क्या संसदीय स्थायी समिति ने रक्षा पर एनएसटीएल, विशाखापत्तनम का दौरा किया?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या संसदीय स्थायी समिति ने रक्षा पर एनएसटीएल, विशाखापत्तनम का दौरा किया?

सारांश

संसदीय स्थायी समिति ने हाल ही में एनएसटीएल, विशाखापत्तनम का दौरा किया। इस दौरे का उद्देश्य भारतीय नौसेना की पानी के नीचे की क्षमताओं का विकास और डीआरडीओ के अनुसंधान कार्यों की समीक्षा करना था। यह यात्रा स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुई।

मुख्य बातें

एनएसटीएल का दौरा भारतीय नौसेना की क्षमता में वृद्धि करता है।
स्वदेशी तकनीकों का विकास और अनुसंधान महत्वपूर्ण हैं।
डीआरडीओ के प्रयासों की सराहना की गई।
समुद्री सुरक्षा के लिए रक्षा में अनुसंधान का महत्व है।

नई दिल्ली/विशाखापत्तनम, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। रक्षा पर संसदीय स्थायी समिति ने मंगलवार को राधा मोहन सिंह की अध्यक्षता में नौसेना विज्ञान और प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला (एनएसटीएल), विशाखापत्तनम का दौरा किया। यह दौरा भारतीय नौसेना की पानी के नीचे की क्षमताओं को मजबूत करने वाली स्वदेशी प्रौद्योगिकियों और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के प्रयासों की समीक्षा के लिए महत्वपूर्ण था।

समिति ने एनएसटीएल द्वारा विकसित विभिन्न उन्नत उत्पादों का निरीक्षण किया। इनमें टॉरपीडो जैसे एएलडब्ल्यूटी (एडवांस्ड लाइटवेट टॉरपीडो), वरुणस्त्र और ईएचडब्ल्यूटी (एक्सटेंडेड हेवीवेट टॉरपीडो), माइंस (एमआईजीएम और पीबीजीएम), डेकोय सिस्टम (एसएफडी, टॉर्बस्टर), स्मार्ट (सुपरसोनिक मिसाइल असिस्टेड रिलीज ऑफ टॉरपीडो), एचईएयूवी (हाई एंड्योरेंस ऑटोनॉमस अंडरवॉटर व्हीकल), स्वार्म (स्वायत्त वाहनों का समूह), पानी के नीचे के सिस्टम, वाहन और अन्य संबंधित पानी के नीचे की हथियार प्रौद्योगिकियां शामिल थीं।

दौरे के दौरान समिति ने सी-कीपिंग और मैन्यूवरिंग बेसिन परीक्षण सुविधा में एक जहाज के स्केल-डाउन मॉडल पर हाइड्रो-डायनामिक परीक्षण का लाइव प्रदर्शन देखा। यह सुविधा जहाजों और पानी के नीचे के प्लेटफॉर्म की गतिशीलता और प्रदर्शन का परीक्षण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय नौसेना की आवश्यकताओं को पूरा करने वाले पानी के नीचे के प्लेटफॉर्म, हथियारों और प्रौद्योगिकियों के विकास में एनएसटीएल के अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) प्रयासों की खुलकर सराहना की।

रक्षा आरएंडडी विभाग के सचिव एवं डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत, डीजी (नौसेना सिस्टम और सामग्री) डॉ. आर.वी. हारा प्रसाद और एनएसटीएल के निदेशक डॉ. अब्राहम वर्गीस ने संसद सदस्यों, लोकसभा सचिवालय और रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों सहित प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया।

एनएसटीएल के निदेशक ने समिति को प्रयोगशाला में चल रही आरएंडडी गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी, जिसमें उद्योग और शिक्षा जगत के साथ सहयोग भी शामिल है। उन्होंने लैब के भविष्य के प्रौद्योगिकी रोडमैप पर भी प्रकाश डाला, जिसमें समुद्री डोमेन जागरूकता (मैरिटाइम डोमेन अवेयरनेस) और पानी के नीचे डोमेन जागरूकता (अंडरवॉटर डोमेन अवेयरनेस) जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में आगे के विकास शामिल हैं। समिति ने इन प्रयासों की विशेष रूप से सराहना की, क्योंकि ये क्षेत्र भारत की समुद्री सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

समिति ने स्वदेशी तकनीकों और अनुसंधान कार्यों के विकास को बढ़ावा दिया है, जो देश की समुद्री सुरक्षा को सुनिश्चित करने में मदद करेगा। यह कदम न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि भारतीय रक्षा उद्योग को भी आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनएसटीएल का क्या महत्व है?
एनएसटीएल का महत्व भारतीय नौसेना की पानी के नीचे की क्षमताओं को बढ़ाने में है। यह स्वदेशी प्रौद्योगिकियों का विकास करता है जो राष्ट्रीय सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारतीय नौसेना की पानी के नीचे की क्षमताओं को मजबूत करना और डीआरडीओ के अनुसंधान कार्यों की समीक्षा करना था।
राष्ट्र प्रेस