13 अगस्त 2026
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यूक्रेन का नोवोरोसिस्क पर बड़ा हमला: एडमिरल एसेन-माकारोव फ्रिगेट समेत कई रूसी जहाज निशाने पर

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यूक्रेन का नोवोरोसिस्क पर बड़ा हमला: एडमिरल एसेन-माकारोव फ्रिगेट समेत कई रूसी जहाज निशाने पर

सारांश

यूक्रेन ने काला सागर में रूस के अंतिम प्रमुख नौसैनिक ठिकाने नोवोरोसिस्क पर बड़ा संयुक्त हमला किया — ड्रोन, लंबी दूरी के हथियार और समुद्री ड्रोन एक साथ। ज़ेलेंस्की का दावा है कि एडमिरल एसेन और माकारोव फ्रिगेट समेत कई जहाज क्षतिग्रस्त हुए। रूस की ओर से अभी पुष्टि नहीं।

मुख्य बातें

यूक्रेन की रक्षा सेनाओं ने 13 अगस्त 2026 की रात नोवोरोसिस्क स्थित रूसी नौसैनिक अड्डे पर संयुक्त अभियान चलाया।
राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने अभियान को सफल बताया; एडमिरल एसेन और एडमिरल माकारोव फ्रिगेट, एक लैंडिंग जहाज और एक कॉर्वेट के निशाना बनने का दावा।
पहली बार एक ही अभियान में 'पालियानित्सिया' , 'लॉन्ग नेपच्यून' सहित कई हथियार-तंत्र और 'सार्गान' , 'मामाई' समुद्री ड्रोन एक साथ तैनात।
नोवोरोसिस्क युद्धक्षेत्र से 300 किलोमीटर से अधिक दूर स्थित काला सागर का रूस का अंतिम प्रमुख नौसैनिक ठिकाना माना जाता है।
रूस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं; ज़ेलेंस्की ने रक्षा नेतृत्व के साथ बैठक कर भविष्य की प्राथमिकताएँ तय कीं।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने 13 अगस्त 2026 को घोषणा की कि यूक्रेन की रक्षा सेनाओं ने नोवोरोसिस्क स्थित रूसी नौसैनिक अड्डे पर एक बड़ा संयुक्त अभियान सफलतापूर्वक अंजाम दिया। उन्होंने दावा किया कि इस हमले में रूसी नौसेना के कई प्रमुख जहाजों को निशाना बनाया गया, जिनमें एडमिरल एसेन और एडमिरल माकारोव फ्रिगेट, एक बड़ा लैंडिंग जहाज और एक कॉर्वेट शामिल हैं।

अभियान का स्वरूप और हथियार

ज़ेलेंस्की के अनुसार, यह पहली बार है जब एक ही अभियान में इतने विविध हथियार-तंत्रों का एक साथ उपयोग किया गया। इनमें 'पालियानित्सिया', 'पेक्लो', 'बार्स' और 'लॉन्ग नेपच्यून' लंबी दूरी के हथियार शामिल थे। इसके अलावा 'मिच', 'फायर पॉइंट', 'रामजे', 'सिचेन', 'ट्रस्ट', 'खारियोक', 'बोबर', 'ल्युटी' और 'डोवबुश' ड्रोन भी तैनात किए गए। समुद्री मोर्चे पर 'सार्गान' और 'मामाई' मानव रहित नौकाओं का भी इस्तेमाल किया गया।

गौरतलब है कि नोवोरोसिस्क को काला सागर में रूसी नौसेना का अंतिम प्रमुख ठिकाना माना जाता है, जो युद्धक्षेत्र से 300 किलोमीटर से अधिक की दूरी पर स्थित है। यह ठिकाना रूसी नौसेना की रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

ज़ेलेंस्की का बयान

राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'आज हमारे नोवोरोसिस्क के खिलाफ किए गए अभियान के नतीजों की रिपोर्ट पेश की गई। इसमें हमारे हथियारों और लंबी दूरी की क्षमताओं का संयुक्त इस्तेमाल किया गया। यह एक सफल अभियान रहा।'

उन्होंने अपने सैनिकों की सटीकता और हथियार विकसित करने वाले विशेषज्ञों व निर्माताओं का आभार जताया। ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन अपनी लंबी और मध्यम दूरी की क्षमताओं का उपयोग जारी रखते हुए रूस को शांति की दिशा में प्रेरित करता रहेगा।

