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काला सागर में यूक्रेन का बड़ा हमला: नोवोरोसिस्क नौसैनिक अड्डे पर ड्रोन और 'नेपच्यून' मिसाइलों से कार्रवाई

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काला सागर में यूक्रेन का बड़ा हमला: नोवोरोसिस्क नौसैनिक अड्डे पर ड्रोन और 'नेपच्यून' मिसाइलों से कार्रवाई

सारांश

यूक्रेन ने काला सागर में रूसी नौसेना के आखिरी बड़े ठिकाने — नोवोरोसिस्क — पर 'नेपच्यून' मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया। साथ ही साइबेरिया के टोबोल्स्क में 2,500 किमी दूर तेल रिफाइनरी को निशाना बनाने का दावा — यूक्रेन की मारक क्षमता का अब तक का सबसे बड़ा विस्तार।

मुख्य बातें

यूक्रेन ने 12 अगस्त को काला सागर में नोवोरोसिस्क नौसैनिक अड्डे पर विशेष सैन्य अभियान चलाया।
हमले में 'पालियानित्सिया' ड्रोन , 'नेपच्यून' मिसाइलें और मानवरहित नौसैनिक प्रणालियाँ इस्तेमाल हुईं।
वायु रक्षा ठिकानों, घाटों और बंदरगाह के बुनियादी ढाँचे पर हमले की पुष्टि राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने की।
नोवोरोसिस्क मोर्चे से 300 किलोमीटर से अधिक दूर स्थित है और रूसी नौसेना का अंतिम प्रमुख काला सागर ठिकाना माना जाता है।
यूक्रेन ने साइबेरिया के टोबोल्स्क में 2,500 किलोमीटर दूर तेल रिफाइनरी पर भी हमले का दावा किया।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने 12 अगस्त को दावा किया कि यूक्रेनी सेना ने काला सागर में स्थित रूस के अंतिम प्रमुख नौसैनिक ठिकाने — नोवोरोसिस्क नौसैनिक अड्डे — पर एक सुनियोजित विशेष अभियान के तहत हमला किया। इस अभियान में जेट इंजन-चालित 'पालियानित्सिया' ड्रोन, 'नेपच्यून' मिसाइलों और मानवरहित नौसैनिक प्रणालियों का उपयोग किया गया।

हमले का विवरण

ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि मंगलवार रात यूक्रेन की रक्षा सेनाओं ने नोवोरोसिस्क स्थित नौसैनिक अड्डे पर कार्रवाई की। उन्होंने लिखा, 'यह काला सागर में रूसी नौसेना का आखिरी बड़ा प्रमुख ठिकाना माना जाता है और यह मोर्चे से 300 किलोमीटर से अधिक दूर स्थित है।' उन्होंने पुष्टि की कि वायु रक्षा ठिकानों, घाटों (पियर्स) और बंदरगाह के बुनियादी ढाँचे पर हमले सफल रहे।

ज़ेलेंस्की ने यूक्रेन के सशस्त्र बलों, यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (एसबीयू) और खुफिया एजेंसियों के जवानों को उनकी 'सटीक कार्रवाई और सफल परिणामों' के लिए धन्यवाद दिया।

रणनीतिक महत्व

नोवोरोसिस्क रूस के क्रास्नोदार क्राय क्षेत्र में स्थित एक प्रमुख बंदरगाह शहर है। विश्लेषकों के अनुसार, सेवास्तोपोल (क्रीमिया) के बाद यह काला सागर में रूसी नौसेना का सबसे महत्वपूर्ण परिचालन आधार है। यह ऐसे समय में आया है जब यूक्रेन लगातार अपनी लंबी दूरी की हमला क्षमता का विस्तार कर रहा है।

गौरतलब है कि इससे पहले यूक्रेन ने क्रीमिया स्थित रूसी नौसैनिक जहाज़ों को कई बार निशाना बनाया था, जिसके बाद रूसी बेड़े का एक बड़ा हिस्सा नोवोरोसिस्क की ओर स्थानांतरित हो गया था।

