए बिना कर रहा है। एक ही अभियान में नौ से अधिक स्वदेशी हथियार प्रणालियों का एकीकृत उपयोग यह दर्शाता है कि यूक्रेन की रक्षा-तकनीक क्षमता उस स्तर तक पहुँच रही है जिसे युद्ध की शुरुआत में असंभव माना जाता था। हालाँकि, ज़ेलेंस्की के दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है — रूस ने इस हमले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, जो स्वयं में एक संकेत हो सकता है।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूक्रेन ने नोवोरोसिस्क पर हमला क्यों किया?
नोवोरोसिस्क काला सागर में रूसी नौसेना का अंतिम बड़ा प्रमुख ठिकाना माना जाता है। यूक्रेन की रणनीति रूस की नौसैनिक शक्ति को कमज़ोर करने की है, ताकि समुद्री मार्गों पर रूस का नियंत्रण घटाया जा सके।
इस हमले में कौन-से हथियार इस्तेमाल किए गए?
'पालियानित्सिया', 'पेक्लो', 'बार्स' और 'लॉन्ग नेप्च्यून' हथियार प्रणालियों के साथ 'मिच', 'फायर पॉइंट', 'रामजे', 'सिचेन', 'ट्रस्ट', 'खारियोक', 'बोबर', 'ल्युटी' और 'डोवबुश' ड्रोन, तथा 'सार्गान' और 'मामाई' मानव रहित समुद्री नौकाओं का उपयोग किया गया। ज़ेलेंस्की के अनुसार यह पहली बार था जब इन सभी प्रणालियों ने एक ही अभियान में साझा काम किया।
कौन-से रूसी जहाज निशाने पर बताए गए हैं?
यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के अनुसार, 'एडमिरल एसेन' और 'एडमिरल माकारोव' फ्रिगेट, एक बड़ा लैंडिंग जहाज, एक कॉर्वेट और अन्य कई पोत निशाने पर आए। हालाँकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
रूस ने इस हमले पर क्या प्रतिक्रिया दी?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रूस की ओर से इस हमले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यूक्रेन के दावे फिलहाल ज़ेलेंस्की के बयान और एक्स पर उनकी पोस्ट पर आधारित हैं।
यह हमला यूक्रेन-रूस युद्ध के संदर्भ में कितना महत्वपूर्ण है?
नोवोरोसिस्क का नौसैनिक अड्डा युद्धक्षेत्र से 300 किलोमीटर से अधिक दूर है, जो यूक्रेन की बढ़ती दीर्घ-दूरी की क्षमता को दर्शाता है। यह हमला काला सागर में रूसी नौसेना को कमज़ोर करने की उस रणनीति का हिस्सा है जिसकी शुरुआत 'मोस्कवा' युद्धपोत के डूबने से हुई थी।
राष्ट्र प्रेस
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