सामरिक महत्व और व्यापक संदर्भ

यह अभियान ऐसे समय में हुआ है जब यूक्रेन काला सागर में रूसी नौसैनिक प्रभुत्व को लगातार चुनौती दे रहा है। इससे पहले भी यूक्रेन ने समुद्री ड्रोन के ज़रिए रूसी नौसेना को कई बार क्षति पहुँचाने का दावा किया है। ज़ेलेंस्की ने यह भी कहा कि इस अभियान में रूस के उन ठिकानों को भी निशाना बनाया गया जो युद्ध को वित्तीय सहायता प्रदान करने में भूमिका निभा रहे थे।

यह ऐसे समय में आया है जब रूस-यूक्रेन संघर्ष के तीन वर्षों से अधिक बाद भी युद्धविराम की कोई ठोस संभावना नहीं दिख रही। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के हमले युद्ध की तीव्रता बढ़ा सकते हैं।

रक्षा नेतृत्व की बैठक

ज़ेलेंस्की ने बताया कि अभियान के बाद उन्होंने रक्षा मंत्री, यूक्रेन की सशस्त्र सेनाओं के कमांडर-इन-चीफ, मानव रहित प्रणाली बलों के कमांडर और यूक्रेन की सुरक्षा सेवा के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की, जिसमें निकट भविष्य की प्राथमिकताएँ तय की गईं।

रूस की ओर से इस हमले पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं आई है। आगे के घटनाक्रम पर दुनिया की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यूक्रेन की उस रणनीति का विस्तार है जिसमें वह रूस को उसकी सीमाओं के भीतर दबाव में रखने की कोशिश कर रहा है। काला सागर में रूसी नौसेना को कमज़ोर करना यूक्रेन के लिए अनाज निर्यात मार्गों की सुरक्षा और दक्षिणी मोर्चे पर दबाव घटाने की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। हालाँकि, ज़ेलेंस्की के दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है — युद्धकाल में दोनों पक्षों के दावे अक्सर अतिरंजित होते हैं। असली सवाल यह है कि क्या इस तरह के हमले रूस को वार्ता की मेज़ पर लाने में कारगर होंगे, या ये संघर्ष को और गहरा करेंगे।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूक्रेन ने नोवोरोसिस्क पर हमला क्यों किया?
नोवोरोसिस्क काला सागर में रूसी नौसेना का अंतिम प्रमुख ठिकाना माना जाता है। यूक्रेन का लक्ष्य रूसी नौसैनिक क्षमता को कमज़ोर करना और युद्ध को वित्तीय सहायता देने वाले ठिकानों को नुकसान पहुँचाना था।
इस हमले में कौन-से हथियार इस्तेमाल हुए?
यूक्रेन ने 'पालियानित्सिया', 'पेक्लो', 'बार्स', 'लॉन्ग नेपच्यून' जैसे लंबी दूरी के हथियारों के साथ कई ड्रोन और 'सार्गान' व 'मामाई' मानव रहित समुद्री नौकाओं का एक साथ उपयोग किया। ज़ेलेंस्की के अनुसार यह पहली बार था जब इतने विविध तंत्र एक अभियान में तैनात हुए।
रूस के किन जहाजों को नुकसान पहुँचने का दावा है?
यूक्रेन के अनुसार एडमिरल एसेन और एडमिरल माकारोव फ्रिगेट, एक बड़ा लैंडिंग जहाज और एक कॉर्वेट निशाने पर थे। हालाँकि रूस ने अभी तक इन दावों की न पुष्टि की है, न खंडन।
नोवोरोसिस्क सामरिक दृष्टि से इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
नोवोरोसिस्क काला सागर में रूस का सबसे बड़ा शेष नौसैनिक अड्डा है और युद्धक्षेत्र से 300 किलोमीटर से अधिक दूर होने के कारण अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता था। इस पर सफल हमला रूसी नौसेना की काला सागर में उपस्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
क्या यह हमला रूस-यूक्रेन युद्ध में कोई बड़ा मोड़ है?
यह अभियान यूक्रेन की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें वह रूस को उसकी सीमाओं के भीतर दबाव में रखने की कोशिश कर रहा है। हालाँकि स्वतंत्र पुष्टि के बिना इसे निर्णायक मोड़ कहना जल्दबाज़ी होगी; ज़ेलेंस्की ने कहा है कि यूक्रेन इस तरह के अभियान जारी रखेगा।
राष्ट्र प्रेस
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