साइबेरिया तक पहुँची यूक्रेन की मारक क्षमता

यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने भी एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि यूक्रेन की रक्षा सेनाओं ने रूस के साइबेरिया क्षेत्र के टोबोल्स्क शहर में स्थित एक तेल रिफाइनिंग सुविधा को निशाना बनाया। मंत्रालय के अनुसार यह ठिकाना यूक्रेन से 2,500 किलोमीटर से भी अधिक दूर है। मंत्रालय ने लिखा, 'यूक्रेन की लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता ने एक नया मुकाम हासिल किया है।'

यह दावा स्वतंत्र रूप से तत्काल सत्यापित नहीं हो सका है। रूस की ओर से इन हमलों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया तत्काल उपलब्ध नहीं थी।

ज़ेलेंस्की का कूटनीतिक संदेश

ज़ेलेंस्की ने सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ कूटनीतिक संकेत भी दिए। उन्होंने कहा कि जब तक रूस का आक्रमण जारी रहेगा, रूसी नौसेना और उसे समर्थन देने वाला कोई भी बुनियादी ढाँचा सुरक्षित नहीं रहेगा। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि 'इस युद्ध को रुकना चाहिए और कूटनीतिक समाधान के लिए सभी उचित प्रस्ताव बातचीत की मेज पर मौजूद हैं।'

आगे क्या

यूक्रेन की बढ़ती लंबी दूरी की हमला क्षमता रूस के लिए रणनीतिक दबाव का नया स्रोत बन रही है। यदि टोबोल्स्क हमले की पुष्टि होती है, तो यह यूक्रेन द्वारा अब तक का सबसे गहरा हमला होगा — और रूस के ऊर्जा बुनियादी ढाँचे को कमज़ोर करने की यूक्रेनी रणनीति का विस्तार।

संपादकीय दृष्टिकोण

500 किलोमीटर दूर के लक्ष्य पर दावा, अगर सत्यापित हो, तो यह संघर्ष की भौगोलिक सीमा को नाटकीय रूप से बदल देता है और रूस के ऊर्जा बुनियादी ढाँचे की कमज़ोरी उजागर करता है। ज़ेलेंस्की का एक साथ सैन्य और कूटनीतिक संदेश देना बताता है कि यूक्रेन दबाव बनाए रखते हुए वार्ता की संभावना भी खुली रखना चाहता है — पर शर्तें अपनी।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूक्रेन ने नोवोरोसिस्क पर हमला क्यों किया?
नोवोरोसिस्क काला सागर में रूसी नौसेना का अंतिम प्रमुख ठिकाना माना जाता है, जो मोर्चे से 300 किलोमीटर से अधिक दूर है। यूक्रेन इसे निशाना बनाकर रूस की नौसैनिक क्षमता और आपूर्ति श्रृंखला को कमज़ोर करने की कोशिश कर रहा है।
हमले में किन हथियारों का इस्तेमाल किया गया?
यूक्रेन ने जेट इंजन-चालित 'पालियानित्सिया' ड्रोन, 'नेपच्यून' मिसाइलें और मानवरहित नौसैनिक प्रणालियों का उपयोग किया। राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के अनुसार इन हथियारों ने निर्धारित लक्ष्यों पर सफलतापूर्वक हमला किया।
टोबोल्स्क पर हमले का क्या महत्व है?
साइबेरिया के टोबोल्स्क में स्थित तेल रिफाइनरी यूक्रेन से 2,500 किलोमीटर से अधिक दूर है। यदि यह हमला सत्यापित होता है, तो यह यूक्रेन की अब तक की सबसे लंबी दूरी की सैन्य कार्रवाई होगी और रूस के ऊर्जा बुनियादी ढाँचे को सीधे खतरे में डालती है।
क्या रूस ने इन हमलों की पुष्टि की है?
रिपोर्टों के अनुसार, रूस की ओर से इन हमलों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई। हमलों की पुष्टि केवल यूक्रेनी पक्ष ने की है और स्वतंत्र सत्यापन तत्काल संभव नहीं हो सका।
ज़ेलेंस्की ने कूटनीति पर क्या कहा?
ज़ेलेंस्की ने कहा कि इस युद्ध को रुकना चाहिए और कूटनीतिक समाधान के लिए सभी उचित प्रस्ताव बातचीत की मेज पर मौजूद हैं। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक रूस का आक्रमण जारी रहेगा, उसकी नौसेना और सहायक बुनियादी ढाँचा सुरक्षित नहीं रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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