विशाखापत्तनम में राजनाथ सिंह ने ‘लार्ज कैविटेशन टनल’ की आधारशिला रखी, आत्मनिर्भरता को मिलेगा नया आयाम

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विशाखापत्तनम में राजनाथ सिंह ने ‘लार्ज कैविटेशन टनल’ की आधारशिला रखी, आत्मनिर्भरता को मिलेगा नया आयाम

सारांश

विशाखापत्तनम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अत्याधुनिक 'लार्ज कैविटेशन टनल' की आधारशिला रखी है। यह परियोजना भारत की नौसैनिक अनुसंधान क्षमताओं को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण साबित होगी। जानें इसके महत्व और भविष्य की संभावनाओं के बारे में।

Key Takeaways

  • लार्ज कैविटेशन टनल का उद्घाटन रक्षा मंत्री ने किया।
  • यह परियोजना आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगी।
  • भारत की नौसैनिक अनुसंधान क्षमताओं में वृद्धि होगी।
  • यह प्रणोदन प्रणालियों के विकास में सहायक होगी।
  • प्रधान मंत्री मोदी के संकल्प का प्रतीक।

विशाखापत्तनम, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को विशाखापत्तनम में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की नौसेना विज्ञान और तकनीकी प्रयोगशाला (एनएसटीएल) में एक अत्याधुनिक 'लार्ज कैविटेशन टनल' (एलसीटी) सुविधा की आधारशिला रखी। एक अधिकारी ने इस बारे में जानकारी दी।

आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह सुविधा भारत की नौसैनिक अनुसंधान और परीक्षण क्षमताओं को काफी बढ़ाएगी, जो तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

एनएसटीएल में वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि इस पहल के जरिए भारत अपने संसाधनों का उपयोग करते हुए अपने उपकरणों, प्रणालियों और उप-प्रणालियों को स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित और उनका परीक्षण करने में सक्षम होगा, जिससे वह एक मजबूत नौसैनिक शक्ति के रूप में स्थापित हो सकेगा।

उन्होंने कहा, "अभी तक उपकरणों, प्रणालियों और उप-प्रणालियों को सफलतापूर्वक विकसित करने के बावजूद हमें अक्सर महत्वपूर्ण परीक्षणों के लिए विदेश पर निर्भर रहना पड़ता था। अब यह स्थिति बदलने जा रही है।"

राजनाथ सिंह ने कहा कि यह सुविधा केवल एक बुनियादी ढांचा परियोजना नहीं है, बल्कि यह एक सक्षम प्रणाली है, जो प्रणोदन प्रणालियों को आगे बढ़ाने में हमारी क्षमताओं को मजबूत करेगी, शोर कम करने पर केंद्रित प्रयासों को सक्षम बनाएगी, और 'स्टेल्थ' क्षमताओं को और बढ़ाएगी।

उन्होंने कहा, "यह पनडुब्बियों और जहाजों के डिजाइन और विकास के लिए एक मूलभूत आधार के रूप में काम करेगा, जो नौसेना इंजीनियरिंग और समुद्री रक्षा प्रणालियों में भविष्य की प्रगति का समर्थन करेगा।"

राजनाथ सिंह ने इस परियोजना को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प की सफलता का प्रतीक कहा।

अपनी यात्रा के दौरान, रक्षा मंत्री को रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत द्वारा एनएसटीएल की परियोजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी दी गई।

उन्होंने 'सीकीपिंग एंड मैन्यूवरिंग बेसिन' का दौरा किया, जहां उन्होंने उन्नत पानी के नीचे की प्रणालियों का एक प्रभावशाली प्रदर्शन देखा, जिसमें टॉरपीडो, नौसैनिक माइन, डिकॉय और ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल (एयूवी) शामिल थे।

मैन-पोर्टेबल एयूवी के समूह के लाइव प्रदर्शन ने स्वायत्त समुद्री अभियानों और अगली पीढ़ी की पानी के नीचे की युद्ध तकनीकों में भारत की बढ़ती क्षमता को प्रदर्शित किया।

बयान में कहा गया है कि रक्षा मंत्री ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद 'नेवल सिस्टम्स मैटेरियल्स क्लस्टर लैब्स' द्वारा विकसित किए गए कुछ महत्वपूर्ण उत्पादों का भी निरीक्षण किया।

Point of View

NationPress
04/04/2026

Frequently Asked Questions

लार्ज कैविटेशन टनल क्या है?
यह एक अत्याधुनिक परीक्षण सुविधा है जो नौसैनिक प्रणोदन प्रणालियों के परीक्षण में मदद करेगी।
इस परियोजना का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य भारत की नौसैनिक अनुसंधान और परीक्षण क्षमताओं को बढ़ाना है।
राजनाथ सिंह ने इस परियोजना को क्यों महत्व दिया?
उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प की सफलता का प्रतीक बताया।
इस टनल से क्या लाभ होगा?
यह भारत को अपने उपकरणों और प्रणालियों का स्वदेशी विकास करने में सक्षम बनाएगी।
इसका उद्घाटन कब हुआ?
यह उद्घाटन 3 अप्रैल को किया गया।
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